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VIDEO: साइबर सुरक्षा: गोरखपुर में साइबर युद्ध से लड़ना सीख रहे अफसर

गोरखपुर में साइबर युद्ध लड़ना सीख रहे अफसर

दुनिया 5 जी तकनीक के लिए तैयार हो रही है। पांचवी पीढ़ी के इस मोबाइल नेटवर्क में बड़े पैमाने पर डेटा का आदान-प्रदान किया जा सकता है। कहा जा रहा है कि रफ्तार के मामले में 5 जी, दुनिया को जमीन से आसमान पर लेकर जाएगा। मशीनें आपस में बात करेंगी। फैसले भी लेंगी। इतनी तेज रफ्तार से जहां इंसानी जिंदगी में तकनीक का दखल काफी बढ़ जाएगा वहीं डेटा चोरी और साइबर हमले का खतरा भी कई गुणा बढ़ जाएगा। राष्ट्रीय इलेक्ट्रिानिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (नाइलेट) में सरकारी अफसरों और कर्मचारियों को ऐसे तमाम खतरों से निपटने के लिए तैयार किया जा रहा है।

‘नेशनल रिसर्च सेंटर फॉर गर्वनमेंट आफिशियल ट्रेनिंग के तहत अब तक देश में 7500, गोरखपुर सेंटर पर 520 अफसरों-कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। इस साल गर्मी की छुट्टियों में आर्टिफिशियल इंटिलिजेंस के नए पाठ्यक्रम में मशीन लर्निंग की प्रोग्रामिंग भाषा पाइथन भी सिखाई गई। इंटरनेट रफ्तार में तेजी और आर्टिफिशियल इंटिलिजेंस के इंसानी जिंदगी में बढ़ते दखल के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर नई चुनौतियां खड़ी हो रही हैं। नाइलेट गोरखपुर के निदेशक डॉ. एकेडी द्विवेदी बताते हैं, ‘साइबर युग में बिना एक गोली चलाए देशों के बीच युद्ध लड़े और जीते जा सकते हैं। नाइलेट गोरखपुर ने वर्चुअल प्रयोगशाला विकसित की है जिसमें कृत्रिम साइबर हमले किए भी जाते हैं और उनसे निपटने के उपाय भी किए जाते हैं। चेन्नई, अगरतला, कालीकट, जम्मू, औरंगाबाद, पटना में स्थित नाइलेट सेंटर और करीब 13 संस्थानों में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे प्रतिभागी भी इस वर्चुअल लैब का इस्तेमाल करते रहते हैं।

ईरान पर अमरीका के साइबर अटैक पर बोले छात्र : पिछले दिनों ईरान की हथियार प्रणालियों पर अमरीका ने साइबर अटैक किया तो नाइलेट सेंटर के छात्रों-शिक्षकों के बीच इस पर खूब चर्चा हुई। प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे आईटीएम गीडा के बीटेक छात्र पंकज ने कहा कि ‘देशों की सीमाओं की तरह डेटा की सुरक्षा भी बहुत बड़ा क्षेत्र बन गया है। इस क्षेत्र में सम्भावनाओं के कई नए द्वार खुल रहे हैं। इसी वजह से वह भी यह प्रशिक्षण ले रहे हैं। डॉ. एकेडी द्विवेदी बताते हैं, ‘वर्चुअल लैब में छात्रों को अलग-अलग तरह की काल्पनिक परिस्थितियां दी जाती हैं। साइबर हमले की इन परिस्थितियों को कम्प्यूटर पर बने कृत्रिम कम्प्यूटरों पर ही आजमाया जाता है। वर्चुअल कम्प्यूटर रोज बनते और ध्वस्त होते हैं।

5 जी में सबसे आगे होने का चीन का दावा

5 जी तकनीक के मामले में चीन सबसे आगे निकलने का दावा कर रहा है। 5 जी अगली पीढ़ी की सेल्यूलर प्रौद्योगिकी है जो 4 जी की तुलना में 10 से 100 गुणा तेज रफ्तार देता है। चीन की हुआवे कम्पनी इस क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रही है लेकिन इसे लेकर अमरीका सहित दुनिया के कई देश साइबर सुरक्षा की चिंता भी जता रहे हैं। डॉ .द्विवेदी ने बताया कि साइबर सुरक्षा में विदेशों से खरीदे जाने वाले इलेक्ट्रानिक उपकरणों में स्पाईवेयरों के इनबिल्ट होने की आशंका बड़ा मुद्दा रहती है। कम्प्यूटर हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर और मोबाइल की सिक्योरिटी ऑडिट के जरिए ऐसे स्पाईवेयरों की पहचान कर उन्हें रोका जा सकता है। भारत सहित दुनिया के तमाम देश इसे लेकर पहले से सतर्क हैं। 5 जी तकनीक के साथ ही इस सतर्कता को और बढ़ाने की आवश्कता होगी क्योंकि तब तेज रफ्तार बड़ी तेजी से डेटा के चोरी हो जाने का खतरा पैदा कर देगी।

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  • Web Title:Learned to fight against cyber war in Gorakhpur