
यात्री प्लेटफार्म पर सीधे कर सकेंगे प्रवेश, मिलेगी सहूलियत
संक्षेप: Gorakhpur News - - पूर्व में स्वीकृत डिजाइन के अनुसार रूफ टॉप पर चढ़ने के बाद पहुंचते हैं
गोरखपुर, मुख्य संवाददाता गोरखपुर जंक्शन के पुनर्विकास की डिजाइन में अहम बदलाव की तैयारी है। अभी तक की डिजाइन के अनुसार जहां पहले रूफ टॉप पर चढ़ने के बाद प्लेटफार्म पर जाने की व्यवस्था की गई थी वहीं बदलाव हो जाने के बाद यात्रियों को वर्तमान व्यवस्था के अनुसार ही प्लेटफार्म पर ही भेजा जाएगा। हालांकि अभी इसपर अंतिम मुहर लगनी बाकी है। पुनर्विकास के वर्तमान मॉडल के हिसाब से गोरखपुर जंक्शन के अंदर प्रवेश करने के लिए पहले लिफ्ट, स्वचलित सीढ़ियों या फिर सामान्य सीढ़ी से ऊपर चढ़ना होगा फिर वहां से अपने प्लेटफार्म पर जाने की व्यवस्था है। जंक्शन के पुनर्विकास पर 498 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

गोरखपुर जंक्शन स्टेशन का पुनर्विकास आगामी 50 वर्षों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। वर्तमान में करीब 93 हजार यात्री रोजाना इस स्टेशन से आते-जाते हैं जिसके अगले 50 साल बाद बढ़कर ढाई लाख हो जाने की संभावना है। इस काम को 2027 में पूरा करने का टार्गेट है। रूफ प्लाजा से प्लेटफॉर्मों तथा प्रवेश एवं निकास द्वार को 38 लिफ्ट, 22 एस्कलेटर एवं दो ट्रैवेलेटर के माध्यम से जोड़ा जाएगा। 300 वर्ग मीटर में टिकट खिड़कियां बनाई जाएंगी। स्टेशन परिसर में कंजेशन फ्री प्रवेश एवं निकास का प्रावधान किया जाएगा। दो मल्टीपरपज वाणिज्यिक टॉवर बनाए जाएंगे, जिसमें मल्टी लेवल कार पार्किंग, बजट होटल, कामर्शियल शॉप बनाए जाएंगे बॉक्स सिटी सेंटर बनेगा नया स्टेशन भवन गोरखपुर जंक्शन स्टेशन के पुनर्विकास मॉडल में स्थानीय सांस्कृतिक विरासत एवं वास्तुकला को समाहित किया गया है। नए स्टेशन भवन को सिटी सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा। वर्तमान में मुख्य स्टेशन भवन का निर्माण 5,855 वर्ग मीटर एवं द्वितीय प्रवेश द्वार का निर्माण 720 वर्ग मीटर में किया गया है। प्रस्तावित स्टेशन का निर्माण 17,900 वर्ग मीटर एवं द्वितीय प्रवेश द्वार का निर्माण 7,400 वर्ग मीटर में किया जाएगा। 10,800 वर्ग मीटर में रूफ प्लाजा बनेगा, जहां फूड आउटलेट, वेटिंग हॉल, एटीएम एवं किड्स प्ले एरिया का प्रावधान किया जाएगा। 15 जनवरी 1885 में बना था गोरखपुर स्टेशन रेलवे की जानकारों के अनुसार 15 जनवरी, 1885 को सोनपुर से मनकापुर तक मीटर गेज रेल लाइन के निर्माण के साथ ही गोरखपुर रेलवे स्टेशन अस्तित्व में आया। वर्ष 1886 में गोरखपुर से उस्का बाजार लाइन के निर्माण के साथ ही यह जंक्शन स्टेशन बन गया। वर्ष 1981 में छपरा से मल्हौर तक का आमान परिवर्तन हुआ और गोरखपुर जंक्शन बड़ी लाइन के माध्यम से देश के अन्य महानगरों से जुड़ गया।

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