
यूरिया संग कैल्सियम खरीदने को मजबूर कर रही उर्वरक कंपनी
Gorakhpur News - गोरखपुर में डीलरों और विक्रेताओं ने यारा फर्टिलाइजर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ आरोप लगाया है कि कंपनी यूरिया की आपूर्ति रोकने की धमकी देकर यारा लीवा नाइट्रोवोर की मांग करती है। इससे किसानों को अतिरिक्त मूल्य चुकाना पड़ रहा है। वे जांच और कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
गोरखपुर, मुख्य संवाददाता। यारा फर्टिलाइजर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ डीलरों, थोक और फुटकर विक्रेताओं का आरोप है कि कंपनी द्वारा यूरिया के साथ उन्हें यारा लीवा नाइट्रोवोर 25 किग्रा की आपूर्ति दी जाती है। इसे न लेने पर कंपनी यूरिया की आपूर्ति रोक देती है। डीलरों थोक और फुटकर विक्रेताओं ने यारा समेत ऐसा करने वाली दूसरी उर्वरक कंपनियों के खिलाफ जांच करा कार्रवाई की मांग की है। डिलरों की शिकायत है कि उनके पास यारा फर्टिलाइजर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की डीलरशिप है। कंपनी उनकी फार्म को यूरिया और यारा लीवा नाइट्रोवोर 25 किग्रा आपूर्ति देती है। कंपनी यूरिया की आपूर्ति करने के एवज में यारा लीवा नाइट्रोवोर की मांग लिखित रूप में मांगती है।
यदि यारा लीवा नाइट्रोवोर की मांग लिखित में नहीं देते हैं तो यूरिया की आपूर्ति रोक देती है। थोक व फुटकर विक्रेताओं से ज्ञात हुआ कि कंपनी अनुदानित यूरिया के साथ यारा लीवा नाइट्रोवोर की बिक्री का दबाव बनाती है। इससे किसानों को यूरिया का अधिक मूल्य चुकाना पड़ता है। लेकिन टैगिंग करने पर फुटकर उर्वरक विक्रेताओं पर कार्रवाई होती है। कृषि विभाग निरंतर अभियान चलाता है कि किसानों को यूरिया के साथ यदि किसी अन्य उत्पाद को टैग किया तो कार्रवाई होगी। थोक और फुटकर विक्रेताओं की मांग है कि आगरा की तर्ज पर यहां भी जांच करा कर कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की जाए। तभी यह मनमानी थमेगी। उधर उप कृषि निदेशक धनंजय सिंह ने कहा कि लिखित शिकायत मिलेगी तो यूरिया डीएपी संग अन्य उत्पाद खरीदने को मजबूर करने वाली उर्वरक कंपनियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

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