
सार्वजनिक संपत्ति गंदी की तो 5 हजार जुर्माना
Gorakhpur News - गोरखपुर नगर निगम ने शहर की स्वच्छता और सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा के लिए सख्त नियम लागू किए हैं। बिना अनुमति सरकारी सम्पत्तियों पर पोस्टर लगाने और सेप्टिक टैंक की सफाई में लापरवाही करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। सभी सफाई मित्रों के लिए सुरक्षा उपकरण पहनना अनिवार्य होगा।
गोरखपुर, मुख्य संवाददाता। नगर निगम गोरखपुर ने शहर की स्वच्छता और सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा को लेकर नियमों को सख्ती से लागू करने का ऐलान किया है। बिना अनुमति सरकारी सम्पत्ति पर पोस्टर-बैनर से लेकर सेप्टिक टैंक की सफाई तक लापरवाही बरतने वालों पर अब बिना चेतावनी कार्रवाई की जाएगी। नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने आमजन से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना दंडनीय अपराध है। नगर निगम गोरखपुर ने स्पष्ट किया है कि नगर निगम की किसी भी संपत्ति-दीवारों, बिजली के खंभों, सड़कों की संरचनाओं, बस स्टॉप, पुल, नालियों और सार्वजनिक भवनों-पर बिना अनुमति पोस्टर, बैनर, होर्डिंग, स्टीकर या पेंटिंग करना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
नियम तोड़ने पर संबंधित व्यक्ति, संस्था, राजनीतिक दल या व्यावसायिक प्रतिष्ठान से क्षति की पूरी लागत वसूलने के साथ न्यूनतम 5 हजार रुपये या उससे अधिक का जुर्माना लगाया जाएगा और अपने खर्च पर स्थान को पूर्व स्थिति में साफ या पेंट कराना होगा। खुले में फीकल स्लज डालने पर जुर्माना लगेगा इसके साथ ही नगर निगम सीमा में निजी सेप्टिक टैंक सफाई वाहनों द्वारा नालों, तालाबों या खुले स्थानों पर फीकल स्लज (मल कीचड़) डालना दंडनीय अपराध घोषित किया गया है। ऐसे मामलों में पकड़े जाने पर 5 हजार रुपये जुर्माने के साथ तरल अपशिष्ट प्रबंधन अधिनियम और राष्ट्रीय हरित अधिकरण के आदेशों के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। बिना सेफ्टी गियर, सेप्टिक टैंकों की सफाई पर होगी कार्रवाई नगर निगम ने यह भी निर्देश जारी किया है कि सेप्टिक टैंकों की सफाई के दौरान सभी सफाई मित्रों का सुरक्षा उपकरण (सेफ्टी गियर) पहनना अनिवार्य होगा। बिना सुरक्षा उपकरण कार्य करते पाए जाने पर सफाई मित्र, वाहन स्वामी और संबंधित परिसर स्वामी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। 1000 देकर साफ कराएं आवासीय सेप्टिक टैंक नगर निगम गोरखपुर सीमान्तर्गत सेप्टिक टैंकों की सफाई के लिए कम्प्यूटर विभाग में निर्धारित काउण्टर पर 1000 रुपये जमा कर घरेलू आवासीय एवं 2000 रुपये जमा कर व्यवसायिक भवनों के सेप्टिक टैंको की सफाई सुरक्षित एवं वैज्ञानिक तरीके कराई जा सकती है। गलत सेप्टिक टैंक बने तो नहीं बख्शे जाएंगे नगर निगम गोरखपुर ने आवासीय और व्यावसायिक भवनों में सेप्टिक टैंकों के निर्माण को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। नगर निगम सीमा क्षेत्र में स्थित सभी आवासीय एवं व्यावसायिक भवनों में सेप्टिक टैंकों का निर्माण अनिवार्य रूप से आईएस-2470 (पार्ट-01 एवं पार्ट-02) के मानकों और दिशा-निर्देशों के अनुसार होना चाहिए। निर्धारित मानकों से हटकर बने सेप्टिक टैंक नगर निगम नियमों का उल्लंघन माने जाएंगे। नियमों का पालन न करने की स्थिति में संबंधित भवन स्वामी या प्रतिष्ठान के खिलाफ नगर निगम द्वारा विहित प्रावधानों के अंतर्गत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। निगम ने नागरिकों से अपील की है कि वे समय रहते मानकों के अनुरूप सेप्टिक टैंक का निर्माण कराएं, ताकि स्वच्छता व्यवस्था और पर्यावरण सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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