वीडियो कांफ्रेंसिंग से तेज हुई न्याय प्रक्रिया, 40 करोड़ की बचत
Gorakhpur News - गोरखपुर में अभियोजन निदेशक ललित मुद्दल ने संयुक्त अभियोजन कार्यालय का निरीक्षण किया और अभियोजन कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने वीडियो कांफ्रेंसिंग की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया, जिससे मुकदमों की सुनवाई में तेजी आई है। इस प्रणाली से 40 करोड़ रुपये की बचत हुई है और न्याय प्रक्रिया अधिक प्रभावी हुई है।

गोरखपुर, वरिष्ठ संवाददाता। उत्तर प्रदेश के अभियोजन निदेशक ललित मुद्दल ने गोरखपुर स्थित संयुक्त अभियोजन कार्यालय का निरीक्षण कर अभियोजन कार्यों की समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने न्यायिक प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाने में वीडियो कांफ्रेंसिंग की भूमिका को बेहद अहम बताया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की वीडियो कांफ्रेंसिंग व्यवस्था न्याय क्षेत्र में क्रांतिकारी पहल साबित हो रही है। अब एक जिले में चल रहे मुकदमों की गवाही दूसरे जिले से कराई जा सकती है। उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि कानपुर में चल रहे मुकदमे की गवाही गोरखपुर से ही संभव है, जिससे पहले लगने वाले दो दिन के बजाय अब मात्र दो घंटे में सुनवाई पूरी हो जाती है।उन्होंने
बताया कि इस आधुनिक व्यवस्था से अब तक करीब 40 करोड़ रुपये की बचत हो चुकी है, जो सरकार की दूरदर्शी सोच और तकनीकी नवाचार का परिणाम है। इससे न केवल खर्च में कमी आई है, बल्कि न्याय प्रक्रिया भी अधिक प्रभावी और सुगम हुई है। अभियोजन निदेशक ने हाल ही में दुष्कर्म के एक मामले में मात्र 15 कार्य दिवसों में आरोपी को आजीवन कारावास दिलाने पर अभियोजन टीम की सराहना की।उन्होंने उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र दिलाने की बात कही। उन्होंने लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण, पारदर्शिता और संवेदनशील मामलों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। इस दौरान संयुक्त निदेशक अशोक मिश्र सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


