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चीनी मिलों को 4000 करोड़ का साफ्ट लोन देगी सरकार

चीनी मिलों को 4000 करोड़ का साफ्ट लोन देगी सरकार

प्रदेश सरकार गन्ना किसानों को बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान कराने के लिए चीनी मिलों को 4000 करोड़ रुपये का साफ्ट लोन प्रदान करने जा रही है। इसके साथ ही निगम और सहकारिता क्षेत्र की देनदारियों के लिए 850 करोड़ रुपये प्रदान करेगी। प्रदेश सरकार की कैबिनेट में शीघ्र ही इसे मंजूरी प्रदान कर दी जाएगी। इस राशि से चीनी मिलों को किसानों का बकाया गन्ना मूल्य भुगतान करना होगा। उसके बाद भी तकरीन गन्ना मूल्य भुगतान का 4500 करोड़ रुपये बकाया होगा। जिसका भुगतान करने के लिए चीनी मिलों पर दबाव बनाया जाएगा।

देश में गन्ना और चीनी उत्पादन के सबसे अग्रणी राज्य उत्तर-प्रदेश में चीनी के बाजार का अंक गणित मिलों के लिए नुकसान का सबब बन गया है। साल दर साल बढ़ता उत्पादन, गन्ने का बढ़ता क्षेत्रफल और चीनी का वाजिब दाम न मिल पाना, चीनी मिल प्रबंधन, गन्ना किसान और सरकार के लिए सिरदर्द है। यही वजह है कि स्वयं मुख्यमंत्री भी किसानों को फसल विविधिकरण को अपनाने की सलाह दे रहे हैं। फिलवक्त ऐसे माहौल में सरकार किसानों को उनका बकाया गन्ना मूल्य भुगतान सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठा रही है।

हालांकि चीनी उद्योग को लगता है कि यह राशि अपर्याप्त है। यह उद्योग को उनकी देनदारियों के समायोजन और अगले सीजन के लिए मिलों को तैयार करने में मदद नहीं कर पाएंगी। उत्तर प्रदेश सुगर मिल एसोसिएशन का कहना है कि 2017-18 पेराई सत्र से इस वर्ष ज्यादा उत्पादन होने की संभावना है। फिलहाल 4000 करोड़ रुपये का साफ्ट लोन के लिए सरकार ने पिछले दिनों विधानसभा में पूरक बजट में व्यस्था कर लिया था। पूरक बजट में बकाया गन्ना मूल्य के भुगतान के लिए 5,535 करोड़ रुपये आवंटित किए थे। इसके अलावा सहकारी एवं निगम क्षेत्र की चीनी मिलों के बकाया गन्ना मूल्य भुगतान के लिए सरकार 850 करोड़ रुपये का इंतजाम कर रही है।

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  • Web Title:Govt will give 4000 crore soft loan to Sugar Factories