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हर-हर महादेव के जयकारे से गूंजे शिवालय

श्रावण मास के पहले सोमवार को भगवान भोलेनाथ के अभिषेक के जिले के शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। हरहर महादेव के जयघोष से शिवालय गूंज उठे। श्रद्धालुओं ने आस्था के जल से भोलेनाथ का अभिषेक किया। श्रद्धालुओं की आस्था का उत्साह काफी ज्यादा दिखा। पहले सोमवार को जिले के प्रत्येक शिवालय को भव्य रूप से सजाया गया। 

सरयू नदी का पावन जल लेकर कांवड़ियों के जत्थे आधी रात से शिवालयों पर पहुंचने लगे। देर रात मंदिरों के कपाट खुले और हर-हर महादेव के जयकारे के साथ लोगों ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। प्रसिद्ध महाभारत कालीन मंदिर तामेश्वरनाथ धाम पहुंचे श्रद्धालुओं की आस्था ने बरसात को भी मात दे दिया। 

बरसात के बीच कांवरिये जल लेकर मंदिर पहुंचे। श्रद्धालुओं ने घण्टों कतार में लग कर अपने आराध्य की पूजा-अर्चना की। पहले सोमवार को द्वाबा क्षेत्र के प्रसिद्ध मंदिर बाबा दानीनाथ, कुबेरनाथ, कंकड़ेश्वरनाथ, बाबा बैजूनाथ धाम, हैहेश्वरनाथ मंदिरों पर भी लोगों ने पावन सरयू जल लाकर जलाभिषेक किया। बखिरा के कोपिया मंदिर पर जल लाकर कांवरियों ने जलाभिषेक किया। जत्थों में जल लेने पहंुचे कावरियों के उत्साह से समूचा माहौल भक्तिमय दिखा। 

माता कुंती ने की थी तामेश्वरनाथ की स्थापना 
बाबा तामेश्वरनाथ धाम की महाभारत काल का पौराणिक मंदिर होने की मान्यता है। मेला व्यवस्थापक व ग्राम प्रधान नरेन्द्र भारती के अनुसार महाभारत काल में यह स्थल महाराजा विराट के राज्य का जंगली क्षेत्र था। वनवास और अज्ञातवास के दौरान कुंती ने पांडवों के साथ यहां कुछ दिनों तक निवास किया था। अपने पुत्रों की कुशलता के लिए इसी स्थल पर माता कुंती ने शिवलिंग की स्थापना कर पूजा अर्चना की थी। इसे उसी शिवलिंग की मान्यता प्राप्त है। 

कालांतर में ताम्रगढ़ के नाम से प्रसिद्ध यह क्षेत्र बांसी नरेश के राज्य में आ गया। उन्होंने यहां पर आने वाले श्रद्धालुओं की भारी तादाद को देखते हुए मंदिर का निर्माण कराया। कालांतर में खलीलाबाद के व्यवसायियों ने इसे भव्य रूप प्रदान किया।

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  • Web Title:har-har mahadev in shiv temples of Santkabirnagar on first Monday of Savan