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मजदूर मांग रहा था स्कूल प्रबंधक से रंगदारी, ऐसे हुआ अरेस्‍ट

मजदूर मांग रहा था स्कूल प्रबंधक से रंगदारी, ऐसे हुआ अरेस्‍ट

स्कूल के प्रबंधक जीयुत बंधन से दस लाख रुपये की रंगदारी उन्हीं के गांव का एक मजदूर मांग रहा था। गोंडा में प्लाई फैक्ट्री में काम करने वाला मजदूर पिछले दो महीने से घर पर था जल्दी अमीर बनने के चक्कर में उसने रंगदारी से वसूली की प्लानिंग की थी पर सर्विलांस के जरिये वह पुलिस के हत्थे चढ़ गया।

एसपी नार्थ अरविंद पाण्डेय और सीओ चौरीचौरा सुमित शुक्ला ने घटना का खुलासा करते हुए बताया कि झंगहा थाना क्षेत्र के ब्रम्हपुर निवासी स्कूल प्रबंधक जीयुत बंधन से दस लाख रुपये की रंगदारी मांगी जा रही थी। रंगदारी के मामले में पहले ही बड़े बेटे को खो चुके स्कूल प्रबंधक ने पुलिस में शिकायत की। पुलिस ने सर्विलांस की मदद से जांच शुरू की तो उन्हीं के गांव का रहने वाला विनय निषाद नामक युवक पकड़ा गया। उसने रंगदारी मांगने की बात कबूल की, बताया कि जल्दी अमीर बनने के चक्कर में वह इस तरह की हरकत कर बैठा।

क्राइम पेट्रोल से सीखा था रंगदारी का तरीका

विनय ने बताया कि वह गोंडा में एक प्लाई की फैक्ट्री में मजदूरी करता था। दो महीने पहले गांव आया था। मजदूरी में 250 रुपये ही मिलता था। वह ज्यादा पैसा कमाना चाहता था। इसके लिए उसने गांव के ही जीयुत बंधन से रंगदारी मांगने की योजना बनाई। पर उनका नम्बर उसके पास नहीं था। एक दिन उनके स्कूल के बस पर प्रबंधक का नम्बर लिखा मिला तो उसी नम्बर पर रंगदारी मांगने के लिए एसएमएस करना शुरू कर दिया। रंगदारी कैसे मांगी जाती है दो साल पहले क्राइम पेट्रोल में उसने देखा था। आवाज पहचानने या फिर फोन रिकाडिंग की डर से उसने फोन नहीं किया बल्कि एसएमएस भेजने का तरीका अपनाया था।

डर के मारे पैसा दे देंगे जीयुत बंधन

विनय को पता था कि जीयुत बंधन का बड़ा बेटा वीनित रंगदारी के चक्कर में ही वर्ष 2014 में मारा गया था। रंगदारी मांग रहे बदमाशों ने उसकी हत्या कर दी थी। यही वजह थी कि वह पुलिस के पास नहीं जाएंगे और दूसरे बेटे के खोने के डर से पैसा दे देंगे। पर जीयुत बंधन ने पुलिस को सूचना दे दी। बड़े बेटे की हत्या हो चुकी थी लिहाजा पुलिस ने भी इसे गंभीरता से लिया। पहले तो उन बदमाशों को पुलिस ने टार्गेट पर लिया जिनका बेटे की हत्या में नाम सामने आया था बाद में सर्विलांस और कॉल डिटेल की मदद से विनय तक पुलिस पहुंची।

25 तक की मोहलत, पैसा इंतजाम कर लो प्रबंधक साहब

पुलिस के मुताबिक 16 मई से 22 मई के बीच उसने कुल आठ बार जीयुत बंधन के पास रंगदारी के लिए एसएमएस किया था। उसने अपने एसएमएस के जरिये पुराने जख्म को हरा कर उनके अंदर डर पैदा करने की पूरी कोशिश की थी। उसने रकम के इंतजाम के लिए 25 मई तक का समय दिया था, पुलिस ने उससे पहले उसे दबोच लिया।

कुछ इस तरह का था एसएमएस

वीपिन (बड़ा बेटा) की हालत देखा था न, सचिन (छोटा बेटा) की भी वही हालत हो जाए तो यह पैसा किस काम का। सचिन को हम बम से उड़ा देंगे, सचिन कहां रहता है हम जानते हैं। पुलिस को फोन मत करना, दस लाख रुपये का इंतजाम करो, 25 मई तक रुपये के इंतजाम करने का मोहलत देते हैं, माने नहीं पुलिस को भी बता दिए, अब बेटे का क्या होगा, मोहलत पर पैसे का इंतजाम करों नहीं तो छोटे बेटे को भी खो दोगे।

ऐसे पकड़ में आया विनय

पुलिस ने जब रंगदारी वाले नम्बर काल डिटेल निकलवाया तो उसी गांव के विकास नामक युवक के नाम से वह सिम एलाट मिला। पुलिस ने विकास को उठाया तो उसने बताया कि उसका मोबाइल गायब हो गया था। विकास ने अपना सिमाकार्ड नहीं लिया था जबकि गांव के विनय ने उस नम्बर का सिम ले लिया था और उसी नम्बर से रंगदारी मांग रहा था। पुलिस ने विनय को गिरफ्तार किया तो यह खुलासा हुआ।

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