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बीआरडी से लेकर जिला व महिला अस्पताल में खतरे में बच्चों की जान

गोरखपुर, हिन्दुस्तान टीम। सरकारी अस्पतालों में बच्चों के वार्ड की सुरक्षा भगवान भरोसे...

बीआरडी से लेकर जिला व महिला अस्पताल में खतरे में बच्चों की जान
हिन्दुस्तान टीम,गोरखपुरTue, 28 May 2024 02:00 AM
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गोरखपुर, हिन्दुस्तान टीम।
सरकारी अस्पतालों में बच्चों के वार्ड की सुरक्षा भगवान भरोसे हैं। बीआरडी मेडिकल कालेज, जिला व महिला अस्पताल में बच्चों के वार्ड में आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। आलम यह है कि अस्पतालों में लगे फायर एंग्श्ट्यूशर खराब हो चुके हैं। फायर हाइड्रेंट सिस्टम पूरी तरह से क्रियाशील नहीं है। बीआरडी में तो फायर हाइड्रेंट सिस्टम का जंक्शन बॉक्स ही खराब हैं। आग लगने पर रैम्प से भी मरीजों को नहीं उतारा जा सकता। इसकी वजह है रैम्प के दरवाजों पर ताला लटकना। अस्पतालों में कोई अप्रिय घटना हो जाए तो पछतावा के सिवा कुछ हासिल नहीं हो पाएगा।

जिला अस्पताल

जिला अस्पताल के पीडियाट्रिक वार्ड में कुल 17 बेड हैं। इनमें से 9 बेडों पर मासूमों को भर्ती करके इनका इलाज चल रहा है। वार्ड में एक फायर सर्विस यंत्र लगा है। जो कि एक्सपायरी है। इस अस्पताल का फायर हाइड्रेंट सिस्टम भी अभी ठप जैसा ही है। 200 लीटर क्षमता का टैंक तो बनकर तैयार है लेकिन अभी तक कार्यदायी संस्था की ओर से इसे हैंडओवर नहीं किया जा सका है। जिसकी वजह से पाइप लाइन में पानी की भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं है।

महिला अस्पताल

महिला अस्पताल में गंभीर बीमार नवजात भर्ती होते हैं। इसके अलावा यहां छोटे बच्चों का भी इलाज होता है। एसएनसीयू में एक फायर एंग्श्ट्यूशर में एक्सपायर डेट की पर्ची ही नहीं लगी है। यहां एक महीने से कम उम्र के नवजात भर्ती हैं। अस्पताल के एमसीएच विंग 200 लीटर क्षमता का टैंक चालू हालात में है। जबकि अस्पताल के मुख्य ओपीडी भवन व पुराने भवन के वार्ड में फायर हाइड्रेंट सिस्टम पूरी तरह से तैयार नहीं है। यहां का टैंक अभी अर्द्धनिर्मित है। यहां भी आग को काबू करने में काफी कठिनाइयां झेलनी पड़ जाएगी।

बीआरडी मेडिकल कालेज

मेडिकल कालेज में अग्निशामक इंतजाम बेपटरी हो चुके हैं। 500 बेड वाले बालरोग संस्थान में आग से बचाव के लिए मॉकड्रिल नहीं हुई है। यहां फायर हाइड्रेंट सिस्टम के बाक्स टूटे हुए हैं। वॉल्व में जंग लगी हुई है। बाबा राघव दास प्रतिमा के पास लगा बाक्स क्षतिग्रस्त हो गया है। बालरोग संस्थान के पास वॉल्व व पाइप बॉक्स क्षतिग्रस्त हो चुका है। यहां अग्निशामक उपकरणों की रूटीन जांच नहीं होती है। संस्थान में 234 बच्चे भर्ती हैं। नवजातों को 100 बेड के वार्ड में भर्ती किया गया है। बालरोग संस्थान रैम्प के दरवाजे पर ताला लटका है।

मॉकड्रिल कर स्वास्थ्य कर्मियों ने किया पूर्वाभ्यास

जिला अस्पताल में सोमवार को चिकित्साधीक्षक डॉ. बीके सुमन की देखरेख में डॉक्टरों व स्वास्थ्य कर्मियों ने आग को बुझाने के लिए मॉकड्रिल करके पूर्वाभ्यास किया। मॉकड्रिल में एक पोटली में आग लगाकर स्वास्थ्य कर्मियों को फायर सर्विस यंत्र से आग बुझाने का गुर सिखाया गया।

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