
एचटी लाइन का बिजली निगम करेगा लेडार सर्वे
Gorakhpur News - गोरखपुर में बिजली निगम हाईटेंशन लाइनों का लेडार सर्वे करेगा। इससे हाईटेंशन तारों के पास बनी इमारतों की दूरी मापी जाएगी और खतरनाक जोन में आने वाली इमारतों को चिह्नित किया जाएगा। ये इमारतें कभी भी हादसे का शिकार हो सकती हैं। प्रशासन के सहयोग से इन इमारतों को सुरक्षित किया जाएगा।
गोरखपुर, निज संवाददाता। बिजली निगम महानगर में हाईटेंशन लाइनों का लेडार सर्वे करेगा। इससे हाईटेंशन तारों के पास या नीचे बनी बिल्डिंग की सटीक दूरी मापी जाएगी, साथ ही तार के डेंजर जोन में आ रही बिल्डिंग को चिह्नित किया जाएगा। हाईटेंशन लाइन के 5 मीटर के दायरे को डेंजर जोन माना जाता है, जबकि महानगर के सैकड़ो स्थानिय लोगों ने हाईटेंशन लाइनों से 3 मीटर से भी कम दायरे में इमारत खड़ा कर लिया है। ऐसे में इन इमारतों में रहने वाले परिवार कभी भी हादसे का शिकार हो सकते हैं। बिजली निगम लेडार सर्वे यानी ड्रोन के जरिए लेजर बेस्ड सर्वे से हाईटेंशन तार के डेंजर जोन में आने वाली इमारतों को चिह्नित करेगा।
जिसके बाद प्रशासन और गोरखपुर विकास प्राधिकरण के सहयोग से इन इमारतों को कम से कम नुकसान पहुंचाते हुए डेंजर जोन से बाहर किया जाएगा। जिसके लिए डेंजर जोन में आने वाले हिस्सों को ध्वस्त या इनमें सुरक्षात्मक बदलाव करवाया जाएगा। इन क्षेत्रों से होकर गुजरती है हाईटेंशन लाइन महानगर के तारामंडल, कुडाघाट, गिरधरगंज, महादेव झारखण्डी, कैलाशपुरम कॉलोनी, विष्णुपुर कॉलोनी, पार्वती नगर, भैरवपुर, रामपुर, फुलवरिया, विवेक पुरम, तारामंडल, नौसड़, मिलोरा, भगवानपुर, मिलिनियम सिटी, करीम नगर, मोगलहा, फतेहपुर, लक्ष्मी नगर, शाहपुर, नारायणी नगर, नूतन विहार, विकास नगर, लच्छीपुर, बरगदवा, राजेन्द्र नगर, तुरहा बारी, रामपुर नयागांव, घुंघनकोठा, बरहुआ, तुरा बाजार, जंगल धूसड़, मेडिकल कालेज व निकटवर्ती क्षेत्रों में 132 केवी लाइनों के नीचे स्थानीय लोगों द्वारा अपने मकान बना लिये हैं। महानगर में लेडार सर्वे कराया जाएगा। जिससे हाईटेंशन लाइन के डेंजर जोन में आ रहे भवनों को चिन्हित कर आंशिक रूप से ध्वस्त या बदलाव करवा कर सुरक्षित किया जाएगा। -पुनीत गुप्ता, मुख्य अभियंता, पारेषण

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