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परिषदीय स्‍कूलों में मिसाल बनेंगी ‘मित्र जोड़ियां’

परिषदीय स्कूलों में ‘मित्र जोड़ियां’ बच्चों के बीच साहचर्य का माहौल तैयार करेंगी। दो-दो छात्रों की जोड़ियां तैयार करने का दारोमदार शिक्षकों पर होगा। स्कूल से घर तक इनकी हर गतिविधि पर नजर रहेगी और शिक्षक इनके परिवार से लेकर स्कूल की समस्याओं का समाधान करेंगे। एक स्कूल नहीं आया तो उसका दोस्त वजह बताएगा। शिक्षक घर जाकर उसे स्कूल लाएंगे। दिक्कत है तो उसे दूर भी करेंगे।

सर्व शिक्षा अभियान के तहत परिषदीय स्कूलों में ‘मित्र जोड़िया’ बनाई जाएंगी। शिक्षकों को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है।   कक्षा में साथ बैठने वाले बच्चों पर शिक्षकों की नजर होगी और उन्हें मित्र जोड़ी के रुप में तैयार करेंगे। जोड़ी में एक ही गांव के बच्चे होंगे। इस तरह कक्षा में यदि 50 बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं तो दो-दो बच्चों को एक साथ जोड़कर 25 जोड़ी तैयार की जाएगी।

इसके माध्यम से शिक्षक बच्चों की भावनाओं को समझेंगे और हर तरह की समस्या का निस्तारण करेंगे। शिक्षक इन सभी जोड़ियों पर अलग-अलग निगरानी करेंगे। मित्र जोड़ी में बांटे गए बच्चों का फीडबैक जानने के लिए शिक्षक दोनों से बात करेंगे। बच्चे से उसके दोस्त के व्यवहार के बारे में जानेंगे। फीडबैक के अनुसार बच्चे की दिक्कतें दूर करने व उसे आगे बढ़ाने की योजना पर काम करेंगे। 
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बच्चों के घर की समस्याओं का होगा निस्तारण
मित्र जोड़ी के तहत तैयार किए गए बच्चों में अगर किसी के घर कोई समस्या है तो एक दूसरे से पता चल जाएगा। दोस्त के साथ घर जाकर शिक्षक परिवार की समस्या निस्तारित करेंगे। उनके स्तर से समस्या निस्तारित होने वाली न हो तो उसके निराकरण के लिए अधिकारियों को पत्र लिखेंगे।
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मॉडल मित्र जोड़िया होंगी पुरस्कृत
शैक्षिक सत्र के समापन पर हर कक्षा में बनाई गई मित्र जोड़ियों में से एक-एक आदर्श मॉडल जोड़ी का चयन होगा और उन्हें पुरस्कृत किया जाएगा। मॉडल जोड़ी के चयन में यह देखा जाएगा कि पूरे वर्ष किस जोड़ी का व्यवहार सबसे अच्छा रहा। पढ़ाई में कौन अव्वल रहा, किस जोड़ी की व्यवहार कुशलता से शिक्षक व बच्चे प्रभावित हुए। इसके अलावा अन्य बातों का भी ध्यान रखा जाएगा। कक्षा से एक-एक मॉडल मित्र जोड़ी को चुनकर पुरस्कृत करेंगे।
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सभी परिषदीय स्कूलों में मित्र जोड़िया बनाई जाएंगी। इसके माध्यम से बच्चों में प्रेम भावना, साहचर्य और शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। इसके माध्यम से अगर किसी बच्चे के परिवार में किसी प्रकार की कोई समस्या है तो उसका भी समाधान कराया जाएगा।
रामसागर पति त्रिपाठी, बेसिक शिक्षाधिकारी 

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  • Web Title:Friend Junkies will be an example in Council schools