पीआरसी की प्रत्याशा में जल्द शुरू होगा एबीसी सेंटर गोरखपुर का संचालन
Gorakhpur News - गोरखपुर नगर निगम की एबीसी मॉनिटरिंग कमेटी की बैठक में निराश्रित श्वानों से संबंधित बढ़ती शिकायतों के बीच एबीसी सेंटर के संचालन की मंजूरी दी गई। नए एबीसी सेंटर, डॉग शेल्टर, और डॉग फीडिंग पॉइंट विकसित करने के निर्णय लिए गए। श्वानों के बंध्याकरण और टीकाकरण का कार्य शीघ्र शुरू किया जाएगा।
गोरखपुर, मुख्य संवाददाता। गोरखपुर नगर निगम में शुक्रवार को हुई स्थानीय एबीसी मॉनिटरिंग कमेटी की बैठक में निराश्रित श्वानों से संबंधित बढ़ती शिकायतों को देखते हुए पीआरसी की मंजूरी की प्रत्याशा में एबीसी सेंटर के संचालन को मंजूरी मिल गई। एआरवी, डीवर्मिंग और बंध्याकरण का कार्य तत्काल प्रभाव से संचालित करने पर सहमति बनी। साथ ही नए एबीसी सेंटर, डॉग शेल्टर और डॉग फीडिंग पॉइंट विकसित करने सहित कई निर्णय लिए गए। अपर नगर आयुक्त प्रमोद कुमार की अध्यक्षता में स्थानीय एबीसी मॉनिटरिंग कमेटी की बैठक आयोजित हुई। बैठक में नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विनय पांडेय, उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी (सदर) डॉ. शिव कुमार वर्मा, पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. साकेत श्रीवास्तव, डॉ. रोबिन चंद्रा, डॉ. एफ. अंसारी, डॉ. विष्णु प्रताप सिंह, हैरिटेज फाउंडेशन की संरक्षिका डॉ. अनिता अग्रवाल, सीएसओ प्रतिनिधि रजत, रोजर विकास दास और मनीष चौबे सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक में निर्णय लिया गया कि पीआरसी की प्रत्याशा में कार्यरत संस्था द्वारा एबीसी-एआरवी कार्य जारी रखा जाए। इसके लिए मॉनिटरिंग कमेटी का व्हाट्सऐप ग्रुप बनाकर नियमित सुझाव और अपडेट साझा किए जाएंगे। आपके अपने अखबार हिन्दुस्तान ने ‘आवारा कुत्तों का टीकाकरण एवं बंध्याकरण ठप’ शीर्षक से 15 नवंबर को खबर प्रकाशित कर मुद्दा उठाया था। एबीसी संचालन के लिए चयनित सोसाइटी फार ह्यूमन एंड एनिमल वेलफेयर न एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया से मिलने वाले प्रोजेक्ट रिकग्निशन सर्टिफिकेट (पीआरसी) के अभाव में काम शुरू नहीं कर पा रही है। नौसढ़ में नया एबीसी सेंटर पर भी सहमति बनी महानगर दक्षिणी छोर नौसड़ क्षेत्र में नया एबीसी सेंटर विकसित करने की दिशा में भी सहमति बनी। उच्चतम न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप डॉग शेल्टर तैयार करने की कार्ययोजना बनाने, डॉग एंबुलेंस और डॉग कैचर वाहन खरीद और सदस्यों को एबीसी सेंटर का निरीक्षण कराने जैसे प्रस्तावों पर चर्चा की गई। श्वानों के पंजीकरण को लगेंगे कैंप, फीडिंग स्थल चिन्हित होंगे समिति ने डॉग फीडिंग पॉइंट स्थापित करने, निराश्रित श्वानों को आवासीय सुविधा देने, पालतू कुत्तों के पंजीकरण के लिए क्षेत्रवार कैंप लगाने का निर्णय लिया। आमजन को ऑफलाइन और ऐप के माध्यम से डॉग रजिस्ट्रेशन के लिए प्रेरित करने हेतु जनजागरूकता अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया। एबीसी कार्यक्रम में मॉडल बने गोरखपुर बैठक में यह भी तय किया गया कि उच्चतम न्यायालय के आदेश और एबीसी रूल्स-2023 के तहत सभी निराश्रित श्वानों का बधियाकरण, वैक्सीनेशन और डीवार्मिंग अनिवार्य रूप से कराया जाएगा। डॉ अनिता अग्रवाल ने कहा कि एबीसी कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से लागू कर गोरखपुर को प्रदेश में एक मॉडल के रूप में स्थापित किया जाना चाहिए और शहर को रेबीज मुक्त बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। पशु कल्याण अधिकारी डॉ रोबिन चंद्रा ने बताया कि बैठक का समापन प्रस्तावों पर सहमति के साथ हुआ।

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