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गोरखपुर

छह दिन में उखड़ी सड़क मौसम साफ होते ही दोबारा बनेगी

हिन्दुस्तान टीम,गोरखपुरPublished By: Newswrap
Thu, 17 Jun 2021 05:32 AM
छह दिन में उखड़ी सड़क मौसम साफ होते ही दोबारा बनेगी

गोरखपुर। वरिष्ठ संवाददाता

बिछिया जंगल तुलसीराम में 78 लाख के लागत से बनी सड़क की गिट्टियां छह दिन में ही उखड़ने के बाद महापौर सीताराम जायसवाल बुधवार को निरीक्षण करने पहुंचे। सड़क की गिट्टियां उखड़ी देख उन्होंने नाराजगी जताई। महापौर ने ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अधिकारियों को इस्टीमेट और सभी पत्रावली को लेकर नगर निगम में तलब किया है। महापौर ने मौसम साफ होते ही सड़क को नए सिरे से पिच कराने का इंजीनियरों को निर्देश दिया है।

आपके अपने अखबार ‘हिन्दुस्तान ने बिछिया जंगल तुलसीराम में 78 लाख की लागत से बनी सड़क की उखड़ी गिट्टियों की खबर को बुधवार के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित की थी। इसका संज्ञान लेते हुए महापौर सीताराम जायसवाल बुधवार को उपसभापति ऋषिमोहन वर्मा के साथ निरीक्षण को पहुंचे। उन्होंने ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के एक्सईएन और जिम्मेदार अधिकारियों को भी बुलाया था। सड़क की उखड़ी गिट्टियों को देखकर उन्होंने नाराजगी जताई। नागरिक संतोष श्रीवास्तव, सुरेन्द्र यादव, रमेश श्रीवास्तव आदि ने महापौर को बताया कि सड़क पर तीन इंच गिट्टी डाली जानी चाहिए थी लेकिन ठेकेदार ने एक इंच गिट्टी भी नहीं डाली। सड़क निर्माण से पूर्व नागरिकों ने इसका विरोध किया।

इसके बाद भी सहायक अभियंता ने पार्षद की सहमति लेकर रातोंरात सड़क बनवा दी। जबकि आसमान में काले-काले बादल थे। बारिश की संभावना के बीच सड़क का निर्माण करा दिया गया। छह दिन में ही सड़क की गिट्टियां उखड़ गईं। मेयर ने इंजीनियरों से सवाल किया तो वह गोलमोल जवाब देने लगे। इसके बाद नाराज महापौर ने इस्टीमेट की कॉपी और पूरी पत्रावली के साथ इंजीनियरों को तलब किया है। इसके साथ ही महापौर ने इंजीनियरों को निर्देश दिया कि मौसम साफ होते ही उखड़ी गिट्टियों को हटाकर नए सिरे से सड़क पिच करें।

पार्षद के सुर से नागरिक हैरान

एक तरफ महापौर व उपसभापति इंजीनियरों से सवाल-जवाब तलब कर रहे थे, वहीं स्थानीय पार्षद अभिमन्यू मौर्या और पूर्व पार्षद चन्द्रभान प्रजापति इंजीनियरों का बचाव करते नजर आ रहे थे। इस दौरान इंजीनियर पूरी तरह खामोश थे। पार्षद की दलील थी कि बारिश के चलते सड़क उखड़ गई है। जिसपर वार्ड नंबर 18 से पार्षद प्रतिनिधि राकेश निषाद ने कहा कि इस सड़क से एक लाख से अधिक आबादी गुजरती है। मानक के विपरीत गिट्टी डालकर सड़क बना दी गई है। जब बारिश की संभावना थी तो सड़क बनाने में तेजी क्यों दिखाई गई? लोग 10 वर्षों से दुर्दशा झेल रहे थे, महीने भर और परेशानी झेल लेते। पूरे प्रकरण की तकनीकी टीम से जांच हो तो हकीकत सामने आ जाएगी।

बोले मेयर

नवनिर्मित सड़क की गिट्टियां उखड़ी हुई है। इंजीनियरों का कहना है कि बारिश के चलते ऐसा हुआ है। नागरिकों ने मानक के विपरीत गिट्टी डालने की शिकायत की है। जिसे देखते हुए पूरी पत्रावली तलब की गई है। इंजीनियरों को निर्देश दिया गया है कि मौसम साफ होते ही सड़क को दोबारा बनाएं। पत्रावली देखने के बाद ही आगे की कार्रवाई करेंगे।

- सीताराम जायसवाल, मेयर

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