
सोने-चांदी की महंगाई ने खत्म कर दिया ‘उधार’, कई बने कर्जदार
Gorakhpur News - ग्राउंड रिपोर्ट: साथ ले रहे चेक, भुगतान की तारीख का रेट आभूषणों का लगेगा गोरखपुर, अजय श्रीवास्तव सोने-चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी ने ज्वेलरी स
अजय श्रीवास्तव गोरखपुर। सोने-चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी ने ज्वेलरी सेक्टर के पुराने मानको को तोड़ा ही, पुरखों के बनाए कारोबारी नियम कायदे को भी धवस्त कर दिया है। 10 से 15 दिन तक उधारी का कारोबार अब पूरी तरह नकद पर हो गया है। थोक कारोबारी फुटकर दुकानदारों को उधार नहीं दे रहे हैं और ज्वेलरी विक्रेता पुराने ग्राहकों से भी नकद में कारोबार कर रहे हैं। कीमतों में लगातार तेजी के बीच बड़ी पूंजी वाले शो रूम ही मार्केट में टिके हुए हैं, छोटे दुकानदारों न सिर्फ कर्जदार बन गए हैं, बल्कि उनकी पूंजी भी टूट रही है।
बड़े शो रूम संचालक मुंबई, राजकोट, सूरत, आगरा, दिल्ली जैसे बड़े शहरों से ज्वेलरी की खरीदारी करते हैं। सोने-चांदी की कीमतों पर जब काफी हद तक स्थिरता थी, तो इन्हें 10 से 15 दिन की क्रेडिट मिल जाती थी। लेकिन कीमतों में उतार चढ़ाव देखते हुए पूरा कारोबार नकद हो रहा है। स्थिति यह है कि दिल्ली-मुंबई के थोक कारोबारी बैंक खाते में आरटीजीएस होने के बाद ही डील फाइनल कर रहे हैं। ज्वेलर हरिद्वार वर्मा का कहना है कि पहले फोन पर ही एडवांस बुकिंग हो जाती थी। लेकिन अब थोक कारोबारी बिना आरटीजीएस के डील से साफ इनकार कर रहे हैं। ऐसे में थोक कारोबारी जहां उधार देकर फंसे हुए हैं, वहीं फुटकर कारोबारियों की दलील है कि ज्वेलरी की बिक्री ही नहीं हो रही है, तो बकाया भुगतान कैसे करें। छोटे कारोबारियों को 20 से 25% पूंजी अटकी हुई है। ऐसे में विवाद बढ़े हैं। रोज कीमतों में बढ़ोतरी से टूट रही पूंजी असुरन पर राप्ती कॉम्प्लेक्स में सराफा कारोबार करने वाले राजेश तुलस्यान का कहना है कि 4 फरवरी से शुरू हो रहे वैवाहिक सीजन को लेकर खरीदार तो आ रहे हैं, लेकिन कीमतों में बढ़ोतरी से लोग सहमे हुए हैं। चांदी की कीमत एक दिन में 10 से 15 हजार रुपये प्रति किलो तक बढ़ रही हैं। ऐसे में एक दिन भी खरीदारी में चूक हुई तो हजारों रुपये का नुकसान हो रहा है। छोटे दुकानदारों के लिए रोज चांदी खरीद संभव नहीं है। ऐसे में पूंजी टूट रही है। कीमतों में उछाल को देखते हुए तमाम लोग घरों में रखी पुरानी चांदी को लेकर बाजार पहुंच रहे हैं। दुकानदार चांदी की क्वालिटी और गंदगी आदि बताकर अच्छी कटौती कर रहे हैं। डॉलर से भी कीमतों पर पड़ रहा असर सोने और चांदी की कीमतें वैश्विक कारणों से तो बढ़ रही है, डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी से भी उतार-चढ़ाव दिख रहा है। शनिवार को 10 ग्राम सोना 1.63 लाख में बिका तो चांदी प्रति किलो 3.40 लाख की दर पर बिकी। कारोबारी ट्रेंड बदला : सशर्त ले रहे चेक से भुगतान साईधाम निवासी दिनेश त्रिपाठी और स्मिता त्रिपाठी के बेटों का फरवरी महीने में जनेऊ है। वह सोने की अंगूठी के साथ अन्य ज्वेलरी की खरीदारी को हिन्दी बाजार पहुंचे। आभूषण लेने के बाद चेक से भुगतान करने लगे। दुकानदार ने शर्त रखी कि सोने और चांदी का रेट जिस दिन चेक क्लियर होगा, उसी दिन के हिसाब से लगेगा। दुकानदार सोनू वर्मा का कहना है कि एक दिन में कीमतों में 10 फीसदी तक का अंतर आ जा रहा है। ऐसे में पूंजी टूटने का खतरा है। पांच दिन में ढाई लाख बढ़ गई पसंद किए आभूषणों की वैल्यू बक्शीपुर निवासी संजय कुमार की बेटी की फरवरी में शादी है। पिछले सप्ताह वह पत्नी के साथ गोलघर के एक प्रतिष्ठित शो रूम में पहुंचे। इन्हें करीब 15 लाख कीमत के सोने-चांदी के आभूषण पसंद आए। वह बिना कुछ एडवांस दिए यह कहते हुए निकल गए कि चार से पांच दिन बाद फाइनल तौर पर खरीदने आएंगे। चार दिन पहुंचे तो सोने-चांदी के आभूषणों की वैल्यू 2.25 लाख रुपये तक बढ़ चुकी थी। दुकानदार ने नए रेट का हवाला देते हुए पांच दिन पुराने रेट पर आभूषण देने से मना कर दिया। आभूषण बिकें तब तो भुगतान करें हिन्दी बाजार में 200 से अधिक थोक कारोबारी ज्वेलरी के धंधे में है। कस्बाई इलाकों में दुकानदार करोड़ों का भुगतान फंसाए हुए हैं। थोक कारोबारी महेश वर्मा का कहना है कि छोटे दुकानदार उधार में ज्वेलरी ले जाते हैं। भुगतान के दिन उन्हें तत्काल का सोने-चांदी का दाम देना होता है। 15 दिन में चांदी में 50 से 60 हजार, तो सोने में 20 हजार प्रति दस ग्राम का अंतर आ जा रहा है। ऐसे में दो लाख रुपये प्रति किलो में चांदी बेचने वाले को तीन लाख से ऊपर का भुगतान करना है। इन परिस्थितियों थोक कारोबारियों का करोड़ों रुपये फंस गया है। वर्तमान में सारा काम कैश का या फिर बैंक में भुगतान के बाद ही हो रहा है। ज्वेलर्स का दर्द: थोक हो या फुटकर कारोबार पूरी तरह नकद पर हो गया है। पुराने ग्राहकों के साथ कुछ दिनों की क्रेडिट चल जाती थी, लेकिन सिर्फ दो से तीन दिनों में जिस तरह कीमतों में अंतर आ रहा है, उससे संबंध में खटास की स्थिति बन जा रही है। नकद के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। -संजय अग्रवाल, एमडी, परम्परा जेम्स एंड ज्वेल्स हिन्दी बाजार में ही ज्वेलरी के करीब 300 थोक कारोबारी हैं। इनका करोड़ों रुपये का पेमेंट फंस गया है। सिर्फ छह महीने में 2000 रुपये के पायल की कीमत 7000 रुपये तक पहुंच गई है। पूरा मार्केट सटोरियों के हाथों में चला गया है। ज्वेलरी की तमाम फैक्ट्रियां बंदी के कगार पर हैं। -शरद अग्रहरि, थोक कारोबारी/ पूर्व अध्यक्ष, सराफा मंडल कीमतों के उतार-चढ़ाव से आभूषणों का कारोबार पूरी तरह बदल गया है। पहले 50 फीसदी नकद लेकर आभूषण का सौदा हो जाता था। लेकिन अब पूरा कारोबार नकद का है। थोक कारोबार में भी क्रेडिट खत्म हो गया है। थोक हो या फुटकर कारोबारी, सभी की पूंजी टूट रही है। -पुष्पदंत जैन, ज्वेलर्स सोने-चांदी की महंगाई से पूरा कारोबार नकद पर आ गया है। छोटी पूंजी का दुकानदार ज्वेलरी बेच कर दूसरे दिन खरीदारी करता है। लेकिन एक दिन में 5000 से 10000 रुपये तक कीमतों में अंतर आ जा रहा है। ऐसे में दुकानदारों की पूंजी टूट रही है। पूरा सेक्टर संकट में है। -गणेश वर्मा, अध्यक्ष, सराफा मंडल

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