DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

खाद घोटाला: खाद के चार बड़े डीलरों के लाइसेंस निलंबित

खाद घोटाला: खाद के चार बड़े डीलरों के लाइसेंस निलंबित

खाद घोटाले के खुलासे के बाद कृषि विभाग ने चार बड़े डीलरों के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। 7 अन्य डीलरों को नोटिस देकर जवाब भी मांगा है। इसके लिए शनिवार तक का समय तय कर दिया है। समय से जवाब न देने पर उनके भी खिलाई कार्रवाई तय है। विभाग ने ऐसे फुटकर खाद विक्रेताओं की भी जांच करने के लिए कृषि सहायक विकास अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंप दी है जिन्होंने एक किसान को एक बार में खाद की 100 से अधिक बोरिया बेची हैं।

आपके अपने समाचार पत्र ‘हिन्दुस्तान ने गुरुवार के अंक में ‘गोरखपुर में करोड़ों का खाद घोटाला, हड़प लीं 16 हजार बोरियां शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। खबर का शासन ने कड़ा संज्ञान लिया था। मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव एसपी गोयल ने मंडलायुक्त अमित गुप्ता से बात की थी। इसके बाद सक्रिय हुए कृषि विभाग ने सर्राफ ट्रेडिंग कंपनी, फर्टिलाइजर ट्रेडर्स, चेतराम मोतीराम प्राइवेट लिमिटेड का लाइसेंस निलंबित कर दिया है। इन तीनों डीलरों ने रामलखन यादव की खाद की दुकान ‘यादव खाद भंडार को 2014 से पहले खाद देने का प्राधिकार दिया था। हिन्दुस्तान के खुलासे के बाद जिला कृषि अधिकारी कार्यालय ने प्रथम दृष्टया इन्हें निलंबित करते हुए शुक्रवार तक जवाब मांगा था लेकिन अकेले चेतराम मोतीलाल प्राइवेट लिमिटेड के मनोज मातनहेलिया ने अपना जवाब दाखिल किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने यादव खाद भंडार के साथ कभी कोई कारोबार नहीं किया है।

उधर सर्राफ ट्रेडिंग कंपनी और फर्टिलाइजर ट्रेडर्स ने कोई जवाब नहीं दिया। विक्रम सर्राफ गुरुवार को हिन्दुस्तान से कहा था कि यादव खाद भंडार के साथ उनका कारोबार था लेकिन उनके लाइसेंस की वैधता खत्म होने के बाद खाद जाने की संभावना नहीं है। उन्होंने कहा कि कल रिकार्ड देख कर बता सकते हैं। लेकिन शुक्रवार को न तो उन्होंने कृषि विभाग कोई जवाब दिया न ही हिन्दुस्तान को अपना पक्ष दिया जबकि उनके मोबाइल नम्बर पर कॉल और मैसेज कर पक्ष लेने का प्रयास किया गया। इसके अलावा बड़े खाद डीलर अनिल अग्रवाल की टिबडेवाल एजेंसी का लाइसेंस भी निलंबित किया गया है। इस घोटाले में कृषि विभाग इस एजेंसी की भूमिका संदिग्ध मान रहा है, शुक्रवार की शाम तक इन्हें अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस दी गई थी लेकिन इन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। जनपद में कुल 11 डीलर हैं जिनमें चार के डिलरों के थोक लाइसेंस निलंबित कर दिए गए। शेष को शनिवार तक जवाब दाखिल करने का वक्त दिया गया है।

मेरे साथ अन्याय हुआ

चेतराम मोतीलाल प्राइवेट लिमिटेड के मनोज मातनहेलिया ने ‘हिन्दुस्तान से कहा कि उनके साथ अन्याय हुआ है। उन्होंने यादव खाद भंडार के साथ कभी कारोबार नहीं किया। 2014 से पहले उन्हें प्राधिकार पत्र दिया था। यह उनका अधिकार है। रामलखन यादव ने भी हिन्दुस्तान को दिए बयान में स्वीकार किया था कि उन्होंने मेरी फर्म के साथ कोई कारोबार नहीं किया। इसलिए विभाग को मेरा के खिलाफ कार्रवाई नहीं करनी चाहिए थी। जिला कृषि अधिकारी को मैने अपना जवाब दे दिया है।

100 से ज्यादा एक किसान को खाद बेचने वाले फुटकर विक्रेता भी रडार पर

संयुक्त निदेशक कृषि और उपनिदेशक कृषि के निर्देश पर जिला कृषि अधिकारी ने जनपद के सभी 20 सहायक विकास अधिकारी कृषि की बैठक शुक्रवार को ली। सभी को ऐसे फुटकर खाद विक्रेताओं की सूची ब्लाक वार प्रदान की गई कि जिन्होंने एक-एक किसान को पीओएएस मशीन से 100 से अधिक खाद की बोरियों की बिक्री की है। प्रथम दृष्टया 60 से अधिक ऐसे खाद विक्रेता चिन्हित किए गए। शेष की सूची बनाई जा रही है। सभी सहायक विकास अधिकारी कृषि को निर्देश दिया गया है कि वे दो दिन में अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे।

क्या था मामला

पिपरौली ब्लाक स्थित भतेहड़ी गांव निवासी रामलखन यादव की गांव में स्थित ‘यादव खाद भंडार के लाइसेंस की वैधता 22 जून 2014 को खत्म हो गई थी। सनद रहे कि जालसाजों ने रामलखन के लाइसेंस की आईडी-125676 को ही आधार बना कर तकरीबन 15693 बोरी(784.65 मिट्रीक टन ) खाद का घोटाला कर डाला। 11 दिसंबर को रामलखन को घोटाले की जानकारी हुई। 15 दिसंबर को जिला कृषि अधिकारी कार्यालय में शिकायत दी लेकिन 17-18 दिसंबर पूरी खाद बेच दी गई। फिलहाल इस पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है। जांच के दायरे में ऐसे भी विक्रेता है जिन्होंने भारी मात्रा में पीओएस मशीन से खाद की बिक्री की है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Four Fertilaizer dealers licence suspended in Scam