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30 मई, 2020|11:24|IST

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पेट की आग बुझे तो बीमारी से लड़ने की भी व्यवस्था करें

पेट की आग बुझे तो बीमारी से लड़ने की भी व्यवस्था करें

1 / 2कोरोना के संक्रमण से बचाव और लॉकडाउन में आम-ओ-खास सभी की अपनी मुश्किलें और जद्दोजहद है। जो पॉश इलाकों और बड़े अपार्टमेंट में रहते हैं वह भी परेशान हैं और झुग्गी बस्तियों में रहने वाले भी। अपार्टमेंट...

पेट की आग बुझे तो बीमारी से लड़ने की भी व्यवस्था करें

2 / 2कोरोना के संक्रमण से बचाव और लॉकडाउन में आम-ओ-खास सभी की अपनी मुश्किलें और जद्दोजहद है। जो पॉश इलाकों और बड़े अपार्टमेंट में रहते हैं वह भी परेशान हैं और झुग्गी बस्तियों में रहने वाले भी। अपार्टमेंट...

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कोरोना के संक्रमण से बचाव और लॉकडाउन में आम-ओ-खास सभी की अपनी मुश्किलें और जद्दोजहद है। जो पॉश इलाकों और बड़े अपार्टमेंट में रहते हैं वह भी परेशान हैं और झुग्गी बस्तियों में रहने वाले भी। अपार्टमेंट और बंगले में रहने वाले दूध, ब्रेड और मख्खन सरीखी चीजें समय से उपलब्ध न हो पाने को लेकर परेशान हैं तो वहीं झुग्गी बस्तियों में रहने वालों के लिए सबसे बड़ी जंग पेट की आग बुझाने की है। सफाई, सैनेटाइजेशन और सोशल डिस्टेंसिंग इनके लिए बाद का मसला है। शुक्रवार को ‘हिन्दुस्तान ने बहरामपुर बंधे की झुग्गी बस्तियों और ऑर्बिट अपार्टमेंट की व्यवस्था की पड़ताल की तो यह तस्वीर सामने आई।

बहरामपुर बंधा बस्ती : नहीं पहुंची राहत और सफाई टीम

बहरामपुर में बंधे पर स्थित झोपड़पट्टी में 20-22 परिवार रहते हैं। बुजुर्ग जगरुन ने कहा कि बस्ती के पीछे बाजार है। वह भी बंद है तो जो खाने को मिलता था नहीं मिल पा रहा। हर घर में छोटे-छोटे बच्चे हैं, जिन्हें अक्सर रात में भूखे सोना पड़ता है। भूख के आगे गंदगी, साफ-सफाई, बीमारी कुछ समझ नहीं आता। समीउननिशा, शहाब, शकीला ने कहा कि रिक्शे खड़े हुये चला नहीं सकते। घर पर बैठे होने की वजह से हाथ में कुछ नही है। इतने दिनों से कोरोना की बात चल रही है लेकिन कोई भी एक बार यहां साफ-सफाई के लिए नहीं आया।

ऑर्बिट ग्रेस अपार्टमेंट : बिना सैनेटाइटर यहां प्रवेश नहीं

भरत-मिलाप चौक स्थित ऑर्बिट अपार्टमेंट की रंगत यहां की खूबियां बयां करती है। गेट पर पंहुचते ही सबसे पहले गार्ड सैनेटाइजर हाथों में लगवाता है। इसके बाद ही प्रवेश मिलता है। पानी और बिजली 24 घंटे रहती है। साफ-सफाई अव्वल दर्जे की है। समिति के लोगों ने बताया कि लॉकडाउन में अपार्टमेंट में किसी तरह की समस्या नहीं है, सभी सहूलियतें यहां मौजूद हैं। लॉकडाउन में सब घर के अन्दर ही है। इंडोर गेम्स खेलकर, बातचीत कर समय कट जाता है। अपार्टमेंट में सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाता है। कोरोना के प्रति सभी जागरूक हैं। बिना सैनेटाइजर के प्रयोग को किसी को अन्दर प्रवेश नहीं मिलता है।

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  • Web Title:If the fire of the stomach is extinguished then arrange to fight the disease