DA Image
हिंदी न्यूज़ › उत्तर प्रदेश › गोरखपुर › दो दर्जन स्थानों पर बंधों में रिसाव, दहशत में ग्रामीण
गोरखपुर

दो दर्जन स्थानों पर बंधों में रिसाव, दहशत में ग्रामीण

हिन्दुस्तान टीम,गोरखपुरPublished By: Newswrap
Wed, 01 Sep 2021 04:41 AM
गोरखपुर। मुख्य संवाददाता
 खतरे के निशान से काफी ऊपर बह रही राप्ती-रोहिन, सरयू और...
1 / 2गोरखपुर। मुख्य संवाददाता खतरे के निशान से काफी ऊपर बह रही राप्ती-रोहिन, सरयू और...
गोरखपुर। मुख्य संवाददाता
 खतरे के निशान से काफी ऊपर बह रही राप्ती-रोहिन, सरयू और...
2 / 2गोरखपुर। मुख्य संवाददाता खतरे के निशान से काफी ऊपर बह रही राप्ती-रोहिन, सरयू और...

गोरखपुर। मुख्य संवाददाता

खतरे के निशान से काफी ऊपर बह रही राप्ती-रोहिन, सरयू और गोर्रा के साथ कुआनो और आमी नदी जिले में तबाही मचा रही है। नदियों में उफान की वजह से जहां गोरखपुर-सोनौली और गोरखपुर-वाराणसी मार्ग पर दबाव बढ़ गया है। दो दर्जन से अधिक स्थानों पर बंधों में रिसाव शुरू हो गया है जिससे ग्रामीणों में दहशत है।

राप्ती, रोहिन, सरयू और गोर्रान नदी खतरे के निशान से काफी ऊपर बह रही है। कुआनो और आमी नदी का पानी भी तेजी से बढ़ रहा है। नदियों में आई बाढ़ की वजह से 200 से अधिक गांव प्रभावित हो गए हैं। रोहिन नदी का पानी मंगलवार को गोरखपुर-सोनौली राष्ट्रीय राजमार्ग पर जंगल कौड़िया के समीप एसबीएम स्कूल के सामने चढ़ गया है। नदी और बढ़ी तो राष्ट्रीय राजमार्ग को पार कर बहने लगेगी। गोरखपुर-वाराणसी फोरलेन पर कसिहार के आगे आमी और राप्ती का पानी भी सड़क पार करने को बेताब है। पानी और बढ़ा तो इस मार्ग पर आवागमन प्रभावित हो जाएगा।

राप्ती नदी का पानी पीपीगंज क्षेत्र के मखनहा बांध पर दबाव बनाए हुए है जिससे करमैनीघाट-पनघटिया बांध का हाल डरावना हो गया है। इस बांध पर सहतौला, तालबंजरहा, रामकोला, नकेली, सोनौरा, गायघाट गांव के समीप रिसाव हो रहा है। खोराबार विकास खंड लहसड़ी बांध पर राप्ती नदी का दबाव बढ़ गया है जिससे रिसाव शुरू हो गया है। आसपास के लोगों में दहशत है। बड़हलगंज इलाके में डुमरी-गोपलामार तटबंध पर रिसाव रहा है। तटबंध को बचाने के लिए ग्रामीणों द्वारा बोरी में मिट्टी भरकर रखा जा रहा है।

ब्रह्मपुर ब्लाक में बंधों पर रिसाव से दहशत

ब्रह्मपुर। राप्ती और गोर्रा नदी तथा फरेन नाला में आई उफानकी वजह से तकरीबन 30 बर्षो जर्जर बंधों में कई स्थानों पर रिसाव हो रहा है। ब्रह्मपुर क्षेत्र में 63 ग्राम पंचायतें गार्रा-राप्ती और फरेन नाले की विभीषिका झेलती आ रही हैं। इस क्षेत्र में 80 किमी लंबा बांध है। राप्ती-गोर्रा में आई बाढ़ की वजह से रोहा, सिहोंरवा, गोपालपुर, कुटिया, बोहाबार, महुअरकोल, हरपुर, दुबौली आदि स्थानों पर बंधों में रिसाव हो रहा है। रिसाव की सूचना पर उप जिलाधिकारी चौरीचौरा अनुपम मिश्र ने अन्य जिम्मेदार विभागों के अधिकारियों के साथ रिसाव बंद कराने के लिए हर सम्भव कोशिश कर रहे हैं।

रोहिन नदी के मखनहा बांध पर सात जगह रिसाव

पीपीगंज। राप्ती नदी के तट पर स्थित 11 किमी लम्बे मखनहा बांध में सात स्थानों पर तेज रिसाव हो रहा है। ग्रामीण और सिचाई विभाग के अधिकारी-कर्मचारी रिसाव बंद कराने में लगे हुए हैं। मखनहा ग्राम सभा के टोला अगहियवा, रबेलिया, घोलहवा, मखनहा, झगरहा आदि स्थानों पर रिसाव हो रहा है। इन गावों के लोगों का कहना है कि 17 बर्षों से इस बांध पर कोई मरम्मत कार्य नही हुआ है।

कछारांचल के दर्जनों गांवों में घुसा बाढ़ का पानी

गोरखपुर। सरयू नदी के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हो रही है जिसके कारण डुमरी-गोपलामार तटबंध में रिसाव हो रहा है। तटबंध में हो रहे रिसाव को रोकने के लिए ग्रामीणों द्वारा बोरियों में मिट्टी भरकर तटबंध के किनारे रखा जा रहा है। ग्रामीणों के बीच दहशत है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पानी और बढ़ा तो रामनगर, डुमरी, गोपलमार, छपिया उमराव की सैकड़ों एकड़ लहलहाती फसलें तो बर्वाद होंगी ही आधा दर्जन गांव भी जलमग्न हो जाएगा।

बेलीपार इलाके में ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन

बेलीपार। गोरखपुर-वाराणसी राष्ट्रीय राजमार्ग पर रिसाव होने के कारण डरे-सहमें ग्रामीणों ने जाम लगा दिया। प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जाम खुलवाया। पीडब्ल्यूडी का कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा जिससे ग्रामीण आक्रोशित हो गए। हालांकि एसएचओ बेलीपार नीरज कुमार राय और गांव के प्रधान उमेश निषाद ने लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया। ग्रामीणों ने जहां से रिसाव हो रहा था वहां मिट्टी डालनी शुरू कर दी हे। मारवड़िया कुआं चौराहा से लेकर के महोब बंधे तक लगातार रिसाव होने से ग्रामीण दहशत में हैँ।

पशुओं के चारे के लिए हो रही है दिक्कत

पाली। पाली क्षेत्र मे राप्ती के लगातार जलस्तर के बढने के कारण सिसई रामजानकी मन्दिर के पास एवं टिकरिया गांव के पास बंधे पर दबाव बढ़ गया है। नदी के पानी से भक्सा, रीठिना, मटियारी व कुस्महाकला गांव घिरे हुए हैं। डीएम के आदेश के बाद मटियारी व टोला कुस्महाकला मे पशुओं के लिए भूसे की व्यवस्था कराकर मंगलवार को पशुपालकों को दिया गया। सिसई व भक्सा के पशुपालक को भूसा ना मिलके के कारण पशुओं को खिलाने मे परेशानी हो रही है।

बंधे पर शरण लेने लगे मिरहिरिया रिगौली के ग्रामीण

जंगल कौड़िया। राप्ती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से गेरूई रेगुलर से नदी का पानी सरूआताल में गिराया जा रहा है। महराजगंज जनपद से नदियों का पानी सरुआताल में आ रहा है। सरुआताल के ऊफान से ककटही, मूसाबार, मिरिहिरिया, गोपलापुर, रिगौली, खजूरगांवा, बहबोलिया, पचमा, बरईपार, भैंसला सहित दर्जनों गांवों में बाढ़ के पानी से तबाही मचनी शुरू हो गयी है।

राजधानी सिलहटा और बरही बांध में रिसाव से हड़कंप

चौरीचौरा। नदियों का जलस्तर बढ़ने से खतरा मंडराने लगा है। मंगलवार को गोर्रा नदी के राजधानी सिलहटा बंधे पर जंगल गौरी नम्बर एक गांव के पास एक साथ तीन जगह और बसुही में एक जगह और राप्ती नदी के बरही पाथ बांध पर रोहा में रिसाव शुरू हो गया। इससे ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। हालांकि बाढ़ खंडे के अधिकारी रिसाव को रोकने में जुट गए हैं।

उनवल मुख्य मार्ग पर चढ़ा बाढ़ का पानी

खजनी। बाढ़ का पानी वर्षों बाद उनवल-बाघागाढ़ा मुख्य मार्ग पर दो जगह लगभग एक फीट ऊपर से बह रहा है। उनवल पुल के पास व जरलही प्राथमिक विद्यालय के पास सड़क पर पानी आ गया है। स्थानीय लोगो ने बताया कि यह 1998 के बाद दूसरी बार इस तरह का संकट आया है।

संबंधित खबरें