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26 नवंबर, 2020|1:21|IST

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सऊदी में फंसे कैलाश घर लौटे तो खुशी से झूम उठा परिवार

सऊदी में फंसे कैलाश घर लौटे तो खुशी से झूम उठा परिवार

सऊदी अरब के रियाद में शहर में पांच साल से फंसे कैलाश कुशवाहा मंगलवार को जब अपने घर पहुंचे तो परिवार के सभी सदस्य दौड़कर कैलाश के पास पहुंच गए। उनकी आंखें खुशी से भर आईं। कैलाश के घर आने की खबर सुनकर पूरा गांव उनके दरवाजे पर जमा हो गया। उनके वतन वापसी को हर किसी ने ईश्वर का करम कहा।

कुशीनगर जिले के बरवापट्टी क्षेत्र स्थित गोबरही गांव के ध्रुव कुशवाहा के परिवार को अपनी आंखों पर सहज विश्वास नहीं हो रहा था कि उनके सामने उनका बेटा कैलाश खड़ा है। माता-पिता को देखते ही कैलाश भी उनकी ओर दौड़ पड़े और दोनों को गले लगाकर फफक-फफक कर रो पड़े। ध्रुव व लखपती की आंखें भर आईं। पत्नी पूनम भी बार-बार ईश्वर को धन्यवाद दे रही थीं।

आरटीएसी में काम करने पहुंचे थे 17 श्रमिक : रियाद स्थित रॉकन ट्रेडिंग एंड कॉन्ट्रैक्टिंग कम्पनी में काम करने के लिए 17 श्रमिकों का समूह पहुंचा था। आठ श्रमिक पहले ही सऊदी निर्वासन केंद्र के माध्यम से वहां से लौट चुके थे दो और श्रमिकों को हाल ही में निर्वासन केंद्र में भर्ती कराया गया था

मानव सेवा संस्थान ने की पहल : मानव सेवा संस्थान के निदेशक राजेश मणि त्रिपाठी ने ‘हिन्दुस्तान की खबर को भारतीय दूतावास, विदेश मंत्री और विदेश सचिव को ट्वीट कर कैलाश को देश बुलाने की सिफारिश की। विदेश मंत्री जयशंकर, सउदी में भारतीय दूतावास, विदेश सचिव और संयुक्त सचिव को भेजी गई मेल और ट्वीट का असर दिखा और कैलाश के वापसी की कोशिश शुरू हो गई।

रंजनदीप गंभीर की मेल ने बढ़ा दी थी उम्मीद

कैलाश समेत सात श्रमिकों को के सकुशल वापसी को भारतीय दूतावास सऊदी सरकार और वहां के अधिकारियों से लगातार सम्पर्क बनाए हुए था। कैलाश व छह अन्य श्रमिकों को भारत भिजवाने के लिए बुरैदा के कुछ सामाजिक कार्यकर्ता भी प्रयास कर रहे थे। रियाद में स्थित भारतीय दूतावास के रंजन दीप गंभीर की एक मेल से कैलाश के देश लौटने की उम्मीद बढ़ गई थी।

परिवार ने ‘हिन्दुस्तान के प्रति जताया आभार

कुशीनगर के बरवापट्टी निवासी व कैलाश के भाई गुड्डू कुशवाहा ने बताया कि मैं और मेरा पूरा परिवार हताश हो गया था। उम्मीद टूटने लगी थी कि सऊदी में फंसे मेरे बड़े भाई कैलाश कुशवाहा अब कभी देश लौट पाएंगे। ‘हिन्दुस्तान ने मेरे परिवार के दुख को जिम्मेदारों तक पहुंचाया और मेरा भाई देश लौट आया। इसमें मानव सेवा संस्थान के निदेशक राजेश मणि का योगदान भी सराहनीय रहा।

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  • Web Title:Kailash stranded in Saudi returned home happily when his family returned home