Gorakhpur News: नगर निगम को मिली डबल ए रेटिंग, कम ब्याज पर जुटेगी रकम
Gorakhpur News: राजीव दत्त पाण्डेय, गोरखपुर। नगर निगम के लिए 80 करोड़ रुपये के म्यूनिसिपल
Gorakhpur News: राजीव दत्त पाण्डेय, गोरखपुर। नगर निगम के लिए 80 करोड़ रुपये के म्यूनिसिपल बॉन्ड जुटाने की राह साफ हो गई है। म्यूनिसिपल बॉन्ड जारी करने के लिए निगम को डबल ए रेटिंग मिली है। बेहतर रेटिंग से बॉन्ड पर ब्याज की दर कम रखने में मदद मिलेगी, जिससे निगम पर लंबे समय तक पड़ने वाला वित्तीय बोझ भी घटेगा।
नगर निगम द्वारा पंजीकरण प्रक्रिया
रेटिंग तय होने के बाद अब म्यूनिसिपल बॉन्ड जारी करने के लिए सेबी में पंजीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। जरूरी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद करीब 20 दिन में बॉन्ड की रकम नगर निगम के खाते में आने की उम्मीद है। रेटिंग कंपनी ने नगर निगम की वित्तीय स्थिति, आय के स्रोत और उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर रेटिंग तय की है। सोमवार से बॉन्ड जारी करने के लिए जरूरी प्रपत्रों को सेबी की वेबसाइट पर ऑनलाइन अपलोड करने की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है। इसके लिए बैंकर्स टीम नगर निगम पहुंचेगी और यहीं से सभी जरूरी दस्तावेज ऑनलाइन माध्यम से सेबी को भेजे जाएंगे। इसके बाद बॉन्ड जारी करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। नगर निगम के लेखाधिकारी नागेंद्र सिंह ने बताया कि बॉन्ड की रेटिंग जितनी बेहतर होती है, निवेशकों का भरोसा उतना बढ़ता है और ब्याज दर कम रखने में मदद मिलती है। बॉन्ड की रकम से जलकल भवन परिसर में 350 करोड़ रुपये की लागत से कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स बनाया जाएगा।
डबल ए रेटिंग के फॉयदे
नगर निगम के म्यूनिसिपल बॉन्ड को डबल ए रेटिंग मिलना उसकी वित्तीय साख के लिहाज से महत्वपूर्ण है। इसका मतलब है कि रेटिंग एजेंसी के आकलन में निगम की ब्याज और मूलधन समय पर चुकाने की क्षमता मजबूत है। बॉन्ड में क्रेडिट जोखिम अपेक्षाकृत कम है। डबल ए उच्च सुरक्षा वाली श्रेणी है, हालांकि यह ट्रिपल ए से एक पायदान नीचे होती है। फिलहल बेहतर रेटिंग से निवेशकों को भरोसा मिलता है। गोरखपुर नगर निगम के लिए बाजार से अपेक्षाकृत कम लागत पर धन जुटाने की संभावना बढ़ती है।
निवेशकों का भरोसा और विकास कार्य
गोरखपुर नगर निगम को डबल ए रेटिंग मिलना हमारे लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे निगम की वित्तीय स्थिति और संसाधन जुटाने की क्षमता पर निवेशकों का भरोसा मजबूत होगा। इस रेटिंग के आधार पर सेबी में पंजीकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में भी सहूलियत मिलेगी। हमारा प्रयास है कि अगले सप्ताह तक सेबी में पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी कर ली जाए। इसके बाद नगर निगम बॉंड जारी करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा, जिससे विकास कार्यों के लिए आवश्यक वित्तीय संसाधन जुटाने में मदद मिलेगी।
अजय जैन, नगर आयुक्त, गोरखपुर


