Gorakhpur News: रामगढ़झील के पास नहीं होगी कूड़े की छंटनी
Gorakhpur News: रामगढ़झील, चिड़ियाघर और घनी आबादी के बीच निर्माणाधीन स्मार्ट गार्बेज ट्रांसफर स्टेशन (जीटीएस) एवं मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) सेंटर को लेकर नगर निगम ने बड़ा निर्णय लिया है। नगर आयुक्त ने बताया कि अब मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी का निर्माण नहीं होगा। परियोजना का उद्देश्य ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को आधुनिक बनाना है।
Gorakhpur News: राजीव दत्त पाण्डेय, गोरखपुर। रामगढ़झील, चिड़ियाघर और घनी आबादी के बीच निर्माणाधीन स्मार्ट गार्बेज ट्रांसफर स्टेशन (जीटीएस) एवं मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) सेंटर को लेकर उठे सवालों के बीच नगर निगम ने बड़ा कदम उठाया है। रामगढ़ताल थाने के सामने गोरखपुर विकास प्राधिकरण की जमीन पर अब मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) सेंटर का निर्माण नहीं कराया जाएगा। शुक्रवार को नगर आयुक्त अजय जैन ने गार्बेज ट्रांसफर स्टेशन एवं पार्किंग शेड के निर्माण स्थल का निरीक्षण किया। नगर आयुक्त अजय जैन ने मुख्य अभियंता अमित शर्मा को लिखित रूप से निर्देशित किया है कि पूर्व स्वीकृत कार्य में से एमआरएफ सेंटर का निर्माण नहीं होगा। उन्होंने बताया कि जीटीएस का इस्तेमाल विभिन्न क्षेत्रों से एकत्र कचरे को एक जगह लाकर आगे निस्तारण स्थल तक भेजने के लिए होगा। पूरी प्रक्रिया ऐसे होगी ताकि दुर्गंध न निकले। एमआरएफ सेंटर में कचरे से रीसाइकिल योग्य सामग्री अलग करने की व्यवस्था प्रस्तावित थी, लेकिन अब इस हिस्से का निर्माण नहीं होगा。
7.05 करोड़ की परियोजना
चयनित फर्म 7.05 करोड़ रुपये की लागत से स्मार्ट गार्बेज ट्रांसफर स्टेशन और पार्किंग शेड का निर्माण करेगी। मौके पर चाहरदीवारी निर्माण का कार्य शुरू हो चला है। यहां जीटीएस शेड, पार्किंग शेड, बाउंड्रीवाल, कार्यालय, गार्ड रूम और टॉयलेट ब्लॉक का निर्माण होगा।
इसलिए खड़े हो रहे थे सवाल
रामगढ़झील के किनारे निर्माण स्थल के आसपास रामगढ़झील, अशफाक उल्ला खां प्राणि उद्यान, नगर वन, बौद्ध संग्रहालय, वाटर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और कई आवासीय कॉलोनियां हैं। लोगों का कहना था कि कूड़े के संग्रहण और छंटाई से दुर्गंध, मच्छर-मक्खियों तथा भारी वाहनों की आवाजाही बढ़ सकती है।
नगर आयुक्त का बयान
नगर आयुक्त गोरखपुर अजय जैन ने बताया कि परियोजना का उद्देश्य महानगर में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को वैज्ञानिक और आधुनिक बनाना है। अब केवल स्मार्ट जीटीएस और पार्किंग का इंतजाम होगा। उसे ऐसा बनाया जा रहा है कि दुर्गंध के साथ ही किसी तरह की असुविधा किसी को न हो। एमआरएफ सेंटर अब वहां नहीं बनेगा।


