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6 दिसंबर, 2019|9:34|IST

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जीडीए में मानचित्र के आवेदन अब सिर्फ ऑनलाइन ही जमा होंगे

जीडीए में मानचित्र के आवेदन अब सिर्फ ऑनलाइन ही जमा होंगे

गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) में छोटे, बड़े या फिर कामर्शियल निर्माण के आवेदन सिर्फ ऑनलाइन ही जमा होंगे। मानचित्र को लेकर शुल्क ऑनलाइन ही जमा होंगे और ऑनलाइन ही आपत्तियों का निस्तारण भी हो जाएगा। लो-रिस्क एरिया के मानचित्र 48 घंटे के अंदर ही स्वीकृत होंगे। आबादी वाले क्षेत्र में 100 वर्ग मीटर में बनने वाले पीएम आवास के लिए मानचित्र स्वीकृत कराने की आवश्यकता नहीं है।

-लो-रिस्क एरिया के मानचित्र को 48 घंटे के अंदर करना होगा स्वीकृत

-हाई रिस्क इलाकों के मानचित्र की स्वीकृति प्रक्रिया 30 दिनों में होगी पूरी

-ऑनलाइन ही जमा होगा शुल्क, ऑन लाइन ही आपत्तियों का निपटारा

बेवजह की देरी और बार-बार पारदर्शिता को लेकर उठ रहे सवालों को लेकर शासन ने दो महीने पहले ऑनलाइन मानचित्र आवेदन को लेकर आदेश जारी किया था। जीडीए के जिम्मेदारों द्वारा आदेश का 100 फीसदी अनुपालन नहीं हो पा रहा था। जीडीए सचिव ने नये सिरे से आदेश जारी करते हुए ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था को पारदर्शिता के साथ लागू करने का आदेश जारी किया है। आवास के लिए मानचित्र का आवेदन https://upobps.in वेबसाइट पर किया जा सकता है।

100 वर्ग मीटर में पीएम आवास के लिए मानचित्र जरूरी नहीं

जीडीए द्वारा तैयार महायोजना में घोषित निर्मित क्षेत्र में 100 वर्ग मीटर के पीएम आवास के लिए अब मानचित्र स्वीकृत कराने की जरूरत नहीं है। सिर्फ उन्हें मानचित्र की शर्तों का अनुपालन करना होगा। बता दें कि जीडीए द्वारा पीएम आवास योजना में स्वीकृत भवनों को नोटिस दे दिया गया था। जिसके बाद जनप्रतिनिधियों के विरोध के बाद जीडीए ने नये सिरे से आदेश जारी किया गया है। जीडीए के अधिशासी अभियंता अवनिन्द्र सिंह ने बताया कि निर्मित क्षेत्र आमतौर पर पुराना गोरखपुर का एरिया है। बेतियाहाता, मियाबाजार, गोरखनाथ मंदिर क्षेत्र, घंटाघर, खूनीपुर समेत दो दर्जन से अधिक मोहल्ले निर्मित क्षेत्र में हैं।

इनका करना होगा अनुपालन

-लो-रिस्क श्रेणी के मानचित्र दो कार्यदिवस यानी 48 घंटे में स्वीकृत होंगे। जीडीए के अधिकारी लेटलतीफी करते हैं तो मानचित्र स्वत: स्वीकृत हो जाएंगे। यहां बता दें कि लो-रिस्क ऐरिया वह हैं जहां का ले-आउट जीडीए द्वारा स्वीकृत होता है। जैसे, जीडीए की आवासीय योजना या हरिओम नगर जैसी कालोनियां।

-हाई रिस्क श्रेणी के मानचित्र के लिए शुल्क के लिए डिमांड 7 दिन के भीतर हो जाना चाहिए। ऐसा नहीं होने से मानचित्र स्वत: निरस्त हो जाएगा। हाई रिस्क श्रेणी में मानचित्र की आपत्ति का निस्तारण 30 दिनों के अंदर करना होगा। वरना, मानचित्र स्वत: निरस्त हो जाएगा। हाई रिस्क एरिया का मतलब ऐसे क्षेत्र से हैं जिसका ले-आउट जीडीए द्वारा स्वीकृत नहीं है।

-दोबारा मानचित्र की प्रक्रिया को प्रोसेस करने के लिए संबंधित प्राधिकारी को ई-मेल से अनुरोध भेजना होगा।

मानचित्र स्वीकृति में पारदर्शी व्यवस्था को लेकर ऑनलाइन आवेदन को कड़ाई से लागू किया जा रहा है। मानचित्र का अब कोई भी आवेदन ऑफलाइन नहीं लिया जा रहा है। शासन द्वारा निर्देशों का सख्ती से अनुपालन किया जा रहा है। वहीं जीडीए द्वारा घोषित निर्मित क्षेत्र में 100 वर्ग मीटर में पीएम आवास के निर्माण के लिए मानचित्र स्वीकृति कराना जरूरी नहीं है।

राम सिंह गौतम, सचिव, गोरखपुर विकास प्राधिकरण

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