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छापेमारी के दौरान नवंबर में महराजगंज से फरार हुआ था जवाहर जायसवाल 

यूपी एसटीएफ की छापेमारी में शुक्रवार देर रात मध्य प्रदेश के दमोह जिले से गिरफ्तार गड़ौरा चीनी मिल मालिक व सपा के पूर्व सांसद जवाहर जायसवाल नवंबर में महराजगंज से ही फरार हुआ था। वाराणसी में बैंक कर्मी की हत्या और किसानों के बकाया भुगतान के मामले में उसकी गिरफ्तारी के लिए 15 नवंबर को निचलौल सर्किल की पूरी पुलिस और तहसील का प्रशासनिक अमला लगा था। लेकिन सभी को चकमा देकर वह ठूठीबारी के ही एक सिपाही की मदद से महेशपुर होते हुए नेपाल फरार हो गया था। उसके बाद से उसकी लगातार तलाश हो रही थी। लेकिन वह पुलिस के हाथ नहीं लगा। इस बीच एसटीएफ को सफलता मिली। इससे पुलिस के साथ ही निचलौल क्षेत्र के किसानों को भी राहत की उम्मीद जगी है।   

सपा के पूर्व सांसद जवाहर जायसवाल की गडौरा चीनी मिल भी है। उसपर बकाया गन्ना मूल्य भुगतान को लेकर लगातार दबाव बनाया गया था। इसी बीच वाराणसी में उसके खिलाफ बैंक कर्मी की हत्या के मामले में गैर जमानती वारंट जारी हो गया। गिरफ्तारी नहीं होने पर जिला एवं सत्र न्यायालय ने वाराणसी ने उसे फरार घोषित कर दिया। इस बीच 15 नवंबर को उसके गडौरा चीनी मिल परिसर में मौजूद होने की सूचना मिली। इस पर सीओ निचलौल पूरी सर्किल की पुलिस टीम के साथ मिल परसर की घेराबंदी कर दिए। देर रात तक पूरे परिसर को खंगाला लेकिन जवाहर हाथ नहीं आया। 

महराजगंज से भी जारी हुआ है गैरजमानती वारंट 
किसानों का करीब 46 करोड़ बकाया मामले में महराजगंज जिला एवं सत्र न्यायालय ने जवाहर जायसवाल के खिलाफ तीन जनवरी को ही गैरजमानती वारंट जारी किया है। भुगतान नहीं करने पर सिसवा गन्ना सचिव प्रेमचंद्र चौरसिया की तहरीर पर जवाहर जायसवाल के खिलाफ ठूठीबारी पुलिस ने 22 नवंबर की देर रात जवाहर जायसवाल के खिलाफ अपराध संख्या 290/18 में धारा 408,409, 417, 418, 420, 427, 465, 468, 120बी, 22बी, गन्ना एवं पूर्ति एक्ट, ईसी एक्ट 3/7 के तहत कार्रवाई की थी। इस मामले में भी पुलिस को जवाहर की तलाश थी।  

तो जवाहर को रिमांड पर लेगी महराजगंज पुलिस 
ठूठीबारी कोतवाली में गंभीर धराओं में दर्ज मुकदमे में महराजगंज पुलिस भी जवाहर को रिमांड पर लेगी। ऐसे में पूछताछ के बाद कई अहम सवालों के जवाब मिलेंगे। किसानों के गन्ना भुगतान की राह भी आसान होगी। 

गड़ौरा को 59 लाख 25 हजार कुंतल गन्ने की करनी थी पेराई 
इस सीजन में गड़ौरा मिल को गन्ना विभाग ने 59 लाख 25 हजार कुंतल गन्ने का आवंटन किया गया था। मिल प्रबंधन 76 लाख कुंतल गन्ने की मांग कर रहा था। इसी बीच दिसंबर के शुरुआत में ही प्रबंधन ने 126 करोड़ का घाटा दिखाकर मिल चलाने से ही इनकार कर दिया। ऐसे में छोटे किसानों ने क्रेसर पर 120 से 150 रुपये प्रति कुंतल गन्ना बेचना शुरू कर दिया।   
 

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  • Web Title:Jawahar jaiswal was escaped from Mahrajganj in November month