निराश्रित श्वानों के लिए तीन डॉग कैचिंग वाहन खरीदें
गोरखपुर नगर निगम ने निराश्रित श्वानों को पकड़ने के लिए तीन डॉग कैचिंग वाहनों की खरीद की है। इनकी कुल लागत लगभग 33 लाख रुपये है। इससे निराश्रित कुत्तों के टीकाकरण और बंध्याकरण में तेजी आएगी। वर्तमान में एक पुराने वाहन का उपयोग किया जा रहा था जो अक्सर खराब हो जाता था।
गोरखपुर। प्रमुख संवाददाता नगर निगम क्षेत्र में निराश्रित श्वानों को पकड़ने के लिए तीन डॉग कैचिंग वाहनों की नगर निगम ने खरीद की है। इनमें से दो वाहन 15वें वित्त आयोग के तहत धनराशि से और एक वाहन गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) से प्राप्त बजट के माध्यम से खरीदा गया है।
वाहनों की लागत
अपर नगर आयुक्त अतुल कुमार ने बताया कि महिंद्रा कंपनी के बोलेरो मैक्स मॉडल के कुल तीन डॉग कैचिंग वाहनों की खरीद लगभग 33 लाख रुपये की लागत खरीदे गए हैं। इन वाहनों के संचालन से शहर में निराश्रित श्वानों के नियंत्रण एवं पशु प्रबंधन कार्यों को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित किया जा सकेगा। वर्तमान में सिर्फ एक पुराने मैजिक वाहन को डॉग कैचिंग वाहन के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था जो अक्सर खराब हो जाता था। जिससे रेस्क्यू और कैचिंग काम प्रभावित होता था। अक्सर वह इकलौता वाहन वीआईपी ड्यूटी पर ही तैनात मिलता था। अपर नगर अयुक्त अतुल कुमार ने बताया कि जल्द ही मोबाइल रेस्क्यू वैन भी खरीदी जाएगी।
बंध्याकरण एवं वैक्सिनेशन
संशाधन बढ़े तो बंध्याकरण एवं वैक्सिनेशन भी बढ़ेगा
अब जब की पुराना और तीन नए डॉग कैचिंग वाहन निगम को मिल गए हैं। निराश्रित कुत्तों का टीकाकरण एवं बंध्याकरण भी रफ्तार पकड़ेगा। 60-60 वर्ग फीट के 10 केनेल और बढ़ा दिए जाए तो हर दिन 70 से 80 कुत्तों की नसबंदी कर उन्हे सुरक्षित रखा जा सकेगा। पशु कल्याण अधिकारी डॉ रोबिन चंद्रा के मुताबिक वर्तमान में गर्मियों के बीच 28 से 30 डॉग का वैक्सिनेशन एवं बंध्याकरण हो पा रहा है।
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