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29 जनवरी, 2020|1:10|IST

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सामाजिक समरसता का संदेश देता है ऐतिहासिक खिचड़ी मेला

सामाजिक समरसता का संदेश देता है ऐतिहासिक खिचड़ी मेला

1 / 2मकर संक्रांति से अनवरत एक माह तक चलने वाला गोरखनाथ मंदिर का प्रसिद्ध खिचड़ी मेला श्रद्धा और भक्ति से सराबोर तो है ही सामाजिक समरसता की मिसाल भी है। जाति-धर्म का भेद भुलाकर देश के कोने-कोने से लोग...

सामाजिक समरसता का संदेश देता है ऐतिहासिक खिचड़ी मेला

2 / 2मकर संक्रांति से अनवरत एक माह तक चलने वाला गोरखनाथ मंदिर का प्रसिद्ध खिचड़ी मेला श्रद्धा और भक्ति से सराबोर तो है ही सामाजिक समरसता की मिसाल भी है। जाति-धर्म का भेद भुलाकर देश के कोने-कोने से लोग...

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मकर संक्रांति से अनवरत एक माह तक चलने वाला गोरखनाथ मंदिर का प्रसिद्ध खिचड़ी मेला श्रद्धा और भक्ति से सराबोर तो है ही सामाजिक समरसता की मिसाल भी है। जाति-धर्म का भेद भुलाकर देश के कोने-कोने से लोग यहां आते हैं और दुकानें सजाते हैं। मेले में विभिन्न समुदायों के रिश्ते करघे पर चढ़े सूत की तरह हो जाते हैं। मेले में प्रेम-सौहार्द और भाईचारा निभाकर यहां की गंगा-जमुनी तहजीब को और मजबूत कर जाते हैं।

पीठाधीश्वर और सीएम योगी आदित्यनाथ द्वारा मकर संक्रांति के दिन ब्रह्म मुहूर्त में गोरखनाथ बाबा को खिचड़ी चढ़ाने के साथ ही खिचड़ी मेले का शुभारम्भ हो जाता है जो एक माह तक चलता है। विभिन्न प्रकार के फ्लावर और फ्लावर पॉट की दुकान लगाए कानपुर निवासी शब्बीर का कहना है कि वह बीते 10 साल से यहां आते हैं और दुकान लगाते हैं। इस अंचल से आने वाले ग्राहकों के बातचीत का लहजा उन्हें काफी पसंद आता है। कानपुर के ही कल्लू फाइवर ट्रे की दुकान लगाए हुए हैं। उनका कहना है कि वह 8 साल से यहां आ रहे हैं। उन्हें कभी लगा ही नहीं कि यहां किसी प्रकार का कोई विभेद है।

लखीमपुर निवासी इमाम छह साल से खिचड़ी मेले में की-रिंग की दुकान सजाते हैं। इमाम की दुकान पर कुछ ग्राहक मौजूद थे। उनकी तरफ इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि यहां के लोगों के बातचीत का लहजा खूब भाता है। बातचीत में लगता है कि ग्राहक नहीं कोई अपना करीबी बात कर रहा है। बाराबंकी निवासी चंदा तो काफी खुश दिखे। उन्होंने बताया कि 20 साल से खिचड़ी मेले में दुकान लगा रहे हैं। उनकी बैग की दुकान है। दुकान पर बैग और पर्स खरीदने के लिए महिलाओं-पुरुषों की भारी भीड़ रहती है। वह हर साल अच्छी कमाई कर लौटते हैं।

लखनऊ के दुर्गेश ने भी अपनी फास्ट फूड की दुकान सजा रखी है। उनका कहना था कि यहां ग्राहक आते हैं, भैया-चाचा कह कर बुलाते हैं। खाते हैं और कीमत चुकाकर हंसते-हंसाते चले जाते हैं। उन्हें यहां के लोगों का स्वभाव खूब भाता है। मेले में दिल्ली से दुकानदार पहुंचे हैं जो कास्मेटिक्स की दुकान लगाए हैं। लखनऊ की मिठाई और‚ खिलौनों की दुकान लगी है। मुरादाबाद की बर्तन की दुकान भी मेले में आई है।

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  • Web Title: Historical Khichdi Mela gives the message of social harmony