डीडीयू में बीएससी में होगी फॉरेंसिक साइंस की पढ़ाई
Gorakhpur News - फारेंसिक साइंस की बढ़ती मांग को देखते हुए डीडीयू ने लिया फैसला यूजी और पीजी

गोरखपुर, कार्यालय संवाददाता। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय ने फॉरेंसिक साइंस को शैक्षणिक पाठ्यक्रम में शामिल करने का फैसला लिया है। विश्वविद्यालय बीएससी स्तर पर फॉरेंसिक साइंस को एक विषय के रूप में शुरू करने के साथ-साथ यूजी और पीजी में भी संचालित करने की तैयारी कर दी है। हालांकि, यह पाठ्यक्रम मौजूदा सत्र में लागू नहीं होगा, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन इसे अगले सत्र 2027 से शुरू करेगा। विश्वविद्यालय ने इसे लेकर योजना बनाने की जिम्मेदारी विज्ञान संकाय के अधिष्ठाता को सौंपी है, जो विज्ञान के विभिन्न विभागों की मदद से पाठ्यक्रम की रूपरेखा, संसाधनों और आवश्यक ढांचे का प्रारूप तैयार करेंगे।
प्रस्ताव बनाकर विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने प्रस्तुत करेंगे। फॉरेंसिक साइंस मौजूदा समय में अपराध जांच, साइबर क्राइम, डीएनए विश्लेषण और न्यायिक प्रक्रियाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे में इस क्षेत्र में प्रशिक्षित विशेषज्ञों की मांग बढ़ती जा रही है। इसको ध्यान में रखते हुए विवि ने यह फैसला लिया है। विवि के मुताबिक, पाठ्यक्रम का संचालन बॉयोटेक्नालॉजी विभाग को सौंपा गया है। विभाग के नेतृत्व में लैब, उपकरण और विशेषज्ञ संकाय की व्यवस्था की जाएगी। पाठ्यक्रम तैयार होने के बाद इसके लिए अलग से इंस्टीट्यूट स्थापित किया जाएगा।फॉरेंसिक साइंस मौजूदा समय की मांग बन चुकी है। इसे देखते हुए विवि ने यह फैसला लिया है कि ऐसे पाठ्यक्रम छात्रों को उपलब्ध कराएं, जो उन्हें सीधे रोजगार और शोध के मौके दे सकें। अगले सत्र 2027 से इस पाठ्यक्रम को शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इसकी जिम्मेदारी विज्ञान संकाय को दी गई है।प्रो. पूनम टंडन, कुलपति, डीडीयू
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