DA Image
1 जुलाई, 2020|1:26|IST

अगली स्टोरी

एक साल में 50 फीसदी बढ़ीं गीडा में जमीन की कीमतें

एक साल में 50 फीसदी बढ़ीं गीडा में जमीन की कीमतें

अपर जिलाधिकारी राजेश कुमार के नेतृत्व में मंगलवार को इंडस्ट्रीयल एरिया में उद्योग भवन में उद्योग बंधु की बैठक हुई। पहली बार डीएम कार्यालय के बाहर हुई बैठक में उद्योगों और उद्यमियों की समस्याओं को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में चैंबर ऑफ इंस्डस्ट्रीज के पदाधिकारियों ने एक साल में गीडा की जमीनों की कीमतों में हुई बढ़ोतरी को लेकर नाराजगी जताई। उद्यमियों ने कहा कि साल भर में गीडा में औद्योगिक जमीन की कीमतें 50 फीसदी तक बढ़ी हैं तो वहीं गीडा सीईओ ने इसे खारिज करते हुए कहा कि जमीन की कीमतें नियम और मानकों के आधार पर ही बढ़ी हैं।

बैठक शुरू होते ही उद्यमियों ने गीडा में बढ़ी जमीन की कीमतों का मुद्दा उठाया। चैंबर के अध्यक्ष विष्णु अजीत सरिया ने कहा कि पिछले एक साल में गीडा में जमीन की कीमतें 50 फीसदी तक बढ़ी हैं। पिछले वर्ष के शुरुआत में गीडा में जमीन की कीमतें 4400 रुपये प्रति वर्ग मीटर थी। जो वर्तमान में 6800 रुपये वर्ग मीटर हो गई हैं। चैंबर के पूर्व अध्यक्ष एसके अग्रवाल ने कहा कि गुजरात, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र में भी गोरखपुर से सस्ती जमीनें हैं। यहां के उद्यमी आधी कीमत में जमीन खरीद कर उद्योग लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि फैक्ट्री लगाने में जमीन की कीमत प्रोजेक्ट कास्ट का 10 फीसदी से अधिक नहीं होना चाहिए। यहां 40 से 50 फीसदी कास्ट जमीन की खरीद में ही लग जा रही है।

इसपर गीडा के डिप्टी सीईओ एके सिंह ने कहा कि गीडा में जमीन की कीमतें मानक के आधार पर ही बढ़ी हैं। इसके बाद उद्यमियों ने कहा कि महंगी जमीन से गीडा में री-सेल का गोरखधंधा पनप रहा है। जिसपर गीडा सीईओ ने कहा कि इसपर अंकुश लगाया जाएगा। इसके बाद उद्यमियों ने फोरलेन निर्माण के चलते इंडस्ट्रियल एरिया और इस्टेट में हो रही कटौती का मुद्दा उठा। जिसपर बिजली निगम के एक्सईन ने भरोसा दिया कि बिजली कटौती इस तरह की जाएंगी की सभी शिफ्ट प्रभावित नहीं हों। इस दौरान इंडस्ट्रियल एरिया में मूलभूत सुविधाओं का भी मुद्दा उठाया गया। नगर निगम के किसी जिम्मेदार की मौजूदगी नहीं होने पर एडीएम ने नाराजगी भी जताई। बैठक में बाद अधिकारियों ने महिलाओं के स्व-रोजगार के प्रयास को देखा। बैठक में चैंबर ऑफ इंडस्ट्री के अध्यक्ष विष्णु अजीत सरिया, पूर्व अध्यक्ष एसके अग्रवाल, आलोक अग्रवाल, सुमीत कक्कड, उमेश छापड़िया, आदित्य जायसवाल आदि उपस्थित रहे।

उद्यमी को नहीं मिला लोन

बैठक में उद्यमी रितेश अग्रवाल को लोन नहीं मिलने का मुद्दा भी उठा। उद्यमी ने बताया कि प्लास्टिक की फैक्ट्री बैन के चलते बंद हो गई। बैंक का लोन दूसरी जमीन बेचकर अदा की गई। इसके बाद भी बैंक ने डिफाल्टर की श्रेणी में डाल दिया है। जिसके बाद लीड बैंक के मैनेजर ने आश्वासन दिया कि लोन मिले इसे सुनिश्चित किया जाएगा।

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:Land prices rise by 50 percent in a year