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कुशीनगर में गाजीपुर के यूनानी मेडिकल कालेज संचालक के खिलाफ धोखाधड़ी का केस

गाजीपुर जिले के सहेरी कस्बे में स्थित एक यूनानी मेडिकल कालेज चलाने वाले संचालक के खिलाफ कुशीनगर के रामकोला थाने में धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया गया है। संचालक पर बिना मान्यता सत्र के एक छात्र का प्रवेश लेने और उसके पिता से पढाई व हास्टल के नाम पर पांच लाख रुपए लिए जाने सहित रुपए मांगने पर धमकी दिए जाने का आरोप है। छात्र के पिता की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। इस मामले को मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचाया गया था।

रामकोला के वार्ड नंबर नौ निवासी तैयब अली के अनुसार एक विज्ञापन के आधार पर उन्होंने अपने पुत्र सुहैल रजा का प्रवेश गाजीपुर के सहेरी कस्बे में स्थित शाम गौसिया माइनारिटी यूनानी मेडिकल कालेज एंड अस्पताल में कराया था। प्रवेश के दौरान मेडिकल कालेज संचालक ने प्रवेश फीस और हास्टल खर्च से लगायत अन्य खर्च मिलकर पांच लाख से अधिक रुपया ले लिया। इसके अलावे  काउंसिलिंग फीस भी अलग से ली। तहरीर के अनुसार प्रवेश के बाद सुहेल रजा को हास्टल में रख लिया गया वहां कुछ शिक्षकों से पढाई कराई जाने लगी।

छह माह से अधिक समय बीत जाने के बाद सुहैल को कालेज के बारे में जानकारी मिलने लगी। उसको यह भी सूचना मिली कि वर्ष 2016-17 की मान्यता भी कालेज के पास नहीं है। सुहैल ने सारी बात अपने पिता से बताई और हास्टल छोड़कर घर आ गया। तैयब अली के अनुसार जब वे यूनानी मेडिकल कालेज पहुंचकर अपने बच्चे की पढाई और परीक्षा के बारे में पूछताछ किये तो पहले गोलमोल जवाब दिया गया। कुछ दिन बाद बताया गया कि कालेज को 2016-17 की मान्यता नहीं मिली है और बच्चे को उसी खर्च पर अगले सत्र में प्रवेश ले लिया जायेगा।

इस पर तैयब अली ने कालेज से अपना रुपया मांगना शुरू किया तो उसे धमकी मिलने लगी। आरोप यह भी है कि तैयब अली और उनके दो मित्रों को एक कमरे में बंद कर दिया गया था। बाद में किसी तरह जान बचा कर ये लोग आये और मामले की शिकायत सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय को कर दी। मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देश पर गाजीपुर के जिला प्रशासन ने कालेज के प्रबंधक से स्पष्टीकरण मांगा है। इधर तैयब अली के शिकायती पत्र पर एसपी यमुना प्रसाद ने स्थानीय थाने को मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया। एसपी के आदेश पर रामकोला पुलिस ने इस यूनानी कालेज के संचालक के खिलाफ धारा 419, 420, 406, 323, 504, 506 भादवि के तहत मुकदमा दर्ज कर मामले की विवेचन शुरू कर दी है।

सीएम कार्यलय को जवाब में प्रबंधक ने माना कि उस वर्ष की मान्यता नहीं थी
मुख्यमंत्री कार्यालय से शिकायती पत्र की जांच के लिए गाजीपुर जिला प्रशासन को मिले निर्देश के जवाब में यूनानी कालेज के संचालक ने जो जवाब दिया है उसमे उसने कबूल किया है उसके पास वर्ष 2016-17 के सत्र के लिए मान्यता नहीं थी। प्रबंधक के अनुसार इसके पहले उसके कालेज से निकले कई छात्र सरकारी और गैर सरकारी नौकरी में हैं। उसने मुख्यमंत्री कार्यालय को बताया है कि वह अगले सत्र के लिए उसी खर्च पर सुहैल रजा का प्रवेश ले लेगा या उसके अभिवावक कालेज के कार्यालय में आकर अपना रुपया वापस ले सकते हैं।

मुकदमा दर्ज होते ही पुलिस लाइन का सिपाही हुआ सक्रिय
रामकोला थाने में यूनानी मेडिकल कालेज के संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज होते ही अपने को पुलिस लाइन में तैनात एक कांस्टेबल बताते हुए एक सिपाही सक्रिय हो गया। उसने थाने में आकर मुकदमे के बारे में जानकारी ली। आरोप है कि उसने वादी को भी प्रभाव में लेने की कोशिश की। 

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  • Web Title:Fraud case against Yunani Medical college organizer