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26 फरवरी, 2020|12:15|IST

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आयुष्मान योजना में गोरखपुर चौथे स्थान पर

आयुष्मान योजना में गोरखपुर चौथे स्थान पर

आयुष्मान मरीजों को इलाज मुहैया कराने में सूबे में गोरखपुर चौथे स्थान पर है। पहले स्थान पर वाराणसी है। दूसरे पायदान पर बरेली और लखनऊ तीसरे पायदान पर है। प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना का हाल जानने के लिए राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने सोमवार को बैठक बुलाई है। इसमें सीएमओ भी शामिल होंगे।

अब तक हुआ 9100 मरीजों का इलाज

एडिशनल सीएमओ आयुष्मान योजना डॉ. एनके पाण्डेय के मुताबिक जिले में 1.30 लाख लाभार्थियों का गोल्डन कार्ड बन चुका है। अब तक 9100 मरीजों को इलाज उपलब्ध कराया जा चुका है। इसमें दिल के मरीजों को स्टेंट डाले गए हैं। हड्डी के मरीजों का घुटना प्रत्यारोपित किया जा चुका है। सड़क हादसे में घायलों का रॉड आदि लगाई जा चुकी है। कैंसर मरीजों को कीमोथेरेपी समेत दूसरा इलाज मुहैया कराया जा चुका है।

पांच लाख रुपये तक का फ्री इलाज

डॉ. एनके पाण्डेय ने बताया कि जिले में इस योजना के अंतर्गत 65 अस्पताल संबद्ध हैं। इनमें 54 निजी अस्पताल व 11 सरकारी अस्पताल पंजीकृत हैं। इस योजना में ढीलाई बरतने के कारण चार अस्पतालों की संबद्धता खत्म की गई है। प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना के तहत बीपीएल व गरीब मरीजों को पांच लाख रुपये तक के इलाज का प्रावधान है। इसके लिए सरकारी व पंजीकृत अस्पतालों में गोल्डेन कार्ड बनाए जा रहे हैं। इस कार्ड को दिखाने के बाद मरीज इलाज हासिल कर सकते हैं। भर्ती या फिर डे-केयर मरीज को मुफ्त इलाज का प्रावधान है।

यहां करें शिकायत

आयुष्मान योजना के गोल्डन कार्ड बनने या फिर इलाज में किसी तरह की अड़चन आ रही हे तो टोल फ्री नम्बर 14555 पर शिकायत दर्ज करा सकते है। साथ ही योजना में उनका नाम जुड़ा है या नहीं इसका भी पता लगा सकते हैं।

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  • Web Title:Gorakhpur in fourth place in Ayushman Yojana