
पुलिस को गुमराह कर थाने से निकली महिला गैंगस्टर गिरफ्तार
Gorakhpur News - फोटो पकड़े जाने के बाद कोर्ट से अरेस्ट स्टे का हवाला देकर दिया था झांसा
गोरखपुर, वरिष्ठ संवाददाता। गैंगस्टर एक्ट में कोर्ट से स्टे का दावा कर पुलिस को गुमराह कर थाने से निकली महिला गैंगस्टर को करीब डेढ़ महीने बाद पीपीगंज पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने शनिवार को उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेज दिया गया। पकड़ी गई महिला गैंगस्टर की पहचान देवरिया जिले के रामपुर कारखाना थाना क्षेत्र के महादेव बाजार निवासी गीता देवी पत्नी इन्द्रासन सिंह के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, गीता संगठित गिरोह से जुड़ी हुई थी। उसके गैंग का लीडर विकास सिन्हा है। गीता की साथी महिला गैंगस्टर हेमवंती पटेल को छह दिसम्बर को पुलिस ने जेल भेजवाया था।
छह दिसम्बर को पुलिस ने गीता और हेमवंती को पकड़ा था। गीता ने कोर्ट से स्टे मिलने का हवाला देकर पुलिस को गुमराह किया और थाने से निकल गई। जब इसकी जानकारी वादी मुकदमा सैबा अनवर को हुई तो उन्होंने आरोपी को छोड़े जाने को लेकर पुलिस पर सवाल उठाया था। डीआईजी और एडीजी से की गई शिकायत के बाद पूरे प्रकरण की जांच एसपी उत्तरी को सौंपी गई है। जांच में सामने आया कि स्टे नहीं था, पर पुलिस गुमराह हो गई थी। स्टे के आदेश को पढ़ने और समझने में गलती हुई थी, जिसके बाद गीता की तलाश की जा रही थी। विकास कुमार सिन्हा गैंग का सरगना चिलुआताल थाने में दर्ज गैंगस्टर की विवेचना पीपीगंज पुलिस कर रही है। गैंगस्टर एक्ट के एक मामले में गीता सिंह के अलावा विकास कुमार सिन्हा, राकेश कुमार सिन्हा, रेखा सिंह और हेमवंती पटेल भी नामजद हैं। विकास इस गिरोह का सरगना है। यह गिरोह ठगी, धोखाधड़ी, रंगदारी और झूठे मुकदमों में फंसाकर धन उगाही जैसे गंभीर अपराधों में संलिप्त था। इसमें अभियुक्ता गीता सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी, लेकिन उस याचिका में कहीं भी उसकी गिरफ्तारी पर रोक का आदेश पारित नहीं किया गया था। इसके बावजूद 6 दिसंबर 2025 को थाना पीपीगंज पुलिस द्वारा गीता सिंह को गिरफ्तार किए जाने के बाद उसी रात छोड़ दिया गया, जबकि सह अभियुक्ता हेमवंती पटेल को जेल भेज दिया गया।

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