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हिंदी न्यूज़ उत्तर प्रदेश गोरखपुरदेश में तेजी से बढ़ रहे हैं पित्ताशय कैंसर के मरीज, एम्‍स निदेशक ने बताई ये वजह 

देश में तेजी से बढ़ रहे हैं पित्ताशय कैंसर के मरीज, एम्‍स निदेशक ने बताई ये वजह 

एम्स की सर्जरी विभाग की ओपीडी में पित्त की थैली (गालब्लैडर) में होने वाले रोगों के बारे में शनिवार को जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। एम्स निदेशक डॉ. सुरेखा किशोर की देखरेख में सर्जरी...

देश में तेजी से बढ़ रहे हैं पित्ताशय कैंसर के मरीज, एम्‍स निदेशक ने बताई ये वजह 
Ajay Singhहिन्‍दुस्‍तान टीम ,गोरखपुर Sun, 14 Feb 2021 02:48 PM
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एम्स की सर्जरी विभाग की ओपीडी में पित्त की थैली (गालब्लैडर) में होने वाले रोगों के बारे में शनिवार को जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। एम्स निदेशक डॉ. सुरेखा किशोर की देखरेख में सर्जरी ‌विभाग के डॉ. गौरव गुप्ता ने पित्त की थैली में पथरी के लक्षण, जांच और इलाज के बारें में बताया।

उन्होंने कहा कि पित्त की थैली लिवर के पास स्थित एक छोटा सा अंग है। यह लिवर में बनने वाली पित्त का संग्रहण करता है, जो खाने के वसा के पाचन में सहायक होता है। फरवरी माह में पित्ताशय या पित्त की नली के रोग को जागरूकता माह के रूप में मनाया जाता है। बताया कि पित्ताशय के रोग जैसे पथरी, कैंसर, पित्त की नली के रोग, सिस्ट, सिकुड़न आदि होते हैं। इसके लक्षण पेट के दाये हिस्से में तेज दर्द, पीलिया, भूख न लगना, वजन में गिरावट आदि है।

यह बीमारी हिमालय के तराई क्षेत्र जैसे उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार जैसे राज्यों में सबसे अधिक होते हैं। विश्व स्तर पर चिली और बुल्गारिया में सबसे अधिक रोगी पाएं जाते हैं। भारत उन देशों में शामिल हैं, जहां पर पित्ताशय कैंसर के सबसे अधिक रोगी पाए जाते हैं। डॉ धर्मेंद्र कुमार पीपल ने इलाज के बारें में बताया। जबकि डॉ रवि गुप्ता ने पित्त की थैली के कैंसर और पित्त की नली में होने वाली पथरी के बारे में जानकारी दी।

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