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एक जुलाई से सूबे में लागू होगी फार्मर रजिस्ट्री

गोरखपुर, मुख्य संवाददाता। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि एग्रीस्टैक (डिजिटल...

एक जुलाई से सूबे में लागू होगी फार्मर रजिस्ट्री
हिन्दुस्तान टीम,गोरखपुरSun, 23 Jun 2024 03:00 AM
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गोरखपुर, मुख्य संवाददाता।
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि एग्रीस्टैक (डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर फार एग्रीकल्चर) योजना के तहत किसानों की फार्मर रजिस्ट्री तैयार करने का अभियान एक जुलाई से शुरू होगा। एक जुलाई से 31 जुलाई के पहले चरण में गांव-गांव शिविर लगा किसानों का पंजीकरण होगा। एक अगस्त के बाद किसान खुद मोबाइल एप के माध्यम से या जन सुविधा केंद्रों में जाकर अपनी फार्मर रजिस्ट्री तैयार कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि फार्म रजिस्ट्री इसलिए भी आवश्यक है क्योंकि जुलाई माह में पीएम किसान की 18वीं किस्त तो मिल जाएगी लेकिन दिसंबर 2024 में मिलने वाली 19वीं किस्त उन्हीं किसानों को मिलेगी जिनकी ‘फार्मर रजिस्ट्री होगी।

यह बातें कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहीं। वह शनिवार को एनेक्सी भवन साभागर में गोरखपुर, बस्ती एवं आजमगढ़ मण्डल की मण्डलीय खरीफ उत्पादकता गोष्ठी 2024 को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सभी मुख्य विकास अधिकारियों को इसके लिए अभी से कार्य योजना बना लेनी चाहिए। किसानों की फार्मर रजिस्ट्री तैयार होने के बाद उन्हें सिर्फ पीएम किसान ही नहीं केसीसी, फसल बीमा, एमएसपी, कृषि इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड जैसी योजनाओं के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। बल्कि केंद्र एवं प्रदेश सरकार की किसानों के लिए लाई गई योजना का लाभ स्वत: पहुंचने लगेगा।

क्या है फार्मर रजिस्ट्री

किसान रजिस्ट्री में किसी भी गांव एवं जिले की जमीन उनके नाम होगी, फार्मर रजिस्ट्री में सभी एक स्थान पर पंजीकृत हो जाएगी। किसान अंश का निर्धारण भी दिखेगा। उन्होंने बताया कि 2 करोड़ 9 लाख किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि की किस्त मिली है। यह दिसंबर में भी मिले इसलिए जरूरी है कि किसान भाई फार्मर रजिस्ट्री पर एक जुलाई से चलने वाले अभियान में पंजीकरण करा लें।

दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर बनेगा उत्तर प्रदेश: सूर्य प्रताप शाही

कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि साल 2016-17 में दलहन उत्पादन 23.94 लाख टन था, 2023-24 में बढ़ कर 32.53 लाख टन हो गया। इस दौरान 36 प्रतिशत की अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है। कृषि मंत्री शाही ने बताया गया कि वर्ष 2027-28 तक प्रदेश अपनी आवश्यकता के अनुरूप दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर हो जायेगा। किसानों से अपील किया कि खरीफ के समय में मुंगफली, अरहर और उड़द की खेती करें तो और आगे बढ़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि चावल उत्पादन में हम पंजाब, गेहूं उत्पादन में हरियाणा के करीब हैं। थोड़ा जोर लगाएंगे नम्बर वन हो जाएंगे।

कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, शनिवार को गोरखपुर, बस्ती एवं आजमगढ़ मण्डल की मण्डलीय खरीफ गोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। इसके पूर्व उन्होंने कृषि प्रदर्शनी का फीता काट कर उदघाटन किया। एफपीओ दुरकर फार्मा प्रोड्यूसर कंपनी पिपराइच गोरखपुर द्वारा 10 टन बेसन सिंगापुर निर्यात के प्रथम कन्साइनमेंट एवं कृषि विभाग ने 4 लाख रुपये अनुदान पर एफपीओ को उपलब्ध कराए गए जैविक उत्पाद वितरण वाहन को हरी झंड़ी दिखा रवाना किया। कृषि विभाग के स्टॉल पर भ्रमण कर किसानों का मनोबल भी बढ़ाया। उन्होंने कहा कि डिजिटल क्रॉप सर्वे किया जा रहा जिससे खेत में लगी हर फसल की जानकारी मिलेगी। क्षति का भी सही आकलन कर मुआवजा मिल सकेगा। कृषि गोष्ठी के मंच से उन्होंने उप निदेशक कृषि डॉ अरविंद सिंह की सराहना की। गोष्ठी के मंच से विधायक विपिन सिंह ने भी संबोधित किया। गोष्ठी में मण्डलायुक्त अनिल ढींगरा, जिलाधिकारी कृष्णा करुणेश समेत सभी जिलों के मण्डलायुक्त, जिलाधिकारी, सीडीओ समेत कृषि, पशुपालन, मत्स्य, दुग्ध, सिंचाई, बिजली, गण्डक, बीज निगम से संबंधित अधिकारी एवं जिलों से आए किसान उपस्थित रहे।

खाद के साथ किसी उत्पाद की टैगिंग बर्दाश्त नहीं: मनोज कुमार सिंह

कृषि उत्पादन आयुक्त मनोज कुमार सिंह ने सभी जिलों से आए मुख्य विकास अधिकारियों से कहा कि खाद के साथ किसी उत्पाद की टैगिंग नहीं होनी चाहिए। कोई उत्पाद उपयोगी होगा तो किसान स्वत: खरीदेगा।

खाद की तस्करी पर कड़ी निगाह रखे: देवेश चतुर्वेदी

अपर मुख्य सचिव कृषि, कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान विभाग देवेश चतुर्वेदी ने कहा कि गोरखपुर, बस्ती, आजमगढ़ मण्डल के सभी जिलों आए जिलाधिकारियों एवं मुख्य विकास अधिकारियों को निर्देश दिया कि नेपाल और दूसरे राज्यों से जुड़ी सीमाओं पर खाद की तस्करी पर कड़ी नजर रखे।

कृषि विभाग में तीन साल से एक ही पटल पर जमें कर्मचारी हटेंगे

अपर मुख्य सचिव कृषि, कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान विभाग देवेश चतुर्वेदी ने सीडीओ एवं कृषि विभाग के अधिकारियों से कहा कि किसी भी किसान को सत्यापन के लिए दफ्तर में न बुलाएं। बल्कि कर्मचारी किसान के घर जाकर सत्यापन करेगा। सीडीओ से कहा कि ऐसी शिकायत मिले तो उन्हें रिपोर्ट करें।

मत्स्य पालकों को फिंगर साइज फिश सीड देंगे: रविंदर

पशुधन, दुग्ध, मत्स्य विभाग के प्रमुख सचिव रविंदर ने किसानों से अपील किया कि वे नंद बाबा दुग्ध मिशन योजना, नंदनी कृषक समृद्धि योजना से जुड़े। अपने पशुओं के ईटर टैग, कृत्रिम गर्भाधान, पशुपालन एप पर पंजीकरण, टीकाकरण संबंधी योजनाों से अवगत कराया।

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