ट्रेंडिंग न्यूज़

अगला लेख

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

Hindi News उत्तर प्रदेश गोरखपुरपर्याप्त उपलब्ध है खाद, ज्यादा कीमत लें तो करें शिकायत

पर्याप्त उपलब्ध है खाद, ज्यादा कीमत लें तो करें शिकायत

गोरखपुर। मुख्य संवाददाता गोरक्षनगरी में इस बार खरीफ की फसल 1.62 लाख हेक्टेयर

पर्याप्त उपलब्ध है खाद, ज्यादा कीमत लें तो करें शिकायत
हिन्दुस्तान टीम,गोरखपुरThu, 20 Jun 2024 10:30 AM
ऐप पर पढ़ें

गोरखपुर। मुख्य संवाददाता
गोरक्षनगरी में इस बार खरीफ की फसल 1.62 लाख हेक्टेयर में बोई जाएगी। सर्वाधिक 1.56 लाख हेक्टेयर में धान की बुआई की जाएगी। किसान 70 फीसदी किसान नर्सरी डालने का काम पूरा कर चुके तो कुछ बारिश के इंतजार में हैं। 10 जुलाई से रोपाई का सिलसिला शुरू हो जाएगा। ऐसे में यूरियाए डीएपी और एनपीके सरीखी खाद की जरूरत पड़ेगी, लेकिन चिंता की बात नहीं है। जनपद में पूरे खरीफ सीजन के लक्ष्य से अधिक खाद की उपलब्धता है।

जिला कृषि अधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक खरीफ सीजन में 39740 टन यूरिया का लक्ष्य है जिसके सापेक्ष 39880 टन यूरिया उपलब्ध है जिसमें 1325 टन का वितरित किया गया। इसी तरह 4670 टन डायमोनियम फ़ॉस्फ़ेट (डीएपी) के लक्ष्य के सापेक्ष 8595 टन डीएपी उपलब्ध है। 293 टन किसान भाईयों को उपलब्ध हो चुका है। 3611 टन (नाइट्रोजन, फ़ॉस्फ़ोरस, पोटैशियम) एनपीके के सापेक्ष उपलब्धता 5621 टन और वितरण 104 टन है। सिंगल सुपर फ़ॉस्फ़ेट (एसएसपी) के पूरे सीजन के लक्ष्य 6100 टन के सापेक्ष 9723 टन उपलब्धता है। 121 टन का वितरित हो गई है। म्यूरेट ऑफ़ पोटाश (एमओपी) का लक्ष्य 310 टन हैं जिसके सापेक्ष 532 टन उपलब्धता और 10 टन वितरण है।

खाद के साथ टैगिंग और ज्यादा कीमत पर शिकायत करें

जिला कृषि अधिकारी डीपी सिंह ने किसान भाईयों से अपील किया है कि बोरे पर अंकित मूल्य को देख कर ही खाद की खरीद करें। ई पॉश मशीन पर अंगूठा जरूर लगाए और उससे निकालने वाली पर्ची पर अंकित मूल्य और खाद की मात्रा को जरूर देखे। यूरिया के 45 किलोग्राम के बैग के लिए 266.50 रुपये, डीएपी के 50 किलोग्राम के बैग के लिए 1350 रुपये, एनपीके 50 किलोग्राम का बैग अधिकतम 1470 रुपये, एमओपी के लिए 1700 रुपये प्रति बोरी से अधिक कीमत न दें। अपील किया कि बिना वजह खाद स्टोर न करें बल्कि जितनी जरूरत है, उतनी ही खरीदें। खाद विक्रेता, यदि किसी खाद के साथ जबरन कोई उत्पाद लेने की शर्त रखता है तो उसकी मनमानी की बिना संकोच जिला कृषि अधिकारी कार्यालय या ब्लाक स्तरीय कृषि अधिकारी को शिकायत करें।

यह हिन्दुस्तान अखबार की ऑटेमेटेड न्यूज फीड है, इसे लाइव हिन्दुस्तान की टीम ने संपादित नहीं किया है।