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पूर्व मंत्री ने खोला पार्टी जिलाध्यक्ष के खिलाफ मोर्चा

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री शाकिर अली ने दल के 6 नेताओं के साथ बुधवार को अपनी ही पार्टी के जिलाध्यक्ष के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। उन्होंने पार्टी जिलाध्यक्ष राम इकबाल यादव पर भाजपा की मिलीभगत से पार्टी के जिला पंचायत अध्यक्ष रामप्रवेश यादव के खिलाफ अविश्वास लाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि डीएम ने नियम को दरकिनार कर अविश्वास की नोटिस को स्वीकार किया। पुलिस ने जिला पंचायत अध्यक्ष को भगोड़ा व उन पर ईनाम घोषित करने में काफी जल्दबाजी की। जिस तरह अध्यक्ष को हथकड़ी लगाई गई, वह लोकतंत्र का अपमान है।  अली ने बुधवार को एक होटल में दल के आधा दर्जन नेताओं के साथ पत्रकारों से बात की। पत्रकार वार्ता में पूर्व एमएलसी जे पी जायसवाल, पूर्व विधायक मनबोध प्रसाद, पूर्व जिलाध्यक्ष बाबूलाल यादव, पूर्व जिलाध्यक्ष गेंदालाल यादव, कमला यादव व पूर्व जिला महासचिव हुसैन अहमद मौजूद रहे। श्री अली ने कहा कि पुलिस कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न कर उनके अंदर भय पैदा करने का प्रयास कर रही है। जिला पंचायत अध्यक्ष पर केस दर्ज करने के बाद से ही उन्हें संरक्षण देने वालों को चिह्नित करने का दावा कर पुलिस सपा नेताओं को धमकी देती रही। बीते एक माह से यह सब चल रहा है, लेकिन पार्टी के जिलाध्यक्ष की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की गई। और तो और पार्टी के जिला पंचायत के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी के इशारे पर अविश्वास प्रस्ताव लाया गया, जिसे जिलाधिकारी ने नियमों को दरकिनार कर स्वीकार कर लिया। उन्होंने पार्टी जिलाध्यक्ष पर भाजपा से मिलीभगत कर इसमें शामिल होने का आरोप लगाया।

जिपं अध्यक्ष को हथकड़ी लगाने पर जताई आपत्ति
पूर्व मंत्री ने कहा कि जिला पंचायत अध्यक्ष ने अगर अपहरण, जबरन जमीन बैनामा कराया है तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने व कार्रवाई करने पर पार्टी को कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ पुलिस ने जिस तरह का व्यवहार किया, उस पर दल को कड़ी आपत्ति है। भगोड़ा व ईनाम घोषित करने की प्रक्रिया है, लेकिन पुलिस ने जिस दिन एफआईआर दर्ज किया, उसी दिन उन्हें भगोड़ा घोषित किया और दस हजार का ईनाम भी घोषित कर दिया। पूर्व एमएलसी जे पी जायसवाल ने कहा कि पार्टी के किसी भी कार्यकर्ता का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसको लेकर शीघ्र ही आंदोलन किया जाएगा। 

नियमों को दरकिनार कर डीएम ने स्वीकार किया अविश्वास
अली ने जिलाधिकारी पर नियमों के विरूद्ध अविश्वास की नोटिस स्वीकार करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अविश्वास की नोटिस पर चौतीस सदस्यों के हस्ताक्षर थे, लेकिन उस समय केवल दस सदस्यों का ही सत्यापन हो पाया। डीएम ने दूसरे दिन का समय दे दिया, उस दिन भी केवल 26 सदस्य ही आए। इस पर जिलाधिकारी को अविश्वास की नोटिस को खारिज कर देना चाहिए, लेकिन इसके बाद भी उन्होंने तब तक समय दिया, जब तक तीस सदस्य हो गए नहीं।  

सपा जिलाध्यक्ष ने आरोपों को नकारा
पूर्व मंत्री के द्वारा लगाए गए आरोपों की बावत पूछे जाने पर सपा जिलाध्यक्ष राम इकबाल यादव ने सभी आरोपों को नकार दिया। उन्होंने कहाकि जिला पंचायत अध्यक्ष रामप्रवेश यादव के प्रकरण की पूरी रिपोर्ट पार्टी नेतृत्व को दे दी थी। नेतृत्व की तरफ से इस मामले में कोई कार्रवाई करने का निर्देश अभी तक नहीं मिला है। पार्टी नेतृत्व जैसा निर्देश देगा वैसा किया जाएगा। भाजपा से मिलीभगत का आरोप निराधार है। 

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  • Web Title:Former minister opens party against district president