देश के 90% युवाओं में मिली हेपेटाइटिस-ए की एंटीबाडी
Gorakhpur News - शोध -आईसीएमआर की निगरानी में हुए सीरो सर्वे की रिपोर्ट, उत्तर प्रदेश में 97% में

मनीष मिश्र गोरखपुर। देश में व्यापक स्तर पर लोगों में हेपेटाइटिस-ए वायरस का फैलाव पाया गया है। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के वैज्ञानिकों के सर्वे में यह तथ्य सामने आया है। कोरोना काल में हुए सर्वे में युवाओं के खून में हेपेटाइटिस-ए की एंटीबॉडी पाई गई। यह एंटीबॉडी तब बनती है, जब व्यक्ति संक्रमित होने के बाद स्वस्थ हो जाता है। सीरो सर्वे में 6 से 30 साल के 90 प्रतिशत लोग इससे प्रभावित पाए गए। इस संक्रमण की वजह दूषित पेयजल और खाद्य पदार्थ का सेवन है। यह शोध अंतरारष्ट्रीय जर्नल लैंसेट रीजनल हेल्थ साउथ ईस्ट एशिया में प्रकाशित हुआ है।कोरेाना
काल के दौरान चौथा राष्ट्रीय सीरो सर्वे 14 जून से 6 जुलाई 2021 के बीच 20 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के 70 जिलों में हुआ। देश के नामी 21 संस्थानों के करीब 100 वैज्ञानिकों ने शोध किया। इसमें आरएमआरसी गोरखपुर के पूर्व निदेशक डॉ. रजनीकांत, डॉ. हीरावती देवल, डॉ. अशोक पांडेय, डॉ. राजीव सिंह, डॉक्टर नीरज, डॉक्टर एसपी बेहरा समेत नौ वैज्ञानिक शामिल रहे।सर्वे के आंकड़े चौंकाने वालेकुल 14778 नमूनों की जांच में 12336 (90%) में हेपेटाइटिस-ए की इम्यूनोग्लोबीन गामा (आईजीजी) एंटीबॉडी मिली। जांच में पता चला कि उम्र बढ़ने के साथ हेपेटाइटिस-ए का संक्रमण भी बढ़ा है। 6-10 साल के 3266 बच्चों में से 2183 (74.7%) प्रभावित मिले। वहीं 11-15 साल के 3357 किशोरों में से 2552 (85.2%) और 16-30 साल की उम्र के 8155 लोगों में से 7501 (96.9%) के नमूने पॉजिटिव मिले। जांच से साफ है कि बच्चों की तुलना में युवाओं में संक्रमण कहीं ज्यादा है।उत्तर प्रदेश सबसे ऊपर, केरल सबसे नीचेप्रदेशवार आंकड़ों की बात करें तो उत्तर प्रदेश में 1957 नमूनों में से 1879 (97%) में संक्रमण मिला। बिहार में 1270 में से 1239 (96.1%) में एंटीबॉडी मिली। झारखंड में 95%, मध्य प्रदेश-90.7%, महाराष्ट्र-90.4% नमूनों में एंटीबॉडी मिली। वहीं दूसरी ओर उत्तराखंड में 175 में से 119 (70%), पश्चिम बंगाल में 1,093 में से 663 (63%) और केरल में 604 में से 251 (44.8%) नमूने पॉजिटिव मिले। आंध्र प्रदेश-76.7%, असम-88.5%, छत्तीसगढ़-87%, गुजरात-81%, हरियाणा-82.8%, हिमाचल-70.8%, जम्मू-कश्मीर-74.6%, कर्नाटक-83%, ओडिशा-87.9%, पंजाब-69.7%, राजस्थान-86%, तमिलनाडु-75%, तेलंगाना में 74.8% नमूनों में एंटीबॉडी मिली।संक्रमण के कारण और खतरेआरएमआरसी के डॉ. गौरव राज द्विवेदी ने बताया कि हेपेटाइटिस-ए वायरस एक सामान्य संक्रमण है। आम तौर पर इससे लिवर में सूजन हो सकती है। यह गंदे पानी, कच्चे फल-सब्जी या दूषित भोजन से फैलता है। ज्यादातर मामलों में यह खुद ठीक हो जाता है। अगर व्यक्ति का लिवर पहले से कमजोर है तो वह बीमार पड़ सकता है।संक्रमण ठीक करने के लिए बनती है एंटीबाडीडॉ. गौरव राज द्विवेदी ने बताया कि आईजीजी एंटीबॉडी शरीर में हेपेटाइटिस-ए संक्रमण को ठीक करने के लिए बनती है। संक्रमण से उबरने के बाद भी महीनों तक शरीर में एंटीबॉडी मौजूद रहती है।सजगता से बचाव संभवडॉ. गौरव राज ने बताया कि सजगता से हेपेटाइटिस-ए से बचाव हो सकता है। खाने से पहले दोनों हाथ साबुन से धोएं, उबला पानी पीएं, अच्छी तरह पका हुआ भोजन करें, बाजार के कटे फल न खाएं, फास्ट-फूड के सेवन से बचें।टीकाकरण में शामिल हो हेपेटाइटिस ए वैक्सीनआरएमआरसी के निदेशक डॉ. हरिशंकर जोशी ने बताया कि यह समुदाय आधारित सर्वे है। हेपेटाइटिस-ए खतरनाक नहीं है। इसके बावजूद यह सर्वे सजग करता है कि समुदाय में हेपेटाइटिस-ए पूरी तरह फैल चुका है। यही वजह है कि नियमित टीकाकरण में हेपेटाइटिस ए वैक्सीन शामिल होनी चाहिए। सर्वे में शामिल वैज्ञनिकों ने सरकार से इसकी सिफारिश की है।-------लिवर पर असर डालते हैं हेपेटाइटिस के वायरसहेपेटाइटिस ए, बी, सी, डी और ई लिवर में सूजन पैदा करने वाले अलग-अलग वायरस हैं। इनमें संक्रमण के तरीके, अवधि, प्रभाव और इलाज में काफी अंतर होता है। हेपेटाइटिस ए और ई दूषित पेयजल-भोजन या मलद्वार से फैलते हैं। हेपेटाइटिस बी रक्त, यौन संपर्क, संक्रमित सुई या मां से बच्चे को फैलता है। हेपेटाइटिस सी ज्यादातर संक्रमित रक्त या सुई साझा करने से होता है। वहीं हेपेटाइटिस डी केवल बी वायरस के साथ ही सक्रिय होता है और उसी तरह फैलता है।हेपेटाइटिस बी और सी खतरनाकए और ई तीव्र (एक्यूट) संक्रमण हैं, जो ज्यादातर खुद ठीक हो जाते हैं। कुछ मामलों में लिवर फेलियर हो सकता है। बी, सी और डी क्रॉनिक (पुराने) हो सकते हैं, जो सालों तक रहकर लिवर को स्थायी नुकसान पहुंचाते हैं। ये लिवर सिरोसिस या लिवर कैंसर का कारक बन सकते हैं।
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


