एनईआर ने इंजन में लगाया कवच, ट्रायल रन में पास
Gorakhpur News - फोटो कैप्शन::::लोको शेड में कचव से लैस से इंजन सफलता -ट्रायल के रूप

गोरखपुर, मुख्य संवाददाता। इंजनों को कवच सिस्टम से लैस करने का काम शुरू हो गया है। गोरखपुर लोको शेड में दो इंजनों कचव उपकरण सफलतापूर्वक लगा दिया गया है। सबसे अच्छी बात तो ये कि इंजन ट्रायल रन में पास हो गया है। एनईआर को पहले फेज में 213 उपकरण आवंटित किए गए हैं। वहीं दूसरी तरफ बाराबंकी से छपरा के बीच टावर लगाने का काम भी तेजी से चल रहा है। इस रफ्तार से चल रहे काम को देखते हुए संभावना जताई जा रही है कि आगामी छह महीने में किसी एक सेक्शन में ट्रायल कराया जा सकता है। एनईआर को मिले 213 कवच में से गोरखपुर लोको शेड को 60, गोण्डा लोको शेड को 95 और सैदपुर लोको शेड को 58 उपकरण दिए गए हैं।
ट्रेन की आमने-सामने की टक्कर रोकने के लिए पूर्वोत्तर रेलवे (एनईआर) जल्द ही बाराबंकी से गोरखपुर होकर छपरा रेल रूट कवच (स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली) से लैस होगा। करीब 438 किमी लंबे इस ट्रैक को मंजूरी मिलने के बाद पूर्वोत्तर रेलवे ने टॉवर लगाने का काम शुरू करा दिया है। इसमें गोरखपुर से बस्ती के बीच 20 टॉवर लगा भी दिए गए हैं। सबसे पहले सीतापुर-बुढ़वल रेल रूट पर स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली विकसित की जाएगी। दावा किया जा रहा है कि इस सुविधा से ट्रेन हादसों का खतरा काफी हद तक कम हो जाएगा। रेलवे में दुर्घटनाओं, आमतौर टक्कर को रोकने को में इस प्रणाली को अहम माना जा रहा है। इस खास तकनीक से एक ही ट्रैक पर आगे पीछे दौड़ने वाली ट्रेनों में टक्कर नहीं होगी। इसे रोकने के लिए जीपीएस, रेडियो फ्रीक्वेंसी का प्रयोग होगा। ट्रेनों के टकराने की स्थिति आने से पहले ही दोनों ट्रेनों में ऑटोमेटिक ब्रेक लगने के साथ ही पांच किलोमीटर के दायरे में मौजूद सभी ट्रेनों का संचालन भी बंद हो जाएगा।
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