Husband locked wife in room for 20 days to treat father know why - पिता का इलाज कराने 20 दिन के लिए पत्नी को कमरे में बंद कर गया पति, जानिए क्यों VIDEO DA Image
9 दिसंबर, 2019|7:58|IST

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

पिता का इलाज कराने 20 दिन के लिए पत्नी को कमरे में बंद कर गया पति, जानिए क्यों VIDEO

महराजगंज के सिसवा कस्बे में दिल दहला देने वाला वाक्या शनिवार को सामने आया। एक महिला को उसके ही घर से पुलिस ने लोगों की सूचना पर ताला तोड़कर बाहर निकाला। महिला का पति अपने पिता का इलाज कराने 20 दिनों पहले गोरखपुर गया था। उसके साथ उसके दो छोटे बेटे भी गए थे। भूख-प्यास से छटपटाती महिला ने शनिवार को दरवाजे के नीचे से किसी तरह अपना पैर बाहर निकाला तो लोगों को इस बात की जानकारी हुई। मौके पर पहुंची पुलिस ने घर का ताला तोड़ कर उसे सिसवा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। महिला के पति के अनुसार उसकी पत्नी प्रीति मानसिक रूप से बीमार है । इस बीच में वह कई बार आकर उसकी देखभाल की। दवा और खाने-पीने की व्यवस्था करता रहा। 


सिसवा के रेलवे स्टेशन रोड निवासी दीपक जायसवाल के पिता राधेश्याम की दीवाली के दिन 27 अक्टूबर को तबीयत खराब हुई। बताया जा रहा है कि 28 अक्टूबर को दीपक अपने पिता का इलाज कराने के लिए गोरखपुर लेकर चला गया। जाने से पहले उसने अपनी मानसिक रूप से बीमार पत्नी प्रीति को नीचे वाले कमरे में बंद कर बाहर से ताला लगा दिया। इधर गोरखपुर में राधेश्याम का एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन होने के चलते दीपक गोरखपुर में ही रुक गया। उसके बाद से उसकी पत्नी प्रीति कमरे में भूखे प्यासी कैद रही।


शनिवार को दोपहर करीब 2 बजे प्रीति किसी तरह घिसटते हुए दरवाज़े के पास पहुंचकर नीचे से अपना पैर निकालकर दरवाजा पीटने लगी। इस पर लोगों की भीड़ इकट्ठी हो गई। मुहल्ले के लोगों द्वारा पुलिस को सूचना दिए जाने के बाद सिसवा चौकी प्रभारी महेंद्र यादव व यूपी 100 के पुलिसकर्मी मौके पर पहुंच गए।

अंदर से भी बंद था दरवाजा


पुलिस ने सैकड़ों लोगों की उपस्थिति में दरवाज़े का ताला तोड़ा तो दरवाज़ा अंदर से भी बंद था। इस पर नीचे से दरवाजे को फैलाकर एक लड़के ने अंदर घुसकर दरवाज़ा खोला। महिला की हालत बेहद खराब थी और वह बोल नहीं पा रही थी। पुलिस ने महिला को एम्बुलेंस के जरिए उसे सिसवा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।

इस घटना से हर कोई स्तब्ध
पति द्वारा पत्नी को कमरे में बंदकर 20 दिनों तक छोड़ देने वाले इस घटना से मौजूद लोग स्तब्ध रह गए। 20 दिनों से भूखी प्यासी प्रीति बंद कमरे में तड़पती रही। मगर अगल-बगल के लोगों को भी पता नहीं चल पाया। कमरा जब खुला तो वहां कुछ भी खाने पीने का सामान नहीं था। अंदाज़ा लगाया जा रहा है कमरे के अंदर बाथरूम में भी वह किसी तरह घिसटकर जाती रही होगी। हालांकि उसके पति दीपक जायसवाल से पुलिस द्वारा संपर्क किये जाने पर उसने पुलिस को बताया कि वह दो दिन पूर्व घर आया था और प्रीति को खिला-पिलाकर पुन: वापस गया था।

महिला का चलता था इलाज
दीपक के पड़ोसी कहते हैं कि प्रीति बीमार रहती थी। अक्सर दवा के लिए दीपक उसे कहीं लेकर जाता था। उसके दो बेटे हैं, जो दीपक के साथ गए हैं। प्रीति का मायका पडरौना में कहीं है।

दो दिन पहले ही आया था
हिन्दुस्तान से बातचीत में प्रीति के पति दीपक ने बताया कि उसकी पत्नी का सालों से गोरखपुर के एक मानसिक रोग विशेषज्ञ के यहां इलाज चलता है। वह मजबूरी में उसे छोड़कर आया था। पिता का आपरेशन हुआ है। बीच-बीच में देखभाल करने वह जाता था। दो दिन पहले ही गया था। आज पता चला है कि उसकी तबीयत खराब हो गई और उसे महराजगंज इलाज के लिए भेजा गया है। वह महराजगंज जा रहा है।

तहरीर मिली तो कार्रवाई करेगी पुलिस
कोठीभार के प्रभारी निरीक्षक शुभनारायन दुबे का कहना है कि महिला के पति ने बताया कि दो दिन पहले वह घर आया था। चूंकि उसकी पत्नी मानसिक रोगी है, इसलिए संभवत: वह दवा नहीं खाई होगी। भूख-प्यास व दवा के अभाव में काफी कमजोर हो गई है। फिलहाल उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। इस मामले में अगर पीड़िता के पक्ष में कोई तहरीर मिलेगी तो कानूनी कार्रवाई होगी।

किसी को कमरे में बंद कर देने पर आईपीसी की धारा 342 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाती है। पर ऐसे मामलों में जब तक पीड़िता के पक्ष से कोई तहरीर नहीं देता है, तब तक कार्रवाई नहीं हो सकती है। तहरीर मिली तो कार्रवाई होगी।
रणविजय सिंह, सीओ-निचलौल

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Husband locked wife in room for 20 days to treat father know why