Gorakhpur News: मानीराम-जगदीशपुर रिंग रोड की सर्विस लेन का एलाइनमेंट बदलेगा
Gorakhpur News: गोरखपुर विकास प्राधिकरण ने मानीराम-जगदीशपुर रिंग रोड पर दूसरी सर्विस लेन के एलाइनमेंट में बदलाव को मंजूरी दी है। भू-स्वामियों की अपील पर भूमि का उपयोग औद्योगिक रूप में करने का प्रस्ताव स्वीकृत हुआ है। इससे प्रभावित नागरिकों को बची जमीन का व्यावसायिक उपयोग करने का अवसर मिलेगा।
Gorakhpur News: गोरखपुर, राजीव दत्त पाण्डेय। मानीराम-जगदीशपुर रिंग रोड पर सराय गुलहरिया में महाराजगंज मार्ग क्रासिंग के पास प्रस्तावित दूसरी सर्विस लेन के एलाइनमेंट में बदलाव की तैयारी है। गोरखपुर विकास प्राधिकरण बोर्ड की 31 अगस्त को हुई बैठक में वैकल्पिक सर्विस रोड उपलब्ध होने की स्थिति में इस हिस्से की जमीन का भू-उपयोग बदलने को स्वीकृति दे दी है। जल्द प्रस्ताव तैयार कर शासन में भेजा जाएगा。
सर्विस लेन की स्थिति
एनएचएआई ने मानीराम-जगदीशपुर फोरलेन लेन रिंग रोड को गोरखपुर महायोजना-2031 (पुनरीक्षित) में यथावत रखा है। इसके तहत 60 मीटर मार्गाधिकार, दोनों ओर 30-30 मीटर हरित पट्टी और इसके बाद 18 मीटर चौड़ी सर्विस रोड प्रस्तावित है। सराय गुलहरिया और परसिया के कुछ भू-स्वामियों ने इस अतिरिक्त सर्विस रोड के कारण उनकी बची जमीन के उपयोग में आ रही दिक्कत को लेकर प्राधिकरण से रास्ता बदलने का अनुरोध किया था।
भू-स्वामियों की समस्या
भू-स्वामियों का कहना है कि रिंग रोड के निर्माण के दौरान वर्ष 2021 में उनकी काफी जमीन अधिग्रहित हो चुकी है। अब एनएचएआई की सर्विस लेन के साथ जीडीए की प्रस्तावित दूसरी सर्विस लेन और ग्रीन जोन के कारण शेष जमीन भी उपयोग के लायक नहीं बच रही है। ग्रामीणों ने भूमि के ठीक पहले बंद पड़ी नहर किनारे पहले से मौजूद सड़क को वैकल्पिक सर्विस रोड के रूप में जोड़ने का सुझाव दिया है। यह सड़क मेट्रोपॉलिटन स्कूल वाली सड़क में जाकर मिल जाती है।
अभिमत और प्रस्ताव
प्राधिकरण ने प्रभावित ग्रामीणों के हित में इस संबंध में सिंचाई विभाग से उसकी भूमि को वैकल्पिक सर्विस रोड के रूप में इस्तेमाल करने के लिए अभिमत मांगा है। साथ ही मुख्य नगर एवं ग्राम नियोजक, उत्तर प्रदेश से भी राय मांगी गई है। इस मामले को जिला उद्योग बंधु समिति में भी नियमित रूप से रखा जा रहा है।
जल्द शासन को प्रस्ताव
वैकल्पिक सर्विस रोड सुनिश्चित होने पर गोरखपुर विकास प्राधिकरण बोर्ड ने प्रभावित भूमि का भू-उपयोग बदलकर औद्योगिक (लघु एवं सेवा उद्योग) किए जाने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की है। इससे भू-स्वामियों को बची जमीन का व्यावसायिक उपयोग करने का अवसर मिल सकेगा। अब जब बोर्ड का अनुमोदन मिल गया है, जल्द ही जीडीए शासन में स्वीकृति के लिए प्रस्ताव भेजेगा।
खास-खास
- सराय गुलहरिया और परसिया के नागरिकों की अपील पर जीडीए बोर्ड में निर्णय
- प्रभावित भूमि का भू उपयोग ग्रीन से बदल औद्योगिक (लघु एवं सेवा उद्योग) होगा
- इन दोनों क्षेत्र के लोग अधिग्रहण से बची भूमि का कर सकेंगे व्यावसायिक उपयोग


