खाड़ी देशों से आए अजवा और किमिया खजूर
Gorakhpur News - गोरखपुर में रमज़ान की शुरुआत के साथ दुकानदारों में उत्साह है। व्यापारी खाड़ी देशों से विभिन्न प्रकार के खजूर लाए हैं, जैसे अजवा, किमिया, सफावी, खुदरी और मबरूम। इस बार खजूर की बिक्री में 20 प्रतिशत वृद्धि की उम्मीद है। खजूर की कीमत ₹150 से ₹1600 प्रति किलो तक है।

गोरखपुर, निज संवाददाता मुकद्दस का महीना रमजान शुरू होने वाला है। इसको लेकर दुकानदार भी उत्साहित हैं। बाजार में खजूर की मिठास भी घुलने लगी है। रोजा में इफ्तार की शुरुआत खजूर से करने की परंपरा के चलते व्यापारियों ने डिमांड को देखते हुए पहले से ही खजूर मंगा लिया है। लोगों के स्वाद और पसंद का खास ख्याल रखते हुए व्यापारियों ने खाड़ी के विभिन्न देशों से कई तरह के खजूर मंगाए हैं। इसमें अजवा, किमिया, सफावी, खुदरी और मबरूम बहुतायत में मंगाया गया है। व्यापारियों को उम्मीद है कि खजूर के दामों में खास वृद्धि न होने से पिछले बार की अपेक्षा इस बार 20 प्रतिशत ज्यादा बिक्री होगी।
शहर के घंटाघर, रेती चौक, नखास, बक्शीपुर, रुस्तमपुर और रेलवे स्टेशन रोड स्थित दुकानदारों ने पहले से स्टॉक कर लिया है। घंटाघर के बड़ी मस्जिद के पास के खजूर विक्रेता शकील अहमद के अनुसार रमज़ान के दौरान खजूर की बिक्री सामान्य दिनों की तुलना में तीन से चार गुना तक बढ़ जाती है। सबसे ज्यादा बिकने वाली खजूर अजवा है। इसके बाद किमिया, सफावी, खुदरी और मबरूम है। नखास में सेवई और खजूर के विक्रेता रुमान और शहनवाज ने बताया कि इस समय बाजार में खजूर 150 से लेकर ₹1600 रुपये प्रति किलो तक उपलब्ध है। अजवा खजूर ₹900 से 1600 रुपये प्रति किलो, किमिया ₹600 से 1200 रुपये, मबरूम 800 से 1000 रुपये, सफावी ₹500 से 900 रुपये और खुदरी ₹350 से ₹700 प्रति किलो बिक रही है। चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष संजय कुमार सिंहानिया के अनुसार पिछले रमजान में गोरखपुर जिले में खजूर का करीब 15 से 18 करोड़ का कारोबार हुआ था। इस साल व्यापारियों को 15 से 20 प्रतिशत अधिक बिक्री की उम्मीद है। अनुमान है कि इस बार खजूर की बिक्री 25 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है। खजूर के दाम में पिछले साल की अपेक्षा इस साल 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। कहां से आता है खजूर खजूर प्रमुख रूप से सऊदी अरब, ईरान, इराक और संयुक्त अरब अमीरात से आयात किया जाता है। इनमें सऊदी अरब के मदीना से आने वाला अजवा खजूर सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है। वहीं ईरान से आने वाला किमिया, जबकि इराक व यूएई से सफावी, खुदरी और मबरूम खजूर गोरखपुर के बाजारों में पहुंचता है। भारत में भी राजस्थान और गुजरात में सीमित मात्रा में खजूर का उत्पादन होता है।
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