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कानपुर के जमानतदार ने भी वापस ली यूक्रेनी मॉडल की जमानत

अवैध तरीके से भारत में प्रवेश करने वाली यूक्रेनी मॉडल डारिया मोलचन की जमानत कानपुर के जमानतदारों ने भी वापस ले ली है। इसके साथ ही डारिया का जेल से बाहर निकलना कठिन होता जा रहा है। जमानत मिलने के बाद भी विदेशी मॉडल को जमानतदार नहीं मिल रहे हैं जो मिल रहे हैं वे वेरीफिकेशन के बाद जमानत वापस ले ले रहे हैं। इससे पहले बड़हलगंज के दो सगे भाइयों ने जमानत वापस ले ली थी। 

यूक्रेनी माडल का मायाजाल
बड़हलगंज के दो भाइयों के जमानत वापस लेने पर कानपुर के मिले थे जमानतदार
भारत में अवैध तरीके से घुसपैठ के मामले में पकड़ी गई है यूक्रेनी मॉडल डारिया मोलचन 
गोरखपुर जेल में है बंद, हाईकोर्ट से मिल चुका है जमानत, पर नहीं मिल रहे जमानतदार 

यूक्रेनी मॉडल डारिया मोलचन को हाईकोर्ट से सशर्त जमानत मिली है। उसके बाद बड़हलगंज क्षेत्र के रहने वाले दो सगे भाइयों ने  उसकी जमानत ली थी। कोर्ट के निर्देश पर पुलिस ने जमानतदारों का सत्यापन कराने के लिए भेजा। बड़हलगंज पुलिस ने सत्यापन के दौरान जमानतदारों से इस संबंध में बातचीत  की। वे कौन लोग हैं, क्या करते हैं, कभी विदेश गए है या नहीं, यूक्रेनी माडल को कैसे जानते हैं, तारीख पर उसे कैसे पेश कराएंगे। इस संबंध में बातचीत की। पुलिस ने जमानतदारों के बातचीत की वीडियो रिकार्डिग की थी। जिसके बाद कचहरी पहुंचे जमानतदारों ने प्रार्थना पत्र देकर निजी कारणों से डारिया का जमानत लेने से इन्कार कर दिया। सीजेएम कृष्ण कुमार सिंह ने आवेदन स्वीकृत कर लिया है। उसके बाद कानपुर के दो जमानतदार सामने आए। उनका पुलिस वेरीफिकेशन कराया जा रहा था कि इस बीच उन्होंने भी जमानत वापस ले ली। इसके साथ ही डारिया के पैरवीकर्ताओं को तीसरे जमानतदारों की तलाश करनी पड़ेगी।

यह है मामला
यूक्रेन के सूमी 85, किरोवा स्ट्रीट निवासी 20 वर्षीय डारिया मोलचन पुत्री विटाली मोचलन को एसटीएफ ने दो अप्रैल को पार्क रोड से गिरफ्तार किया था। डारिया के पास से दो पासपोर्ट, मरिना अमन मेहता के नाम से बना फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस, दो मोबाइल व टैबलेट मिला। मोबाइल चेक करने पर उसमें दिल्ली के रहने वाले एक पुलिस अधिकारी की आपत्तिजनक तस्वीर मिली। जिसे जांच के लिए दिल्ली के फारेंसिक लैब भेजा गया था। एसटीएफ इंस्पेक्टर सत्यप्रकाश की तहरीर पर कैंट पुलिस ने डारिया मोलचन के खिलाफ फर्जी दस्तावेज तैयार कर जालसाजी करने और विदेश अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया। 12 अप्रैल को जिला जज ने उसकी जमानत अर्जी खारिज कर दी। जिसके खिलाफ उसके अधिवक्ता ने हाईकोर्ट में अपील कर वहां से जमानत हासिल की थी। 

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  • Web Title:Kanpurs bail bond has also been withdrawn from the Ukrainian model bail