
उम्मीदें 2026: रानीडीहा से सिक्टौर तक 34.57 करोड़ से बनेगा आरसीसी नाला
Gorakhpur News - गोरखपुर नगर निगम ने जलभराव की समस्या से निपटने के लिए रानीडीहा तिराहा से सिक्टौर चौराहा तक 34.57 करोड़ रुपये की लागत से आरसीसी नाला और सम्प-कम-पंप हाउस का निर्माण शुरू करने का निर्णय लिया है। यह परियोजना चार वार्डों की 55 हजार आबादी को लाभान्वित करेगी और जलनिकासी की व्यवस्था को बेहतर बनाएगी।
गोरखपुर। मुख्य संवाददाता नगर निगम गोरखपुर महानगर शहर के निचले इलाकों में जलभराव की समस्या से निजात दिलाने के लिए रानीडीहा तिराहा से सिक्टौर चौराहा तक आरसीसी नाला एवं सम्प-कम-पंप हाउस के निर्माण की महत्वाकांक्षी परियोजना शुरू करेगा। इस परियोजना पर कुल 34.57 करोड़ रुपये की लागत आएगी जिसमें निर्माण कार्य के साथ संचालन एवं अनुरक्षण की राशि भी शामिल है। गत दिवस नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने मण्डलायुक्त अनिल ढींगरा और जिलाधिकारी दीपक मीणा के समक्ष प्रस्तुति दिया। अब जल्द ही परियोजना स्वीकृति के लिए शासन में भेजी जाएगी। नगर निगम की इस परियोजना का उद्देश्य रानीडीहा, मालवीय नगर, खोराबार एवं आसपास के निचले क्षेत्रों में वर्षा के दौरान होने वाले जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान करना है।
प्रस्तावित नाले के माध्यम से वर्षा जल को पंपिंग सिस्टम से तुर्रा नाला तक पहुंचाया जाएगा, जिससे जलनिकासी सुचारु रूप से हो सकेगी। करीब छह किलोमीटर लंबा होगा आरसीसी ड्रेन परियोजना के तहत लगभग 5886 मीटर लंबा आरसीसी ड्रेन और 2125 मीटर लंबी राइजिंग मेन पाइपलाइन (450 मिमी व्यास) का निर्माण होगा। नाला की शुरूआत रानीडीहा तिराहा से होगी, जहां इसका सेक्शन एक से डेढ़ मीटर होगा। वहीं, जबकि अंत में सिक्टौर चौराहा के पास स्थित सम्प-कम-पंप हाउस पर इसका सेक्शन 2 मीटर से 2.60 मीटर तक विस्तृत रहेगा। चार वार्डों की 55 हजार आबादी को मिलेगा सीधा लाभ इस परियोजना से नगर निगम क्षेत्र के कुल चार वार्डों वार्ड संख्या 01 महादेव झारखंडी में 12000, वार्ड संख्या 03 रानीडीहा में 18,000, वार्ड संख्या 04 मालवीय नगर में 15,000 और वार्ड संख्या 06 खोराबार में 12 हजार की आबादी लाभांवित होगी। कुल 55 हजार की आबादी को सीधा लाभ मिलेगा। इनमें से कई क्षेत्रों में अभी जलनिकासी की व्यवस्था अपर्याप्त या बहुत सीमित है। इस जलनिकासी परियोजना का कुल कैचमेंट एरिया 3 वर्ग किलोमीटर होगा। नव-विकसित क्षेत्रों के लिए मजबूत ड्रेनेज सिस्टम नगर निगम के मुख्य अभियंता अमित कुमार शर्मा के मुताबिक यह परियोजना विशेष रूप से नव-विकसित एवं निम्न भू-भाग वाले क्षेत्रों के लिए तैयार की गई है। मानसून के दौरान जलभराव से होने वाली परेशानी, सड़क क्षति एवं जनजीवन प्रभावित होने की समस्या से लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। परियोजना के क्रियान्वयन के लिए लोक निर्माण विभाग एवं नगर निगम से आवश्यक अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि निर्माण से पूर्व स्थल निरीक्षण कर हितधारकों से परामर्श भी किया जा चुका है। नाला निर्माण उनकी सहर्ष सहमति है।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




