एफपीओ सशक्तिकरण, सिंचाई योजना और पशु औषधि केंद्र पर जोर
Gorakhpur News - गोरखपुर। मुख्य संवाददाता। किसान दिवस बैठक में कृषि और पशुपालन को बढ़ावा देने के
गोरखपुर। मुख्य संवाददाता। किसान दिवस बैठक में कृषि और पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बुधवार को मुख्य विकास अधिकारी सभागार में हुई बैठक में एफपीओ को सशक्त बनाने, ड्रिप व स्प्रिंकलर सिंचाई पर 90 प्रतिशत अनुदान उपलब्ध कराने, महिला किसानों की भागीदारी बढ़ाने और पशुपालकों को सस्ती दवाएं उपलब्ध कराने के लिए पशु औषधि केंद्र स्थापित करने पर सहमति बनी। अधिकारियों ने आधुनिक खेती, वैल्यू एडिशन और अनुदान योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार चलाने का भी निर्णय लिया। बुधवार को कार्यकारी मुख्य विकास अधिकारी सतीश कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में करीब 65 किसानों ने प्रतिभाग कर कृषि एवं पशुपालन से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम में अधिकारियों ने एफपीओ गठन, अनुदान योजनाओं, आधुनिक तकनीक और पशु स्वास्थ्य सेवाओं पर विस्तार से चर्चा की। जिला कृषि अधिकारी देवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि किसान उत्पादक संगठनों को खाद, बीज और कृषि रक्षा लाइसेंस दिलाने की प्रक्रिया सरल की जा रही है। साथ ही कृषि डिप्लोमा के लिए प्रशिक्षण की जानकारी दी गई। ड्रैगन फ्रूट की खेती के लिए दिए गए निशुल्क पौधे जिला उद्यान अधिकारी पारस नाथ ने बताया कि ड्रैगन फ्रूट की खेती के लिए पौधे पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर निशुल्क पौधे दिए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत ड्रिप व स्प्रिंकलर प्रणाली पर 90 प्रतिशत तक अनुदान उपलब्ध है, जबकि 200 वर्गफुट के मशरूम यूनिट पर एक लाख रुपये तक की सहायता मिलेगी। खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों में सोलर आधारित अवसंरचना पर महिलाओं को 90 प्रतिशत तक अनुदान का प्रावधान है। उप कृषि निदेशक धनंजय सिंह ने महिला संचालित एफपीओ और अनुसूचित जाति/जनजाति की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया। काला नमक धान, सूरजमुखी, मिलेट्स, दलहन व तिलहन फसलों के उत्पादन और वैल्यू एडिशन को प्रोत्साहित करने की अपील की गई। मुख्य पशुचिकित्साधिकारी ने मोबाइल वेटेनरी सेवाओं, सेक्स-सॉर्टेड सीमेन और उच्च नस्ल की 10 गायों की इकाई पर 50 प्रतिशत अनुदान की जानकारी दी। जन औषधि की तर्ज पर खोलें पशु औषधि केंद्र मुख्यमंत्री स्वदेशी गो संवर्धन योजना के तहत गीर व साहीवाल नस्ल की दो गायों पर अधिकतम 80 हजार रुपये (40 फीसदी) अनुदान दिया जाएगा। बैठक में कृषि विज्ञान केंद्र बेलीपार और चौकमाफी के विशेषज्ञों ने फसल रोग प्रबंधन, डेयरी स्वच्छता तथा गेंदा व ग्लैडियोलस की खेती से आय बढ़ाने के सुझाव दिए। साथ ही प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र की तर्ज पर पशु औषधि केंद्र खोलने की जानकारी दी गई। जहां सस्ती व गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध होंगी। इच्छुक आवेदक डीएएचडी पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
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