Gorakhpur News: प्रदूषण से जंग में 17 पायदान फिसला गोरखपुर

हिन्दुस्तान, गोरखपुर
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Gorakhpur News: स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 में गोरखपुर 170 अंक के साथ पर 22वें पायदान पर पहुंचा

Gorakhpur News: प्रदूषण से जंग में 17 पायदान फिसला गोरखपुर

Gorakhpur News: गोरखपुर, प्रमुख संवाददाता। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की ओर से आयोजित स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में गोरखपुर की रैंकिंग में बड़ी गिरावट आई है। राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) के तहत 3 से 10 लाख आबादी वाले शहरों की श्रेणी में गोरखपुर 170 अंक के साथ 22वें स्थान पर है। हालांकि वर्ष 2025 में शहर को 195 अंक के साथ देश में पांचवां स्थान मिला था, जबकि 2024 में 191.5 अंक के साथ गोरखपुर चौथे पायदान पर था। वहीं, प्रदेश में गोरखपुर पांचवें स्थान पर है। पिछली बार दूसरा स्थान मिला था। इस बार गोरखपुर से ऊपर फिरोजाबाद, झांसी, मुरादाबाद, नोएडा हैं。

नगर निगम के समक्ष रैकिंग सुधारने की चुनौती

फिलहाल 2026 की सूची में राउरकेला 198.5 अंक के साथ पहले स्थान पर रहा। फिरोजाबाद और गुंटूर 195-195 अंक के साथ संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर रहे। 2025 के मुकाबले गोरखपुर के स्कोर में 25 अंकों की कमी आई है। वहीं, रैंकिंग भी पांचवें से गिरकर 22वें स्थान पर पहुंच गई। हालांकि 2024 में 191.5 अंक के साथ चौथे स्थान पर रहने के बाद 2025 में गोरखपुर ने 3.5 अंक सुधार करते हुए 195 अंक हासिल किए थे। इसके बाद 2026 के सर्वेक्षण में प्रदर्शन कमजोर रहा। सूची में गोरखपुर से आगे झांसी, देहरादून, उज्जैन, गुवाहाटी, जम्मू और कटक समेत कई शहर हैं। पिछली बार गोरखपुर उत्तर प्रदेश में दूसरे स्थान पर था लेकिन इस बार कोई रैंक नहीं है।

वायु गुणवत्ता सुधार के लिए मिले 150.31 करोड़

वन एवं पर्यावरण के क्षेत्र में कार्यरत हेरिटेज फाउंडेशन की संरक्षिका डॉ अनिता अग्रवाल कहती हैं कि महानगर में वायु प्रदूषण कम करने के लिए सड़क की धूल नियंत्रित करने, हरित क्षेत्र बढ़ाने, कचरा प्रबंधन और यातायात व्यवस्था में सुधार जैसे उपायों पर जोर है। इसके बावजूद सर्वेक्षण में गोरखपुर को शीर्ष शहरों में जगह नहीं मिलना दुखद है। नगर निगम और संबंधित विभागों के सामने अब अगले सर्वेक्षण में रैंकिंग सुधारने की चुनौती होगी। इसके लिए प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों पर प्रभावी नियंत्रण और किए जा रहे उपायों की नियमित निगरानी अहम होगी।

कोट

नॉन अटेनमेंट सिटी में शामिल गोरखपुर महानगर को अब तक राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत 150.31 करोड़ रुपये की धनराशि मिली है। इस धनराशि में से 114 करोड़ रुपये महानगर के गुणवत्ता सुधार पर खर्च किए गए हैं।

पिछली बार से इस बार बेहतर स्थिति थी लेकिन कहां कमी रही, यह विस्तृत रिपोर्ट मिलने के बाद ही पता चलेगा। रिपोर्ट में यदि कोई सर्वेक्षण में तकनीकी खामी मिली तो अपना पक्ष रखेंगे। विस्तृत रिपोर्ट देखने के बाद अपने स्तर पर भी सुधार के लिए बेहतर कार्य योजना बनाई जाएगी। - अजय जैन, नगर आयुक्त

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

✦गोरखपुर की 2026 की रैंकिंग क्या है?−
गोरखपुर की 2026 की रैंकिंग 22वें स्थान पर है।
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