राज्यकर विभाग के कार्यालय में चौथे दिन भी सुलगती रहीं फाइलें
Gorakhpur News - जर्जर बिल्डिंग में काम करने को तैयार नहीं कर्मचारी, डीएम से भवन की मांग शुक्रवार
गोरखपुर, वरिष्ठ संवाददाता राज्यकर विभाग के कार्यालय में शुक्रवार को देर रात लगी भीषण आग के बाद सोमवार को भी फाइलों से धुआं निकलता नजर आया। सहमे कर्मचारी कार्यालय में काम करने को तैयार नहीं है। ऊहापोह के बीच विभाग के ज्वाइंट कमिश्नर कार्यपालक और डिप्टी कमिश्नर प्रशासन ने जिलाधिकारी दीपक मीणा से मिलकर कार्यालय के लिए वैकल्पिक भवन की मांग की है। वहीं, सोमवार को भी जिलाधिकारी द्वारा गठित टीम जांच नहीं शुरू कर सकी। सोमवार को राज्यकर विभाग के सभी अधिकारी और कर्मचारी समय से कार्यालय पहुंचे। कार्यालय में जली फाइलों, कम्प्यूटर, अलमारी से लेकर पंखों के बीच कोई चंद मिनट ठहरने की हिम्मत नहीं जुटा सका।
कर्मचारी अधजली फाइलों के पन्नों को सुरक्षित करने में जुटे रहे। एक कर्मचारी की 15 लाख की मेडिकल क्लेम की फाइल जल गई। वह फाइल को लेकर परेशान नजर आया। इसी तरह अधिकारी से लेकर कर्मचारी अपनी महत्वपूर्ण फाइलों को लेकर बेचैन दिखे। पहले फ्लोर पर जमा पानी को हटाने में काफी दिक्कत हुई। सोमवार को करीब 50 की संख्या में अधिकारी और कर्मचारी कार्यालय के बाहर टेंट लगाकर बैठे दिखे। सभी आग लगने के कारणों को लेकर अलग-अलग तर्क रखते दिखे। आग लगने के बाद बिल्डिंग जर्जर हो चुकी है। इसे देखते हुए ज्वाइंट कमिश्नर कार्यपालक आदित्य भारती और डिप्टी कमिश्नर प्रशासन आलोक सचान ने सोमवार को पूरे प्रकरण को लेकर जिलाधिकारी दीपक मीणा से मुलाकात की। अधिकारियों ने बिल्डिंग की स्थिति को अवगत कराते हुए कार्यालय के लिए नए भवन को मुहैया कराने की मांग रखी। जिस पर जिलाधिकारी ने प्रस्ताव बनाकर देने को कहा। साथ ही भरोसा दिया कि बिल्डिंग जल्द मुहैया करा दी जाएगी। एडिशनल ग्रेड वन ने कार्यालयों का किया निरीक्षण राज्यकर विभाग में एडिशनल ग्रेड वन संजय कुमार ने सोमवार को मातहतों के साथ से विभिन्न कार्यालयों का निरीक्षण किया। अधजली फाइलें को लेकर निर्देश दिया कि बचे हुए पन्नों को सुरक्षित किया जाए। कार्यालय के जल्द संचालन को लेकर कर्मचारियों को भरोसा भी दिया। नहीं पहुंची डीएम द्वारा गठित जांच कमेटी जिलाधिकारी दीपक मीणा ने अपर जिलाधिकारी नगर अंजनी कुमार सिंह की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। कमेटी को तीन दिन में जांच कर रिपोर्ट देनी थी। लेकिन तीन दिन पूरा होने के बाद भी कमेटी के सदस्य मौके पर जांच को नहीं पहुंचे। हालांकि लखनऊ मुख्यालय से पहुंची राज्यकर विभाग की दो सदस्यीय टीम साक्ष्य लेकर वापस लौट चुकी है। वहीं, विभागीय टीम नुकसान का आकलन करने में जुट गई है। विद्युत सुरक्षा निदेशालय की तरफ से अभी निरीक्षण नहीं किया गया है। निदेशालय के एई अमित कुमार ने बताया कि एडीएम सिटी की अध्यक्षता में पांच सदस्यों की टीम गठित की गई है। निर्देश प्राप्त होने पर टीम ज्वाइंट सर्वे करेगी। जिसके बाद निदेशालय की तरफ से रिपोर्ट तैयार किया जाएगा। सर्वर रूम को सक्रिय करने की नहीं हुई पहल राज्यकर विभाग में सर्वर रूम पूरी तरह से जल चुका है। बिना सर्वर रूम के सक्रिय हुए कामकाज सामान्य होना संभव नहीं है। सोमवार को कार्यालय पहुंचे कर्मचारी सबसे पहले सर्वर रूम में ही पहुंचे। अधिकारी सर्वर सक्रिय होने तक कामकाज के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की तैयारी में हैं। जर्जर हो चुकी है बिल्डिंग, छत में दिख रही सरिया राज्यकर विभाग ने जीडीए से 18 करोड़ रुपये में बिल्डिंग खरीदी थी। बिल्डिंग की गुणवत्ता को लेकर शुरू से सवाल उठते रहे हैं। भीषण आग के बाद बिल्डिंग की स्थिति और खराब हो गई है। आग के बाद कर्मचारी काम करने को तैयार नहीं है। उनका कहना है कि उच्च स्तरीय टीम की जांच के बाद जरूरी मरम्मत के बाद भी कार्यालय में कामकाज शुरू होना चाहिए। आग के चलते बिल्डिंग की दीवार चटक गई है। छत और पिलर चटकने से सरिया दिखने लग रहा है। परिसर में अमरनाथ के चाय की दुकान के पास पिलर दो से तीन इंच खिसक गया है। बिल्डिंग में आग लगने की स्थिति में बचाव के लिए लगी पाइप भी पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। पाइप दो भाग में बंटी हुई है, ऐसे में आपात स्थिति में पानी की व्यवस्था हो ही नहीं सकती है। नुकसान का आकलन किया जा रहा है। कार्यालय में कैसे जल्द काम शुरू हो इसके लिए निरीक्षण कर कार्ययोजना बनाई जा रही है। कार्यालय के वैकल्पिक व्यवस्था के लिए जिलाधिकारी से भी अनुरोध किया गया है। जल्द से जल्द कामकाज सामान्य हो, इसका प्रयास हो रहा है। संजय कुमार, एडिशनल कमिश्नर ग्रेड वन

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