
आवारा कुत्तों का टीकाकरण और बंध्याकरण ठप
संक्षेप: Gorakhpur News - गोरखपुर में एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर (एबीसी) का संचालन ठप है क्योंकि चयनित फर्म को प्रोजेक्ट रिकग्निशन सर्टिफिकेट (पीआरसी) नहीं मिला है। 9 सितंबर से बंध्याकरण और टीकाकरण का काम बंद है, जिससे आवारा कुत्तों की समस्या बढ़ गई है। फर्म को 15 से 20 दिन में प्रमाणन मिलने की उम्मीद है।
गोरखपुर, मुख्य संवाददाता। गुलरिहा वार्ड के अमवा में बने एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर (एबीसी) के संचालन के लिए चयनित पीलीभीत की फर्म का सोसाइटी फार ह्यूमन एंड एनिमल वेलफेयर न तो आवारा कुत्ते पकड़ रही न ही बंध्याकरण कर रही। उसका कामकाज एनिमल वेलफेयर बोर्ड आफ इंडिया से मिलने वाले प्रोजेक्ट रिकग्निशन सर्टिफिकेट (पीआरसी) के अभाव में ठप पड़ा है। इस रिपोर्ट के सबमिट करने के बाद ही शासनादेश के मुताबिक उसे गोरखपुर नगर निगम वर्क आर्डर जारी करेगा। हालांकि फर्म का दावा है कि 15 से 20 दिन में उन्हें प्रोजेक्ट रिकग्निशन सर्टिफिकेट मिल जाएगा। दूसरी ओर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद नगर निगम और एबीसी सेंटर का संचालन देखने वाली संस्था सोसाइटी फार ह्यूमन एंड एनिमल वेलफेयर और नगर निगम को हर दिन आवारा कुत्ते पकड़ने के लिए राजनीतिक व्यक्तियों, पार्षद और आम नागरिक की कॉल आ रही है।

शिकायतकर्ता आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत कर रहे हैं। एबीसी सेंटर में 09 सितंबर से बंध्याकरण (स्टरलाइजेशन) और रेबीज रोधी टीकाकरण का काम बंद है। एडी टॉवर-मॉल के निदेशक नीरज दास ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट केआदेश के बाद नगर निगम कोई सुनवाई नहीं कर रहा। 10 से ज्यादा आवारा कुत्ते परेशानी का सबब बने हुए हैं। कई बार शिकायत के बाद इन्हें पकड़ा गया लेकिन तीन दिन बाद वे मॉल परिसर में वापस आ गए। एबीसी संचालन के लिए चयनित फर्म ने पीआरसी के लिए आवेदन कर दिया है, उम्मीद है कि जल्द प्रमाणन मिल जाएगा। उसके बाद संस्था के कर्मियों का प्रशिक्षण कराया नई नियमावली का अनुपालन करते हुए संचालन शुरू कराया जाएगा। -प्रमोद कुमार, अपर नगर आयुक्त, नगर निगम

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