
महानगर में खतरनाक प्रजाति के पांच सौ से ज्यादा कुत्ते
Gorakhpur News - अगस्त 2023 में गोरखपुर नगर निगम द्वारा श्वान संबंधी उपविधि लागू की गई, लेकिन अब तक केवल 112 पालतू कुत्तों का पंजीकरण हुआ है। महानगर में 500 से अधिक प्रतिबंधित प्रजातियों के कुत्ते हैं, लेकिन कोई...
गोरखपुर, मुख्य संवाददाता। अगस्त 2023 में नगर निगम की तीसरी बोर्ड बैठक में पारित गोरखपुर नगर निगम श्वान संबंधी अनुज्ञप्ति, नियंत्रण और विनियमन उपविधि-2023 का गजट प्रकाशन 10 अगस्त 2024 को हुआ और इसे तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया। इसके बाद भी वित्त वर्ष 2025-26 में अब तक केवल 112 पालतू कुत्तों का पंजीकरण नगर निगम में हुआ है। महानगर में 500 से अधिक पीटबुल, रॉटवीलर, बुलडॉग, डोगो अर्जेंटिना सरीखी प्रतिबंधित प्रजातियां रखे हैं, लेकिन पंजीकरण न कराने या प्रतिबंधित प्रजाति के कुत्ते पालने पर किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कोई जुर्माना या कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
नगर निगम के पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी रोबिन चंद्रा के अनुसार, महानगर में लगभग 60 हजार निराश्रित कुत्ते हैं। एबीसी (एडाप्ट, ब्रीडिंग, कंट्रोल) सेंटर पुरानी फर्म द्वारा संचालित है, जिसे सितंबर से नई फर्म संभालेगी। उनका लक्ष्य एक साल में 12 हजार निराश्रित कुत्तों का नसबंदी करना है। संसाधनों की कमी के कारण पालतू कुत्तों के पंजीकरण में सख्ती नहीं हो पा रही है। उन्होंने श्वान पालकों से अपील की है कि वे अपने कुत्तों के वैक्सीनेशन और एंटी रैबीज टीकाकरण का प्रमाण साथ लाकर पंजीकरण कराएं। पंजीकरण के लिए जरूरी शर्तें पालतू कुत्तों के पंजीकरण के लिए वैध पशु चिकित्सक से जारी एंटी रेबीज टीकाकरण प्रमाण पत्र और बंध्याकरण प्रमाण पत्र अनिवार्य हैं। बंध्याकरण एक वर्ष की उम्र पूरी करने के बाद करवाना होगा, हालांकि विशेष चिकित्सा स्थिति में छूट दी जा सकती है। शुल्क और पंजीकरण सीमा प्रत्येक कुत्ते के पंजीकरण के लिए 200 रुपये शुल्क देना होगा, जबकि नवीनीकरण शुल्क 100 रुपये प्रति कुत्ता होगा। 200 वर्ग गज के क्षेत्र में अधिकतम 2 और 300 वर्ग गज में अधिकतम 4 कुत्तों का पंजीकरण होगा। शपथ पत्र और जिम्मेदारियां कुत्ता पालकों को यह शपथ पत्र भी देनी होगी कि वे अपने श्वानों से सार्वजनिक असुविधा नहीं होने देंगे। यदि किसी के पास 5 या उससे अधिक कुत्ते होंगे तो उन्हें पशु शेल्टर की व्यवस्था करनी होगी। आवासीय क्षेत्र में इतने अधिक कुत्ते रखना प्रतिबंधित होगा। कुत्तों की साफ-सफाई की पूरी जिम्मेदारी मालिक की होगी। निराश्रित कुत्तों की देखरेख नगर निगम ने निराश्रित कुत्तों की देखभाल की जिम्मेदारी रेजिडेंट वेलफेयर समिति (आरडब्ल्यूए) को सौंपी है। कोई भी व्यक्ति किसी के घर के सामने कुत्तों को खाना नहीं खिलाएगा या गंदगी नहीं फैलाएगा। पशु प्रेमियों और आरडब्ल्यूए की सहमति से कुत्तों के भोजन के लिए विशेष स्थान निर्धारित किए जाएंगे। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के नए आदेश के अनुसार उपविधि में बदलाव संभव है। सार्वजनिक स्थानों में मजल अनिवार्य सार्वजनिक स्थान जैसे पार्क और लिफ्ट में कुत्तों को ले जाते समय मजल लगाना अनिवार्य है। केवल अत्यधिक गर्मी में जहां लोग कम हों वहां मजल हटाने की छूट मिलेगी। प्रतिबंधित प्रजातियां नगर निगम ने आक्रामक कुत्तों की प्रजातियां जैसे पीटबुल, रॉटवीलर, बुलडॉग, डोगो अर्जेंटिना आदि के पंजीकरण और ब्रीडिंग पर प्रतिबंध लगाया है। लेकिन जो लोग पहले से इन प्रजातियों के कुत्ते पाल रहे हैं, उनके लिए उपविधि में कोई स्पष्ट समाधान नहीं दिया गया है। बाक्स अब तक 2646 निराश्रित कुत्तों की नसबंदी और एटी रैबिज वैक्सीन लगा माह-मेल-फिमेल मार्च-160-096-256 अप्रैल-289-213-502 मई-361-339-700 जून-402-377-779 जुलाई-135-171-306 अगस्त-47-56-103

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