Hindi NewsUttar-pradesh NewsGorakhpur NewsFake IAS Gaurav Kumar Dupes Farmer of 4 5 Lakhs in Gorakhpur
फर्जी आईएएस ने जमीन दिलाने के नाम पर किसान से हड़पे 4.50 लाख रुपये

फर्जी आईएएस ने जमीन दिलाने के नाम पर किसान से हड़पे 4.50 लाख रुपये

संक्षेप:

Gorakhpur News - गोरखपुर में खुद को आईएएस बताने वाले जालसाज ललित किशोर ने किसान से जमीन के नाम पर 4.50 लाख रुपये ठग लिए। आरोपी अपने सहयोगियों के साथ मिलकर फर्जी आईडी दिखाकर ठगी करता था। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। वह कई राज्यों में धोखाधड़ी कर चुका है।

Feb 06, 2026 05:08 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, गोरखपुर
share Share
Follow Us on

गोरखपुर में फर्जी आईएएस बनकर ठगी करने वाले शातिर अपराधी ललित किशोर उर्फ गौरव कुमार का एक और कारनामा सामने आया है। खुद को 2022 बैच का आईएएस अधिकारी बताने वाले इस जालसाज ने अब भटहट के एक किसान, ब्रह्म सिंह, को अपनी ठगी का शिकार बनाया है। जमीन दिलाने के नाम पर किसान से साढ़े चार लाख रुपये हड़प लिए गए। पीड़ित की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए गुलरिहा थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

जमीन के नाम पर धोखाधड़ी और फर्जीवाड़ा

पीड़ित किसान ब्रह्म सिंह के अनुसार, गौरव कुमार मेडिकल कॉलेज के पास किराए के कमरे में रहता था और बड़े रसूख का दिखावा करता था। जून 2025 में किसान की मुलाकात परमानंद गुप्ता और अभिषेक गुप्ता से हुई, जिन्होंने खुद को आईएएस अधिकारी का निजी सचिव (पीएस) बताया। उन्होंने भरोसा दिया कि उनके साहब की प्रशासनिक पहुंच बहुत ऊपर तक है और वे फुलवरिया व नाहरपुर में आसानी से जमीन दिला देंगे। झांसे में आकर किसान ने अगस्त से अक्टूबर 2025 के बीच किस्तों में कुल 4.50 लाख रुपये आरोपियों के खातों में भेज दिए।

जांच में खुलासा हुआ कि गौरव कुमार का असली नाम ललित किशोर है। इस पूरे खेल में उसके साले, पत्नी और अन्य सहयोगियों ने मिलकर जाली दस्तावेज और फर्जी आईडी कार्ड का इस्तेमाल किया था। पुलिस की पड़ताल में यह भी पता चला है कि यह गिरोह यूपी, बिहार, झारखंड और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में भी सक्रिय रहा है। पुलिस ने मुख्य आरोपी ललित किशोर को दिसंबर 2025 में बिहार के सीतामढ़ी से गिरफ्तार किया था। वर्तमान में पुलिस इस गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके द्वारा की गई अन्य ठगी की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।