Engineers-managers are also want Khalasi Job in Gorakhpur - इंजीनियरों-मैनेजरों को भी चाहिए खलासी की नौकरी DA Image

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class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

इंजीनियरों-मैनेजरों को भी चाहिए खलासी की नौकरी

केस-1
नाम-रंजीत सिंह 

वर्तमान पद-सहायक प्रबंधक, निजी कंपनी, गोरखपुर
बड़हलगंज के रहने वाले रंजीत एक निजी कंपनी में बतौर सहायक प्रबंधक काम करते हैं। लम्बे समय से सरकारी नौकरी की तलाश में रहे लेकिन न मिलने से निजी कंपनी में एमबीए की डिग्री होने की वजह से सहायक प्रबंधक की नौकरी मिल गई। 35 हजार वेतन भी पाते हैं और रोज टाई लगाकर आफिस भी आते हैं। अलग से केबिन भी है। एसी अलग से। इन सब सुविधाओं के बाद भी रंजीत रेलवे की ग्रुप डी में जाना चाहते हैं। इसके लिए रंजीत ने छह महीने कोचिंग भी की। रंजीत का कहना है कि सरकारी नौकरी सुरक्षित है भले ही छोटी क्यो न हो।  

केस-2
नाम-दिवाकर शर्मा  
वर्तमान पद-साफ्टवेयर इंजीनियर, निजी कंपनी नोएडा

बशारतपुर के रहने वाले दिवाकर नोएडा के एक साफ्टवेयर कंपनी में साफ्टवेयर इंजीनियर के पद पर तैनात हैं। 32 हजार वेतन है और आवास भी मिला हुआ। नोएडा के ही एक कॉलेज से दिवाकर ने कम्प्यूटर इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्र्री हासिल की है। सबकुछ ठीक होने के बाद भी दिवाकर रेलवे में खलासी, ट्रैकमैन-गैंगमैन बनने की चाहत रखते हैं। रंजीत की तरह दिवाकर का भी कहना है कि रेलवे में पद भले ही कोई भी क्यों न हो कम से कम सुरक्षित तो है। यह तो नहीं एक छोटी से गलती हुई और नौकरी से बाहर। 

सरकारी नौकरी की चाहत में प्राइवेट कंपनियों में काम कर रहे साफ्टवेयर इंजीनियर और मैनेजर जैसे कई नौकरीपेशा इन दिनों रेलवे मेंं खलासी, ट्रैकमैन और गैंगमैन बनने के लिए परीक्षा दे रहे हैं। हजारों नौकरीपेशा परीक्षा दे चुके हैं जबकि हजारों अभी कतार में खड़ें हैं। दिवाकर और रंजीत तो महज बानगी भर हैं। गोरखपुर में परीक्षा दे रहे परीक्षार्थियों में लगभग 40 फीसदी परीक्षार्थी किसी न किसी निजी कंपनी में नौकरी कर रहे हैं। साथ ही पांच फीसदी ऐसे हैं तो खुद का व्यवसाय कर रहे हैं बावजूद रेलवे के ग्रुप डी की नौकरी पंसद कर रहे हैं। 

पढ़े-लिखों से संभले नहीं संभलती है गु्रप-डी की नौकरी
बीटेक-एमटेक और उच्च डिग्री प्राप्त अभ्यर्थी रेलवे में ग्रुप डी की नौकरी पा जाते हैं तो इनमें से कइयों से खलासी-गैंगमैन और ट्रैकमैन की नौकरी संभले नहीं संभलती है। ऐसे में कुछ समय नौकरी करने के बाद अधिकतर नौकरी छोड़ भाग खड़े होते हैं। 

बीते एक महीने से चल रही है गु्रप डी की परीक्षा
बीते एक महीने से गोरखपुर परीक्षा केन्द्र पर ग्रुप-डी की आनलाइन परीक्षा चल रही है। अभी यह नवम्बर तक चलेगी। इस परीक्षा में गोरखपुर से कुल दो लाख परीक्षार्थी नवम्बर तक शामिल होंगे।  

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