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बीआरडी में गुण्डे बने जूनियर डॉक्टर, ओपीडी में महिला, बच्चे और कैंपस में युवक को पीटा

बीआरडी में गुण्डे बने जूनियर डॉक्टर, ओपीडी में महिला, बच्चे और कैंपस में युवक को पीटा

बीआरडी मेडिकल कालेज में जूनियर डॉक्टर गुण्डई पर उतर आए हैं। बुधवार को जूनियर डॉक्टरों ने बच्चे का इलाज कराने पहुंची महिला और उसके दो बच्चों को पीट दिया। शाम को जूनियर डॉक्टरों ने कैंपस में शिक्षक आवास के पास बाइक सवार को पीटकर उसके पास रखे 10 हजार रुपए लूट लिए। दोनों ही मामलों में पीड़ितों ने पुलिस को तहरीर दी। पुलिस ने दोनों मामलों में मुकदमा दर्ज नहीं किया।

बालरोग विभाग में महिला व बच्चे को पीटा

बुधवार को जूनियर डॉक्टरों की गुण्डई की पहली घटना बालरोग विभाग की ओपीडी में हुई। देवरिया की रहने वाली सरोज देवी अपने पुत्र 10वर्षीय अमन और छह वर्षीय भोला को लेकर ओपीडी में इलाज कराने पहुंची। दोनों बच्चों की तबीयत खराब है। पुलिस को दिए तहरीर में सरोज ने बताया कि दोनों बच्चों की तबीयत लंबे समय से खराब है। एक सितंबर को इलाज कराया था। दवा से काफी आराम मिला। आज दोबारा इलाज कराने पहुंची। ओपीडी में मौजूद जूनियर डॉक्टर ने बच्चों का इलाज करने से इनकार कर दिया। पूछने पर डॉक्टर ने पहले तो गाली दी फिर पीट दिया। डॉक्टर की पिटाई से बेहोश हो गई। दोनों बच्चे रोने लगे। डॉक्टरों ने उन्हें भी नहीं बख्शा। डॉक्टरों ने पीटने का कारण भी नहीं बताया। मामला बिगड़ता देख वहां दूसरे डॉक्टर पहुंचे। उन्होंने दोनों मासूमों का इलाज किया। इसके बाद वह दोनों मासूमों को लेकर थाने पर डॉक्टर की शिकायत करने पहुंची। पुलिस ने तहरीर लेकर उसे रवाना कर दिया।

पुलिसकर्मी के बेटे से लूट लिए रुपए

बालरोग विभाग की घटना के चार घंटे बाद ही जूनियर डॉक्टरों की गुण्डई का एक और मामला सामने आ गया। दो बाईक पर सवार आधा दर्जन जूनियर डॉक्टरों ने कैंपस में स्थित शिक्षक आवास के पास बाइक सवार युवक को पीटा और 10 हजार रुपए जबरन छीन लिए। घटना पूर्व प्राचार्य डॉ. ललित मोहन के आवास के पास हुई। चिलुआताल निवासी पुलिसकर्मी के पुत्र विवेक कुमार ने पुलिस को दिए तहरीर में बताया कि वह जरूरी सामान खरीदने जा रहा था। पूर्व प्राचार्य के आवास के पास दो बाईक पर सवार छह डॉक्टरों ने तेज रफ्तार से ओवरटेक किया। उनके लहराकर चलाने के कारण गिरने से बचा। इस उन्हें सही से बाइक चलाने की नसीहत दे दी। जूनियर डॉक्टरों को यह नागवार लगा। वह पीटने लगे। जेब में रखा 10 हजार रुपए ले लिए। कपड़े फाड़ दिए। बाइक की चाभी फेंक दी। डॉक्टर जान से मारने की धमकी देते हुए चले गए। पीड़ित ने इस मामले में आधा दर्जन जूनियर डॉक्टरों के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी।

अधिकारियों ने लगा रखी है मुकदमा दर्ज करने पर रोक

दोनों मामलों में पुलिस ने अब तक मुकदमा दर्ज नहीं किया। सूत्रों की माने तो पुलिस के आला अधिकारियों ने जूनियर डॉक्टरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने पर रोक लगा दी है। यही वजह है कि पुलिस ने दोनों तहरीरों को ठंडे बस्ते में डाल दिया है।

48 घंटे में विवादों में आए जूनियर डॉक्टर

बीआरडी में सोमवार को ही जूनियर डॉक्टरों और तीमारदारों में हिंसक संघर्ष हुआ। इस मामले में छह डॉक्टर और छह तीमारदार घायल हुए। दो तीमारदारों की हालत नाजुक बनी है। पुलिस ने एकतरफा कार्रवाई करते हुए प्राचार्य की तहरीर पर तीन तीमारदारों को गिरफ्तार कर लिया। वहीं दूसरी तरफ घायल तीमारदारों का मुकदमा दर्ज करने से इनकार भी कर दिया।

मैं अभी बालरोग विभाग के एचओडी के साथ बैठक किया हूं। उन्होंने इसका जिक्र नहीं किया। अब जूनियर डॉक्टर पीट दें तो मैं क्या कर सकता हूं।

डॉ. गणेश कुमार, प्राचार्य, बीआरडी मेडिकल कालेज

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  • Web Title:Fight in BRD Medical college Junior doctors showed their angre