सीएमओ और अस्पताल संचालक के बयान दर्ज, मौके पर नहीं मिला सीसी कैमरा

Mar 07, 2026 02:46 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, गोरखपुर
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Gorakhpur News - गोरखपुर में सीएमओ के नाम पर रुपये मांगने का मामला सामने आया है। कैंट पुलिस ने जांच शुरू की और सीसीटीवी फुटेज की जांच की, लेकिन संदिग्ध की पहचान नहीं हो सकी। अस्पताल संचालक ने आरोप लगाया है कि उसे 15 लाख रुपये की मांग की गई थी। पुलिस ने ठाणे में भी जांच की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।

सीएमओ और अस्पताल संचालक के बयान दर्ज, मौके पर नहीं मिला सीसी कैमरा

गोरखपुर, वरिष्ठ संवाददाता सीएमओ के नाम पर रुपये मांगकर ठगी के मामले में शुक्रवार को कैंट इंस्पेक्टर संजय सिंह ने सीएमओ परिसर की जांच की। पुलिस ने सीएमओ और आरोप लगाने वाले अस्पताल संचालक का बयान दर्ज करने के साथ ही घटनाक्रम को समझने की कोशिश की। जांच के दौरान उस व्यक्ति को भी बुलाया गया जिसने पुलिस को रुपये देने की जानकारी दी थी।पुलिस उसे साथ लेकर उस स्थान पर पहुंची जहां रुपये देने का दावा किया गया था, लेकिन वहां कोई सीसी कैमरा नहीं मिला। इसके बाद पुलिस ने सुरक्षित किए गए सीएमओ कार्यालय के फुटेज को देखा, जिसमें रुपये देने का दावा करने वाला व्यक्ति आते-जाते दिखाई दिया।

लेकिन कोई संदिग्ध व्यक्ति नजर नहीं आया। अब पुलिस पूरे मामले को जल्द सुलझाने का दावा कर रही है।दरअसल, सीएमओ के नाम पर रुपये मांगने का मामला सामने आने पर कैंट पुलिस ने केस दर्ज किया है। इसी बीच न्यू राजेश हाईटेक अस्पताल के संचालक ने एक नंबर से फोन कर पंजीकरण निरस्त न होने के नाम पर 15 लाख रुपये वसूलने का आरोप लगाया है। उन्होंने आईजीआरएस कर जांच की मांग उठाई तो पुलिस ने दर्ज केस का हिस्सा बनाते हुए इस पर जांच शुरू कर दी है। शुक्रवार को शाम पांच बजे प्रभारी निरीक्षक कैंट संजय सिंह सीएमओ कार्यालय पहुंचे। उन्होंने घटना से जुड़े सभी बिंदुओं पर बारीकी से पड़ताल की। इस दौरान रुपये देने की जानकारी लेने वाले अस्पताल संचालक को भी बुलाया गया। पुलिस ने उनसे घटना के संबंध में विस्तार से पूछताछ की।पुलिस को उम्मीद थी कि जहां रुपये दिए जाने का दावा किया गया है, वहां लगे सीसीकैमरे से संदिग्ध की पहचान हो सकेगी। लेकिन वहां कोई कैमरा नहीं मिला। पुलिस ने इससे पहले सीएमओ कार्यालय परिसर के 15 दिन के सीसी फुटेज सुरक्षित कर लिए थे। शुक्रवार को जब यह फुटेज शिकायकर्ता को दिखाया गया तो उसने खुद को आते-जाते तो पहचान लिया लेकिन रुपये लेने वाले संदिग्ध की कोई तस्वीर साफ न होने से पहचान नहीं हो सकी। पुलिस अब फुटेज को बारीकी से खंगाल रही है, लेकिन अभी तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है।महाराष्ट्र में मिला नंबर लोकेशनजिस नंबर से सीएमओ बनकर फोन किया गया था, उसके महाराष्ट्र के ठाणे में संचालित होने की जानकारी मिली थी। पुलिस की एक टीम तीन दिन पहले ठाणे भेजी गई थी, लेकिन वहां अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। जालसाज ने अपना मोबाइल फोन बंद कर रखा है। कॉल डिटेल रिकार्ड, सिम पंजीकरण और संभावित बैंक खातों की जांच भी जारी है।बोले सीओ कैंटसीएमओ के नाम पर रुपये मांगकर ठगी के मामले से जुड़े सभी पहलुओं की छानबीन चल रही है, जल्द ही पूरे मामले का खुलासा कर लिया जाएगा।- योगेंद्र सिंह, सीओ कैंट

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