DA Image
1 मार्च, 2021|5:52|IST

अगली स्टोरी

30 माह तक रेलवे को मालूम ही नहीं चला कि कहां जाएगी बोगी

अभी बस्ती में बुकिंग के चार साल बाद रैक आने का मामला सामने आया था कि गोण्डा में पकड़े गए एक दूसरे मामले से रेल अफसरों के होश फाख्ता हो गए। जी हां गोण्डा के यार्ड में नेफ्था ऑयल से भरी बोगी 30 महीने से सिर्फ इसलिए खड़ी रही कि रेलकर्मियों का पता ही नहीं था कि उस बोगी को जाना कहां है। काफी खोनबीन के बाद 23 अगस्त को पता चला कि बोगी को गुजरात के बाड़ीपुर जाना था। गनीमत यह रही कि 30 महीने से खड़ी नेफ्ता ऑयल से भरी बोगी में कोई हादसा नहीं हुआ।  

गंतव्य स्टेशन कनेक्ट न होने से 2016 से गोंडा यार्ड में खड़ी है नेफ्था तेल लदी बोगी
काफी खोजबीन के बाद 23 अगस्त को पता चला कि बोगी को कहां भेजना था
गुजरात के बाड़ीपुर से बहुली के लिए बुक थी बोगी
नेफ्था आयल से भरी थी बोगी, कभी भी हो सकता था कोई बड़ा हादसा
कर्मचारियों की इस बड़ी चूक से रेलवे को हो गया है लाखों का का नुकसान

रेलवे अफसरों की जांच के बाद सामने आया कि आठ दिसम्बर 2015 में बीटपीएन मालगाड़ी बाड़ीपुर से बहुली के लिए रवाना हुई थी। करीब दो महीने बाद मालगाड़ी की एक बोगी नम्बर 2620014978 गोण्डा में डिसकनेक्ट हो गई। डिसक्नेक्ट होने के बाद बोगी गोण्डा के ही यार्ड में खड़ी कर दी गई। फरवरी 2016 से खड़ी बोगी की जानकारी न तो डिस्पैच रेलवे न की और न ही रिसीविंग रेलवे ने। तभी से बोगी वहीं खड़ी रही। हाल ही में जब इसकी खोजबीन शुरू हुई तो पता चला कि 2620014978 नम्बर की बोगी गोण्डा यार्ड में खड़ी है और उसे बहुली जाना है। इसकी जानकारी होते ही नार्दर्न और एनई रेलवे के अफसरों में हड़कंप मच गया। तत्काल इसकी औपचारिकता पूरी करते बोगी को बहुली जाने वाली मालगाड़ी में कनेक्ट कर दिया गया। 

कर्मचारियों की चूक से रेलवे को लाखों का चूना
रेलवे की इस चूक से रेलवे को लाखों का चूना लगा है। अगर यह बोगी सर्विस में रहती तो 30 महीने में 50 लाख रुपये से ज्यादा का आय देती।
अभी तक कोई नहीं लेने आया है खाद
बस्ती में बुकिंग के चार साल बाद आई खाद को पूछने वाला कोई नहीं है। चार साल में जैसे-तैसे बोगी तो आ गई लेकिन उसे लेनी वाली पार्टी अब तक नहीं पहंुची। 

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:For 30 months the railway did not know where to go